Ashish
21/07/2024
एक मुद्दत हो गया सूरज देखे...
© आशीष अव्यक्त✍️
25/05/2024
इक नदी के दो किनारे, मन से जीते तन से हारे।
भावनाओं में तड़प कर, इक दूजे को निहारें।।
©आशीष मौर्या✍
24/11/2022
नाटक #दो_किनारे की सफलता इसी से लगाई जा सकती हैं कि Aman Akshar द्वारा लिखित गीत को Shubham Gautam द्वारा गुनगुनाया गीत दर्शकों को भी अपने साथ गुनगुनाने पर विवश कर दिया ।
नाटक खत्म होने के बाद दर्शक द्वारा दुबारा गीत गुनगुनाने को कहा जिसे आप सभी सुन सकते है ।
#साथ_किसी_के_चलकर_रस्ता_सुंदर_तो_हो_जाता_है
#सपनों_के_सुस्ताने_भर_को_एक_घर_तो_हो_जाता_है
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