Kayasthas- The Problem Solver
22/08/2022
हर हर महादेव 🙏
ओम नमो शिवाय 🚩
नाग पंचमी पर नाग देवता का आर्शीवाद सदैव बना रहे। नागपंचमी पर ढेर सारी शुभकामनाएँ 🙏
*कायस्थो का ननिहाल : नागवंश*
भगवान चित्रगुप्त जी की दो शादियाँ हुईं, जिनसे 12 पुत्र थे और पुत्रों का विवाह नागराज बासुकी की बारह कन्याओं से सम्पन्न हुआ, जिससे कि कायस्थों की ननिहाल नागवंश मानी जाती है।
उनकी *पहली पत्नी सूर्यदक्षिणा* /नंदनी जो ब्राह्मण कन्या थी, इनसे 4 पुत्र हुए जो भानू, विभानू, विश्वभानू और वीर्यभानू कहलाए।
*दूसरी पत्नी एरावती* /शोभावति नागवन्शी क्षत्रिय कन्या थी, इनसे 8 पुत्र हुए जो चारु, चितचारु, मतिभान, सुचारु, चारुण, हिमवान, चित्र,और अतिन्द्रिय कहलाए।
जिसका उल्लेख अहिल्या, कामधेनु, धर्मशास्त्र एवं पुराणों में भी दिया गया है |
श्री चित्रगुप्तजी महाराज के बारह पुत्रों का विवाह नागराज बासुकी की बारह कन्याओं से सम्पन्न हुआ, जिससे कि कायस्थों की ननिहाल नागवंश मानी जाती है और नागपंचमी के दिन नाग पूजा की जाती है |
29/07/2022
MAA ❤️ मां ❤️🙏
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