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28/06/2025
इंडियन नेशनल लोकदल
महंगाई की चौतरफा मार, बीजेपी सरकार ने बिजली के रेट चार गुना बढ़ा कर जले पर नमक छिडक़ने का किया काम: चौ. अभय सिंह चौटाला
जो सरकार प्रदेश की जनता को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दे सकती उन्हें सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं: अभय सिंह चौटाला
जहां पहले 900 रुपए का बिजली बिल आता था अब कर दिया 4000 रूपए
प्रचंड गर्मी में जहां लोग बिजली के बड़े बड़े कट से परेशान हैं वहीं लोग अब चार गुना बढ़े बिजली के बिल से हैं बेहाल
प्रदेश की जनता त्रस्त है और मुख्यमंत्री नायब सैनी फ्री में मिल रही सरकारी सुविधाओं के मजे ले रहे हैं।
चंडीगढ़, 23 जून। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने बीजेपी सरकार द्वारा बिजली के बिल 4 गुना बढ़ाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो सरकार प्रदेश की जनता को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दे सकती उन्हें सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। बीजेपी सरकार जनता से जुड़े हर मुद्दे पर पूरी तरह से फेल साबित हुई है और बेरोजगारी, महंगाई, लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार में नंबर एक पर आ गई है।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि बीजेपी सरकार ने प्रदेश के लोगों से मुफ्त बिजली देने का वादा किया और भोली भाली जनता के वोट लेकर सत्ता हासिल की। अब जब लोग बेइंतहा बढ़ रही महंगाई से बुरी तरह से त्रस्त हैं तब बिजली के रेट चार गुना बढ़ा कर जले पर नमक छिडक़ने का काम किया है। जहां पहले 900 रुपए का बिजली बिल आता था अब 4000 रूपए कर दिया है। इस प्रचंड गर्मी में जहां लोग बिजली के बड़े बड़े कट से परेशान हैं वहीं लोग अब चार गुना बढ़े बिजली के बिल से बेहाल हैं। प्रचंड महंगाई में रसोई खर्च से परेशान लोगों का नई बिजली दरों से मासिक बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। प्रदेश की जनता बेहाल है और मुख्यमंत्री नायब सैनी फ्री में मिल रही सरकारी सुविधाओं के मजे ले रहे हैं। आज प्रदेश में चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है लेकिन बीजेपी सरकार अंधी, बहरी और गूंगी बनी हुई है। गुंडागर्दी चरम पर है। प्रदेश का हर वर्ग चाहे आम जनता है या कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढऩे वाले छात्र हैं बीजेपी सरकार के अत्याचारों से बुरी तरह से त्रस्त हैं।
20/09/2024
महिला वकील पर कर्नाटक हाईकोर्ट के जज की आपत्तिजनक टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की खंडपीठ ने दो अलग अलग टिप्पणियों का स्वतः संज्ञान लिया. इस खंडपीठ में भारत के चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी हैं.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार इमरान क़ुरैशी के मुताबिक, कथित तौर पर कर्नाटक हाईकोर्ट में जस्टिस वेदव्यासाचार स्रीशानंद ने एक मामले की सुनवाई के दौरान महिला वकील पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
जबकि एक दूसरे मामले में बेंगलुरू के एक इलाक़े की तुलना पाकिस्तान से की.
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट से जवाब मांगा है.
सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को भी इस मामले में कोर्ट की मदद करने को कहा है.
25 सितंबर को इसमें आगे की सुनवाई होनी है.
दरअसल हुआ यू की..............
कर्नाटक हाईकोर्ट जस्टिस के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो हो रहे हैं.
सामने आए एक वीडियो क्लिप में जज स्रीशानंद बेंगलुरू के एक मुस्लिम बहुल इलाक़े को ‘पाकिस्तान’ कहकर संबोधित कर रहे हैं.
जबकि दूसरी वायरल क्लिप में जस्टिस स्रीशानंद एक महिला वकील को कहते हैं, "आप विपक्षी पार्टी के बारे में काफी ज़्यादा जानती हैं."
इसके आगे वो उस आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं.
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह ने एक्स पर ट्वीट कर मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेना चाहिए.
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