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21/06/2015

पिता का अर्थ दोस्त, सीख, रक्षक, वाहक, गाईड, रचनाकार, शिल्पकार, शिक्षक, चिकित्सक, संस्कार और अनुभव है. या दूसरे शब्दों में उसे यह कह सकते हैं कि माँ के अलावा सब कुछ.अगर मॉ धरती है तो पिता सिर के उपर साया. एक ऐसी छत जिसके नीचे हम खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं.

Father's Day पर आप सभी के पिता को समर्पित कुछ पंक्तियॉ . . .

गीत लिखे मॉ की ममता पर. प्यार पिता का किसने देखा!
मॉ के आँसू सबने देखे !
दर्द पिता का किसने देखा !

मॉ की ममता परिभाषित है.
पितृ प्रेम को शब्द नहीं !
कितने अश्क छुपे पलकों में. वहॉ झॉंककर किसने देखा !
गीत लिखे . . . . .

उंगली पकड़ सिखाया चलना. छिटक दिया उन हाथों को !
तन की चोट सहन हो जाती.
मन का घाव न भरते देखा !
गीत लिखे . . . . .

दर्द छुपाकर बोझ उठाया.
झुकने दिया नहीं कंधों को !
कोई रख दे हाथ प्यार से.
इन्हें तरसते किसने देखा !
गीत लिखे . . . . .

विस्मृत हो जाये कटु यादें.
मंजिल पर जाने से पहले !
हो जाये ये साफ हथेली.
मिट जाये रिशतों की रेखा !
मॉ के आँसू . . . . . . .

मॉ का ऑचल छीन ले धरती.
तब लोरी पिता की किसने देखा !
अपना यौवन छोड़, समर्पण.
उसने तुम्हे बुलंदी पर देखा !

मॉ के आँसू सबने देखे !
दर्द पिता का किसने देखा !

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