Siddharth Kasyap
03/12/2025
मुंबई के लिए उड़ान भरने को तैयार हूँ, पर सच कहूँ तो मन का एक बड़ा हिस्सा यहीं देवभूमि में छूट गया है।
बीते तीन दिन हिमालय की गोद में स्थित ‘आनंदा’ में किसी आध्यात्मिक यज्ञ से कम नहीं थे। वहाँ भारत के हमारे प्राचीन और सनातन ज्ञान—आयुर्वेद और वेदांत दर्शन—को इतनी गहराई और नए दृष्टिकोण से समझने का जो दुर्लभ अवसर मिला, उसने जीवन के प्रति मेरा नज़रिया ही बदल दिया।
पहले हिमालय के विराट दर्शन ने विनम्रता का पाठ पढ़ाया और फिर माँ गंगा की दिव्य आरती ने अंतरात्मा को शांत किया।
और आज दोपहर... प्रस्थान से ठीक पहले, ऋषिकेश के नीम बीच पर माँ गंगा के पावन जल में वह अंतिम स्नान। वह सिर्फ एक डुबकी नहीं थी, बल्कि इन सभी दिव्य अनुभवों का निचोड़ थी। ऐसा लगा जैसे अपनी सारी थकान और अज्ञान को माँ की धारा में बहाकर, एक नई पवित्रता धारण कर ली हो।
शरीर मुंबई लौट रहा है, पर आत्मा तृप्त है और एक नई, आध्यात्मिक ऊर्जा से भरकर लौट रही है।
फिर मिलेंगे देवभूमि! कृतज्ञ हूँ।
जय सनातन संस्कृति, जय माँ गंगे! 🙏✈️🏔️
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Laxman Jhula Road
Rishikesh