Practice._.perfect
कर्म कोई सज़ा नहीं देता, वह सिर्फ़ वही लौटाता है जो हमने किसी और को दिया होता है। इसलिए जब तुम किसी के भरोसे को तोड़ते हो, उसकी भावनाओं से खेलते हो, उसे झूठी उम्मीदों और अधूरे वादों के सहारे छोड़ देते हो, तब शायद उस पल तुम्हें अपनी जीत दिखाई दे, लेकिन कर्म उसी पल अपना हिसाब लिखना शुरू कर देता है। किसी की आँखों में आए आँसू, किसी टूटे हुए दिल की ख़ामोशी, किसी की रातों की बेचैनी कभी व्यर्थ नहीं जाती। इंसान भूल सकता है, माफ़ भी कर सकता है, लेकिन कर्म न भूलता है और न ही पक्षपात करता है। समय चाहे कितना भी लग जाए, एक दिन वही दर्द, वही एहसास, किसी न किसी रूप में लौटकर सामने खड़ा हो जाता है ताकि इंसान समझ सके कि उसने किसी और को क्या महसूस कराया था। इसलिए जीवन में हमेशा अपनी नीयत को साफ़ रखो, अपने शब्दों को सच्चा रखो और अपने कर्मों को ईमानदार रखो। क्योंकि अंत में इंसान अपनी बातों से नहीं, अपने कर्मों से पहचाना जाता है। और कर्म की सबसे बड़ी ख़ासियत यही है कि वह दे�
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Varanasi
221005