RSD Bhatnagar Rajeshwar
जो तुम होती तो तुमसे सुख - दुख कहती माँ
तुम होती तो तुम्हारी गोद में सर रख मैं सोती माँ
जो तुम होती तो मेरे ना बताने पर भी मेरे उलझे बालों को सुलझाते
मेरी हर पीड़ा को जान तुम लेती माँ
वो परेशानी में सर में तेल डालते हुए सारा सर दर्द
अपनी जादुई उंगलियों से छू कर गायब कर देती माँ
जो तुम होती तो मुस्कुराने के हजार बहाने देती माँ
कौन पूछे मुझसे मेरी पसंद नापसंद की चीज़ें आखिर
जो तुम होती तो मेरी पसंद का मेरे लिए खाना बनाती माँ
हाट बाजार से मेरी पसंदीदा ड्रेस तुम ले आया करती माँ
जो देखती कभी मेरी आँख में आंसू स्वयं रो देती मां
गर हो जाती कभी बीमार तो दवा और दुवाओं में
कोई कमी ना रखती माँ , बांधती मेरी सलामती के लिए
हर दर पर एक मन्नत का धागा ,
मुझे हर बुरी नजर से बचाने के लिए लगाती नजर का एक काला टीका माँ
जो तुम होती तो मुझे हर बला हर मुसीबत से बचा के रखती , मेरी गलतियों पर कभी डांट कर तो कभी
प्यार से मेरे सर पर हाथ फिरा कर मुझे समझाती माँ
कोई खड़ूस जो कभी मुझे रुलाता तो उसके भी कान खींच कर रखती , जो तुम होती तो मैं पुष्प सी खिलती
मेरी हजार चिंताओं, परेशानियों की तुम इकलौती हल होती माँ, जो तुम होती तो शायद मैं पुनः जी उठती माँ।
माँ के प्रेम का कोई स्पेशल डे नहीं होता , माँ के प्रेम में हर दिन स्पेशल होता है।
15/06/2025
Happy Father's Day
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the school
Telephone
Address
New Delhi
110034