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मधुमेह - गर्भावस्था के दौरान एक अनचाहा अतिथि - SUGARCARE.IN 03/07/2018

गर्भावस्था के दौरान विभिन्न चिकित्सा स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिनमें मधुमेह की वजह से होने वाली जटिलताओं का अपना ही महत्व है। गर्भावस्था के दौरान होने वाला मधुमेह गर्भावधि मधुमेह के रूप में जाना जाता है। टाइप 1 मधुमेह (जहां पैंक्रियाज कम इंसुलिन उत्पन्न करता है या बिलकुल भी उत्पन्न नहीं करता ), और टाइप 2 मधुमेह (जहां शरीर इंसुलिन का सही ढंग से उपयोग नहीं करता है) की तरह, गर्भावस्था के दौरान मधुमेह तब हो जाता है जब आपका शरीर स्वाभाविक रूप से गर्भावस्था के कारण अधिक इंसुलिन-प्रतिरोधी बन जाता है। ऐसा इसलिए होता है ताकि आपके बच्चे को पोषण देने के लिए अधिक ग्लूकोज उपलब्ध हो। अगर गर्भावस्था के दौरान पैंक्रियाज इंसुलिन की बढ़ती मांग को पूरा करने में असमर्थ हो जाए, तब परिणामस्वरूप रक्त शर्करा का स्तर ऊँचा हो जाता है। अन्य प्रकार के मधुमेह के विपरीत, गर्भावस्था का मधुमेह स्थायी नहीं होता है। एक बार बच्चे का जन्म हो जाए, तो प्रसव के बाद रक्त शर्करा आम तौर पर सामान्य हो जाती है। लेकिन, इसे पहचानने और शीघ्रतापूर्वक इलाज करने की आवश्यकता है क्योंकि इससे मां और बच्चे दोनों के लिए स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। डॉ. नीता गुप्ता (एमडी, एम.आर.सी.ओ.जी. , फेलो प्रजनन चिकित्सा और वर्तमान में फोर्टिस नोएडा में बांझपन सलाहकार) आगे व्याख्या करती हैं: यदि कोई महिला गर्भवती होने की कोशिश कर रही है, या पहले ही गर्भधारण कर चुकी है, उस दौरान मधुमेह का इलाज करना गर्भवती मां और बच्चे , दोनों के लिए आवश्यक है। गर्भावस्था का मधुमेह आमतौर पर गर्भावस्था के सप्ताह 24 और सप्ताह 28 के बीच शुरू होता है। आपके रक्त में फैलती शर्करा आपके बच्चे के विकास में मदद करती है। इंसुलिन आपके रक्त में बढ़ने वाले ग्लूकोज या चीनी से निपटने का काम करता है। जब शरीर में पर्याप्त इंसुलिन (हार्मोन जो शर्करा को ऊर्जा को परिवर्तित करने में मदद करता है) उत्पन्न नहीं होता है तब गर्भावस्था का मधुमेह हो जाता है। मधुमेह के कारण दोनों को होने वाले जोखिम ध्यान देने योग्य है: बच्चे के लिए जोखिम - समयपूर्व प्रसव (बच्चा बहुत जल्दी पैदा हो सकता है), भारी वजन, या सांस लेने की समस्या या प्रसव के तुरंत बाद कम रक्त ग्लूकोज । -गर्भपात या अचानक आईयूडी (गर्भावस्था के दूसरे भाग के दौरान गर्भ में बच्चा मर जाता है) - जन्म दोष: बच्चे के मस्तिष्क, हृदय, गुर्दे और फेफड़े जैसे अंग गर्भावस्था के पहले 8 सप्ताह के दौरान बनाना शुरू होते हैं। उच्च रक्त ग्लूकोज का स्तर हानिकारक हो सकता है क्योंकि इससे जन्म दोष होने का मौका बढ़ सकता है, जैसे हृदय दोष या मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में दोष। - बिग बेबी (मैक्रोसोमिया नामक एक स्थिति) यह प्लेसेंटा को पार करने वाले अतिरिक्त इंसुलिन के कारण