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Podcast -01
With Dr Mahesh Vyas
Dean PHD - AIIA (All India Institute of Ayurveda)
अगर आप भी बालों के झड़ने से परेशान हैं तो यहां हम आपको इसे रोकने के 3 आयुर्वेदिक उपाय साझा कर रहे हैं.
https://youtu.be/7GoKhM148v8
नस्यम, हेयर ऑयल और इस नेचुरल चाय से 3 हफ्तों में रुक सकता है बालों का झड़ना.
बालों का झड़ना बहुत ही आम समस्या है, जिससे हर तीसरा व्यक्ति परेशान है. और वह इससे छुटकारा पाना चाहता है, मगर सही सलाह न मिलने के कारण लोग सही उपचार नहीं कर पाते हैं. दरअसल, आज के समय में बालों के झड़ने की कई वजह है. लो कैल्शियम, लो आयरन, नींद की कमी, थायरॉयड, ऑटोइम्यून-डिसीसिस, स्ट्रेस, कोविड, थायरॉयड, लंबे समय से चली आ रही बीमारी और खराब न्यूट्रिशन के कारण मैसिव हेयर फॉल की समस्या से अधिकतर लोग परेशान हैं. इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए आपको यहां बताई गई सिर्फ 3 चीजों का इस्तेमाल करना है, जिससे हेयरफॉल कम होने के साथ हेयर ग्रोथ भी अच्छी होती है.
बालों के झड़ने का आयुर्वेदिक इलाज -
1. नस्यम
रात को सोने से पहले या सुबह उठकर 2 ड्रॉप गाय के घी को नाक में डालने से हेयरफॉल, हेयर ग्रोथ, सफेद बाल, याददाश्त, कंसंट्रेशन, बेहतर नींद, माइंड ग्रोथ जैसे कई फायदे होते हैं. अगर आपके लिए गाय का घी काम नहीं करता है, तो आप आयुर्वेदिक तेल जैसे अणु तेल, शादबिंदु तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये आयुर्वेदिक तेल बालों की ग्रोथ को बढ़ाते हैं और बालों की सभी परेशानियों से बचाव करने के साथ-साथ साइनसाइटिस, सिर दर्द, जैसी समस्याओं के लिए भी लाभदायक है. इन ऑयल्स का इस्तेमाल करने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
2. हेयर ऑयल और हेयर मास्क
हमारे शरीर को जरूरी पोषण खाने से प्राप्त होते हैं, लेकिन हेल्दी बालों के लिए डायरेक्ट पोषण की जरूरत होती है. स्कैल्प पर ऑयलिंग और हेयर मास्क के जरिए बालों को पोषण या न्यूट्रिशन मिलते हैं. कोकोनट ऑयल, भृंगराज, नीम और गुड़हल के फूल का इस्तेमाल स्ट्रेस, नींद की कमी, थायरॉयड के कारण होने वाले हेयर फॉल में काफी फायदेमंद होते हैं. अगर ये हेयर ऑयल इस्तेमाल करने के बाद हेयरफॉल में कोई फर्क महसूस नही होता है तो मैं आपको बालों के लिए बेस्ट हर्ब केसया, गुड़हल के फूल, नीम और भृंगराज का हेयर मास्क इस्तेमाल कर सकते हैं.
3. हेयरफॉल के लिए बेस्ट है नेचुरल टी
नेचुरल चाय पीने से वात और पित्त में लाभ मिलता है और बालों को बेहतर पोषण मिलता है. करी पत्ता की 8-10 ताजी पत्तियां लेकर एक गिलास पानी में लगभग 3 मिनट तक उबाल लें, उसी पानी में 1 गुड़हल का फूल डालकर फिर से 3 मिनट तक उबालें. कुछ देर बाद पानी को छान कर ठंडा कर लें. केवल 5 से 8 मिनट में आप की हेल्दी टी तैयार हो जाएगी. यह नेचुरल टी आप सुबह खाली पेट, शाम के समय और रात में सोने से पहले ले सकते हैं.
इन 3 नेचुरल रेमेडीज को अपनाने से केवल 3 हफ्तों में 25 प्रतिशत तक हेयरफॉल कम हो सकता है. अगर इन रेमेडीज से हेयर फॉल में कोई फर्क नजर नहीं आता है तो आप किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर से प्रमार्श ले सकते हैं, ताकि परेशानी की जड़ तक पहुंचकर समाधान निकाला जा सके.
