Ashish Singh Rajput
"धर्म हिंसा तथैव च:" जिसका अर्थ है, अहिंसा मनुष्य का परम धर्म है.. किन्तु धर्म की रक्षा के लिए हिंसा करना उससे भी श्रेष्ठ है.।
तू भोर का पहला तारा है,परिवर्तन का एक नारा है,
पवन तनय संकट हरण, मंगल मूर्ति रूप।
राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप॥
ज्येष्ठ मास के तृतीय मंगलवार ‘बड़ा मंगल’ के पावन पर्व पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
संकटमोचन भगवान श्री हनुमान जी की असीम कृपा सभी भक्तों पर सदैव बनी रहें।
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