होती है। यह प्रसव में अवरोध का कारण बनता है और जन्म प्रक्रिया के दौरान योनि प्रसव मुश्किल बना सकता है जिससे बच्चे को घातक चोटों के खतरे बढ़ सकते हैं। बड़े आकार का होने के कारण जन्म के समय बच्चे में उच्च रक्त शर्करा स्तर तथा बाद में बचपन में मोटापा भी हो सकता है। -पीलिया भी गर्भावस्था के दौरान मधुमेह का जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। माँ के लिए जोखिम - प्रिक्लेम्प्शिया (उच्च रक्तचाप आमतौर पर मूत्र में प्रोटीन के साथ जिसे टाक्सीमिया कहा जाता है )। प्रिक्लेम्प्शिया गंभीर या जीवन-घातक समस्याओं का कारण बन सकती है। - मधुमेह से होने वाली आँख और गुर्दे की समस्याओं का बिगड़ना - मूत्राशय और योनि क्षेत्र में संक्रमण -मुश्किल प्रसव या सीज़ेरियन सेक्शन अब सवाल यह है कि गर्भावस्था के दौरान मधुमेह को कैसे रोकें? डॉ. नीता गुप्ता बताती हैं कि दो स्थितियां होती हैं यानि गर्भावस्था से पहले एक महिला को मधुमेह है या गर्भावस्था के दौरान उसे मधुमेह होता है, समाधान मुख्य रूप से दोनों के लिए समान होता है; -गर्भावस्था के मधुमेह के लिए आपके पारिवारिक (आनुवांशिक) बीमारी और / या आधिक उम्र में माँ बनना है, तो यह रोग विकसित होने की संभावनाएँ रोकने के लिए आप आधिक कुछ नहीं कर सकती हैं। लेकिन, गर्भावस्था के दौरान या गर्भावस्था से पहले , सक्रिय रहने, स्वस्थ आहार खाने और वज़न पर नियंत्रण रखने से टाइप 2 मधुमेह और गर्भावस्था के मधुमेह -दोनों के विकास के प्रति आपके जोखिम को कम करने में बड़ा प्रभाव पड़ सकता है । मधुमेह की स्थिति को दूर करने का एक और सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आप अपने मधुमेह के प्रबंधन में अपनी स्वास्थ्य देखभाल (हेल्थकेयर) टीम को शामिल करें। आपकी हेल्थकेयर टीम में निम्न को शामिल करने की दृढ़ता से सिफ़ारिश की जाती है: -एक चिकित्सक डॉक्टर जो मधुमेह की देखभाल में माहिर हैं, जैसे एंडोक्राइनोलॉजिस्ट या मधुमेह विशेषज्ञ - एक प्रसूतिज्ञानी जिसे मधुमेह से पीड़ित महिलाओं के इलाज का अनुभव हो -एक पंजीकृत आहार विशेषज्ञ जो आहार योजना में मदद करे रक्त ग्लूकोज के स्तर का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने, और आपके तथा आपके बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी करने के लिए आपको अक्सर इन विशेषज्ञों तक जाने और सलाह मशविरे की आवश्यकता हो सकती है। इसके अतिरिक्त, आपको उन विशेषज्ञों की आवश्यकता हो सकती है जो मधुमेह से संबंधित समस्याओं का निदान और उपचार करते हैं, यदि आपको समस्याएं आती हैं जैसे कि; दृष्टि की समस्याएं, गुर्दे की बीमारी और हृदय रोग। अच्छी खबर यह है कि हालाँकि गर्भावस्था के मधुमेह की संभावित जटिलताएँ गंभीर हैं, लेकिन स्थिति को आसानी से आपकी हेल्थकेयर टीम की मदद से प्रबंधित किया जा सकता है। लेकिन समस्या के जल्दी निदान के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण कुछ बातें हैं जिनका ध्यान रखा जाना चाहिए। गर्भधारण से पहले और गर्भावस्था