सुबह-सुबह खाली पेट 4 खजूर खाकर दूर कर सकते हैं 15 बीमारियां, मगर खाने का तरीका ये होना चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार सुबह खाली पेट खजूर खाने के फायदे क्या हैं, आइए विस्तार से जानते हैं।
https://youtu.be/zfoVD_L_gTM
खजूर (Dates) को लेकर सबसे बड़ा झूठ इसकी तासीर है। बहुत से लोगों का मानना है कि खजूर गर्म प्रकृति का होता है और इसे गर्मियों में नहीं खाते हैं। लेकिन ऐसा सच नहीं है, क्योंकि खजूर की प्रकृति काफी कूलिंग और काफी सूथिंग होती है। आयुर्वेद के मुताबिक, खजूर का स्वाद मीठा होता है, लेकिन यह पाचन में थोड़ा हैवी होता है। हालांकि, पाचन के बाद भी इसका प्रभाव मधुर ही होता है। इसकी ठंडी प्रकृति होती है और यह बढ़े हुए वात और पित्त दोष को बैलेंस करने में मदद करता है। यह शरीर को मजबूती देने का काम करता है।
इसबगोल के फायदे, औषधीय गुण, लाभ और नुकसान
https://youtu.be/qHD9QUZcKKk
इसबगोल को एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है। इसबगोल वास्तव में प्लांटेगो ओवाटा (Plantago ovata) नामक पौधे के बीज की भूसी होती है। इसबगोल का उत्पादन प्रमुख रूप से भारत में होता है और आजकल दुनियाभर में इसकी काफी मांग है। इसबगोल का इस्तेमाल प्रमुख रूप से एक घरेलू उपचारके रूप में किया जाता है, साथ ही ऐसे कई प्रोडक्ट मार्केट में मिल जाते हैं, जिनमें इसबगोल को एक सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
इसबगोल के फायदे (Benefits of Isabgol)
इसबगोल को भारत में एक खास औषधि के रूप में जाना जाता है और ऐसी कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिनका इलाज करने के लिए प्रमुख रूप से इसे इस्तेमाल किया जाता है।
कब्ज दूर करे - कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए आयुर्वेद में इसबगोल को रामबाण माना गया है। इसबगोल विशेष प्रकार का फाइबर होता है, जो आंतों की कार्य प्रक्रिया को तेज करता है और मल त्याग में आसानी रहती है। कब्ज को दूर करने के लिए इसबगोल को अक्सर दही के साथ लिया जाता है।
1. इसबगोल बढ़ाए पाचन क्रिया
इसबगोल का सेवन करने से न सिर्फ कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं, इससे अपच जैसी समस्याओं का इलाज भी किया जा सकता है। इसबगोल पेट में मौजूद अतिरिक्त पानी को तीव्रता से सोख लेता है, जिससे पाचन प्रणाली सक्रिय हो जाती है।
2. मोटापे को कम करने में मदद करे इसबगोल
बढ़ते वजन से परेशान लोगों के लिए भी इसबगोल अच्छा विकल्प हो सकता है। यह पेट में जाकर पानी को सोख लेता है और फूलने लगता है, जिससे आपको लगने वाली अतिरिक्त भूख कम हो जाती है। भूख कम लगने के कारण आपके शरीर में सिर्फ इतनी ही कैलोरी जा पाती है, जितनी उसे जरूरत है।
3. हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करे इसबगोल
कुछ अध्ययनों के अनुसार इसबगोल जैसे घुलनशील फाइबर लेने से कोलेस्टेरॉल के बढ़ते स्तर को कम करने में मदद मिलती है। यदि आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रहता है, तो हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है।
4. इसबगोल करे ब्लड शुगर कम करने में मदद
नियमित रूप से इसबगोल का सेवन करने से शरीर का ग्लाइसेमिक बैलेंस बनाए रखने में मदद मिलती है। टाइप 2 डायबिटीज से ग्रस्त लोगों के लिए इसबगोल का सेवन करना काफी लाभदायक हो सकता है। साथ ही डायबिटीज से ग्रस्त लोगों को अक्सर कब्ज की समस्या रहती है और इसबगोल के सेवन से इस समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
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Garlic And Honey Benefits: सर्दियों में शहद और लहसुन एक साथ खाने से हार्ट बनता है हेल्दी, इस आयुर्वेदिक नुस्खे पर हमेशा से है लोगों का विश्वास।
https://youtu.be/CkVQ72gJHt8
यह एक पुराना और आजमाया हुआ नुस्खा है जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए खाया और खिलाया जाता है।
Garlic and honey benefits:लहसुन हमारे किचन्स में मौजूद एक उपयोगी और औषधीय गुणों से भरपूर मसाला है जिसका सेवन लगभग हर दूसरी डिश में किया जाता है। हालांकि, मौसम और तापमान को ध्यान में रखते हुए लहसुन के सेवन के तरीकों में बदलाव किए जाते हैं। कच्चे लहसुन की चटनी से लेकर दाल-सब्जी में लहसुन का तड़का लगाने जैसे कई तरीके हमारे देश में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, कुछ लोग लहसुन का सेवन शहद के साथ भी करते हैं। यह एक पुराना और आजमाया हुआ नुस्खा है जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए खाया और खिलाया जाता है। आइए जानतें हैं कि सर्दियों में शहद में भिगोकर रखे गए लहसुन का सेवन स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार लाभकारी है और इसके सेवन का सही तरीका क्या है।
Garlic: Ayurvedic Remedy for High Blood Pressure.
https://youtu.be/TREtD7gS3MU
रोजाना सिर्फ एक कली लहसुन से ठीक रहेगा आपका हाई ब्लड प्रेशर, जानिए इसे खाने का सही तरीका।
आयुर्वेद के अनुसार, लहसुन का सेवन करने से कई बीमारियां दूर हो जाती है। यह हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप में बहुत फायदेमंद है। जानिए हाई ब्लड प्रेशर में लहसुन खाने का तरीका और फायदे:
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