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19/05/2020

समय-समय पर बालों की उचित देखभाल है ज़रूरी....

लंबे, घने और काले बालों के लिए हेयर ऑयलिंग, बालों में तेल लगाने से होते हैं ये फायदे.

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों की देखभाल के लिए समय नहीं मिल पाता है. जिसके कारण बाल समय से पहले रूखे, बेजान और कमजोर हो जाते हैं. इसके अलावा बालों में तेल लगाए बिना सीधे शैंपू करने या अन्य हेयर प्रोडक्ट लगाने से बाल टूटने और झड़ने लगते हैं. चूंकि लंबे, घने और आकर्षक बाल महिलाओं की सुंदरता का एक हिस्सा हैं. इसलिए समय-समय पर बालों की उचित देखभाल बेहद जरूरी है.

ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाए
हेयर ऑयल न सिर्फ बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है बल्कि स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता भी है. स्कैल्प में तेल लगाकर मालिश करने से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है. इससे बालों की सुंदरता बनी रहती है.

​हेयर फॉल की समस्या करे दूर
बाल झड़ना एक आम समस्या है, लेकिन नियमित बालों में तेल लगाने से बालों का झड़ना रुक जाता है. हेयर ऑयल बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है और इन्हें मजबूती प्रदान करता है.

बालों को रखे स्वस्थ
हेयर ऑयल में कई तरह के विटामिन और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं. ये बालों को गहराई से पोषण प्रदान करते हैं और स्वस्थ रखते हैं. हफ्ते में दो दिन बालों में तेल लगाने से बालों में चमक आती है और हेयर फॉल भी कम होता है.

हेयर टिश्यू को बनाए मजबूत
बालों में तेल लगाकर मसाज करने से हेयर टिश्यू मजबूत होते हैं. इसके कारण बाल सफेद होने या टूटने की समस्या से छुटकारा मिलता है. दरअसल हेयर ऑयल बालों की जड़ों में जाकर इन्हें पोषण प्रदान करता है. जिससे बालों के ऊतक भी मजबूत होते हैं.

15/05/2020

महिलाओ में उम्र के साथ होने वाले स्किन प्रॉब्लम और उसके उपाय

स्किन उम्र के साथ बदलती है. यह पतली हो जाती है, वसा खो देती है और वैसी नहीं दिखती जैसी पहले दिखती थी. इस उम्र में सबसे ज्यादा स्किन से संबंधित प्रॉब्लम्स का सामना महिलाओं को करना पड़ता है. उम्र बढ़ने पर खरोंच, कट्स को ठीक होने में अधिक समय लग सकता है. बड़े उम्र की महिलाएं अपनी त्वचा पर, अपने निचले पैरों, कोहनी और निचले हाथों के धब्बों से पीड़ित होती हैं. ड्राई स्किन के पैच खुरदरे लगते हैं. ड्राई स्किन बहुत सारे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हो सकती है. डॉक्टर अजय राणा बता रहे हैं कि उम्र बढ़ने पर महिलाएं स्किन संबंधित किन किन बिमारियों के चपेट में आ सकती हैं.

लीवर स्पॉट और स्किन टैग

उम्र बढ़ने पर अक्सर महिलाओं में "लीवर स्पॉट" कहे जाने वाले सपाट भूरे रंग के धब्बे होते हैं जो अक्सर धूप में ज्यादा समय तक रहने पर होती हैं. यह आमतौर पर चेहरे, हाथ, पीठ और पैरों जैसे क्षेत्रों पर होते हैं. ऐसे धब्बों को कम करने के लिए महिलाओं को ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का उपयोग करना फायदेमंद है ,जो सूरज की किरणों के दो प्रकारों (यूवीए और यूवीबी) से बचाने में मदद करता है, और अधिक उम्र के के कारण होने वाले धब्बों को आसानी से रोक सकता है.

एक्ने

समय के साथ, त्वचा पर झुर्रिया पड़ने लगती हैं. सूर्य की यूवी रेज़, त्वचा को कम लचीला बनाती हैं. उम्र बढ़ने पर महिलाओं की स्किन में बहुत सारे परिवर्तन होते है. उम्र के साथ झुर्रियां आने लगती है. यह एपिडर्मिस और डर्मिस के पतले होने, कोलेजन और लचीले फाइबर और सेल हीलिंग और डीएनए की मरम्मत में कमी का कारण होते है. उम्र के साथ साथ महिलाओं के स्किन में मेलानोसाइट्स की कमी होने लगती है और वसामय ग्लैंड के कम होने के साथ-साथ त्वचा की सहायक संरचनाओं में कमी होने लगती है. वृद्ध त्वचा में जेरोसिस सबसे आम प्रॉब्लम है. बुजुर्ग मरीजों को भी त्वचा में संक्रमण होने का खतरा होता है और त्वचा की खराबी बढ़ जाती है. जिसके कारण महिलाओं में झुर्रियों की समस्या बहुत आम है.

इन्फेक्शन

महिलाओं को उम्र बढ़ने पर अनेक प्रकार के स्किन से सम्बंधित इन्फेक्शन होने का भी डर होता है। आम स्किन इन्फेक्शन में कैंडिडिआसिस, डर्माटोफाइटिस, बैक्टीरियल और वायरल इन्फेक्शन शामिल हैं. इन फंगल इन्फेक्शन के लिए जांच में माइकोलॉजी के लिए प्रत्यक्ष माइक्रोस्कोपी (पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड के साथ) शामिल होने चाहिए. इन सारे जांच से महिलाओं को स्किन से जुड़ी सभी प्रकार के इन्फेक्शन से राहत मिल सकती है.

जेरोसिस / एक्जिमा

उम्र के साथ स्किन ड्राई होने लगती है और आसानी से झड़ने लगती है क्योंकि उम्र के साथ स्किन में जो तेल की मात्रा होती है वह कम होने लगती है. ड्राई स्किन में खुरदरी और बारीक परत या पपड़ीदार सतह होती है. कभी-कभी ड्राई स्किन के क्षेत्रों में एस्टेटोटिक एक्जिमा होता है. जब शरीर की इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होने लगती है तब इन्हें टेढ़ा गोल लाल पैच के रूप में देखा जाता है. महिलाओं के स्किन पर भूरे रंग के धब्बे जो झाई की तरह दिखते हैं अक्सर देखे जाते हैं. ये फ्रेकल्स की तुलना में बड़े और अधिक अनियमित हैं. उन्हें सीनील फ्रीकल्स कहा जाता है. वे अक्सर सूर्य के प्रकाश की वजह से त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं. यदि फ्रेकल्स बड़ा या मोटा हो जाता है या क्रस्ट विकसित करता है.

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