के 24 वें और 28 वें सप्ताह के बीच रक्त शर्करा परीक्षण किया जाना चाहिए। आपके डॉक्टर द्वारा पूर्व -गर्भावस्था परीक्षा में आमतौर पर शामिल होता है आपका एचबीए 1 सी स्तर (कुछ सप्ताहों / महीनों की अवधि में औसत रक्त शर्करा का स्तर) मापना ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि रक्त ग्लूकोज का स्तर नियंत्रण में हैं। एक ग्लूकोज स्क्रीनिंग टेस्ट, जहां आपको एक मीठा तरल पीना पड़ता है और एक घंटे बाद आपका रक्त निकाला जाता है। वह आपकी स्थिति अच्छी तरह से दर्शा सकता है। यदि आपके स्तर ऊँचे निकलते हैं, तो डॉक्टर आपका तीन घंटे का ग्लूकोज सहिष्णुता टेस्ट लेंगे ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि आपको गर्भावस्था का मधुमेह है अथवा नहीं। गर्भावस्था के मधुमेह का निदान होने पर क्या करना चाहिए? दिन में कई बार अपने रक्त शर्करा के स्तर की जाँच करें। सुबह सबसे पहले अपनी उपवास शर्करा दर जाँचें और फिर प्रत्येक भोजन के एक घंटे बाद, यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी रक्त शर्करा स्वस्थ सीमा में रहती है। अपने आहार विशेषज्ञ से आहार योजना प्राप्त करें। कई महिलाओं को बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद भी गर्भावस्था के मधुमेह वाले कम कार्बोहाइड्रेट, कम-मीठे खाद्य पदार्थों वाले आहार नियंत्रण में रहना पड़ सकता है। खाद्य विवरण रखना भी एक अच्छा विचार है जिससे समझ आए कि कौन से खाद्य पदार्थ आपकी रक्त शर्करा बढ़ा रहे हैं। व्यायाम करें और सक्रिय रहें। आपको अपनी तीसरी तिमाही में अतिरिक्त भ्रूण निगरानी से गुजरना पड़ सकता है ताकि बच्चे की हृदय गति और गतिविधि सामान्य है यह सुनिश्चत किया जा सके। आपको मधुमेह का प्रबंधन करने में मदद के लिए मधुमेह की दवाएं लेने के लिए कहा जा सकता है। अधिक संभावना है कि गर्भधारण से 3 महीने पहले, और गर्भधारण के बाद भी, आपको विभिन्न विटामिन और फोलिक एसिड लेने की सलाह दी जाएगी जिससे आपको और आपके बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिले। - कई महिलाएं गर्भावस्था में मधुमेह से अच्छे परिणामों के साथ निकल आने में सक्षम होती हैं। एकमात्र मंत्र है अपने ग्लूकोज के स्तर का प्रबंधन करना, उचित पोषण और व्यायाम को प्राथमिकता देना और अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से जुड़े रहना। लेखक: कवलजीत कौर: कवलजीत हेल्थकेयर ऑपरेशंस में 15 से अधिक वर्षों के अनुभव वाली एक हेल्थकेयर पेशेवर है। उनका अंतिम कॉर्पोरेट पद सेंटर फॉर साइट में वाइस प्रेसिडेंट -संचालन था। एक लेखक के रूप में, उन्हें चिकित्सा सामग्री में विशेषज्ञता हासिल है। साथ ही वे वर्तमान स्वास्थ्य देखभाल परिदृश्यों से संबंधित विषयों पर स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों, वेब स्वास्थ्य पोर्टल, अस्पतालों आदि विभिन्न मंचों के लिए लिखती हैं तथा वर्तमान में हेल्थकेयर पत्रिका का नेतृत्व कर रहीं हैं।

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