Akarsh Hospital

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02/04/2026

प्रेग्नेंसी के दौरान सही पोषण मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
आपके द्वारा साझा किए गए पोस्टर के आधार पर, यहाँ खान-पान से जुड़ी कुछ मुख्य बातें दी गई हैं:
प्रेग्नेंसी के दौरान आहार (Trimester-wise Diet)
1. पहली तिमाही (1st Trimester)शुरुआत के तीन महीनों में बच्चे के अंगों का विकास होता है, इसलिए फोलेट (Folic Acid) बहुत जरूरी है।क्या खाएं: हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक), नट्स (बादाम, अखरोट), दालें और ताजे फल।फायदा: यह बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में मदद करता है।
2. दूसरी तिमाही (2nd Trimester)इस समय बच्चे की हड्डियों का विकास तेज होता है, इसलिए कैल्शियम और प्रोटीन की मांग बढ़ जाती है।क्या खाएं: दूध, दही, पनीर, अंडा, लीन मीट और सोयाबीन।फायदा: इससे बच्चे की हड्डियां मजबूत होती हैं और मां की ऊर्जा बनी रहती है।
3. तीसरी तिमाही (3rd Trimester)अंतिम महीनों में बच्चे का वजन तेजी से बढ़ता है, इसलिए फाइबर और विटामिन्स पर ध्यान दें।क्या खाएं: साबुत अनाज (ओट्स, दलिया), जामुन, रंग-बिरंगी सब्जियां और पर्याप्त पानी।फायदा: फाइबर पाचन को सही रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है।
कुछ जरूरी सावधानियां:आयरन: खून की कमी से बचने के लिए आयरन युक्त चीजें (अनार, चुकंदर) जरूर लें।
परहेज करें: कच्चा मांस, अधपके अंडे, ज्यादा कैफीन (चाय-कॉफी) और बाहर के जंक फूड से बचें।
नियमित जांच: डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर अल्ट्रासाउंड और चेकअप कराते रहें।
महत्वपूर्ण सूचना: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। अपनी स्थिति के अनुसार सटीक डाइट चार्ट के लिए डॉ. उर्मिला सिंह से संपर्क करें

Photos from Akarsh Hospital's post 28/03/2026

आकर्ष आरोग्य हॉस्पिटल दारौंदा (सिवान)में डॉ उर्मिला कुमारी द्वारा स्त्री एवं प्रसूति रोग का ईलाज किया जाता हैं यह बीमारी महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से अनियमित मासिक धर्म, पीसीओएस, फाइब्रॉएड, एंडोमेट्रियोसिस, बांझपन, योनि संक्रमण, गर्भाशय/अंडाशय कैंसर और गर्भावस्था संबंधी जटिलताएं (जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप) शामिल हैं। ये गर्भाशय, अंडाशय, नलिकाओं और स्तन ऊतक को प्रभावित करते हैं।
प्रमुख स्त्री रोग (Gynecological Diseases):
मासिक धर्म विकार: दर्दनाक माहवारी (Dysmenorrhea), अत्यार्तव (Heavy bleeding), और अनियमित माहवारी।
संक्रमण: योनिशोथ (Vaginitis), पेल्विक सूजन रोग (PID), और बैक्टीरिया वेजिनोसिस।
गांठ/कैंसर: फाइब्रॉएड (Fibroids), ओवेरियन सिस्ट (Ovarian cysts), गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical cancer), और अंडाशय कैंसर।
हार्मोनल: पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (PCOS)।
अन्य: एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स (गर्भाशय का खिसकना), और रजोनिवृत्ति (Menopause)।
प्रमुख प्रसूति रोग (Obstetric Diseases/Complications):
गर्भावस्था में ब्लीडिंग।
जेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भावधि मधुमेह)।
उच्च रक्तचाप (High blood pressure/Pre-eclampsia)।
अस्थानिक गर्भावस्था (Ectopic pregnancy)।
गर्भपात (Miscarriage)।
प्रसव संबंधी जटिलताएं (जैसे समय से पहले प्रसव)।

Photos from Science Of Medicine's post 20/09/2025
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