CRIME WEEK
लखनऊ का किंग जार्ज यूनिवर्सिटी बनी लापरवाही, अफसरशाही, लूट, शोषण और भ्रष्टाचार का अड्डा
० सिफारिश पत्र के बदौलत मिलता है वेंटीलेटर बेड
० 10000 रूपए के एवज में भी मिलते हैं वेंटीलेटर बेड
० सामान्य बेड के रेट 2500 से 5000 के बीच
० मंत्री , डाक्टर , स्टाफ सभी तक पहुंचता है कमीशन
० आक्सीजन स्ट्रेचर के लिए जाते हैं 500 रूपए
० स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के जानकारी में दिया जा रहा है ऐसी घटिया व्यवस्था को अंजाम
० पीआरओ कार्यालय भी बने शोषण का अड्डा
Brajesh Pathak MYogiAdityanath CRIME WEEK Crime Week News Crime Week News Crime Week Medical Education Uttar Pradesh BJP Uttar Pradesh PMO India
https://youtu.be/sZ7E0h4zUBM?si=Gtm3_vNXQv7N421L ( यह यूट्यूब लिंक अस्पताल से संबंधित है जो केजीएमयू का है। )
लखनऊ: वर्तमान समय में हमारे देश में बीजेपी की सरकार है, और प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार है।
जिसका मुखिया अपनी अलग पहचान के लिए जाना जाता है। लेकिन उसी मुखिया के कुछ मंत्री केवल वाहावाही और जलसों में जाने के अलावा अपने विभाग और अपने कार्य पर ध्यान देने में असफल साबित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था की अगर हम बात करें तो मुख्यमंत्री आवास के निकट स्थित सिविल अस्पताल की सेवाएं और डाक्टर मरीज को सिर्फ रेफर करने के लिए बैठे हैं। सुविधाओं के नाम पर अब उनके पास कुछ नहीं है। अगर गलती से कोई वहां सर्दी, जुकाम, बुखार का इलाज कराने पहुच जाये तो उसे भी वहां से मेडिकल कालेज, लोहिया अस्पताल, या पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। डाक्टर का कहना है कि उनके पास कोई सुविधा नहीं है। अब वर्तमान में वहां हृदय रोग का विभाग भी खत्म कर दिया गया है।
वहां कोई हृदय रोग विशेषज्ञ भी नहीं है।
अब बात करते प्रदेश के एकमात्र और अंतिम चिकित्सालय की जिसे किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम से जाना जाता है। जहां प्रदेश भर से मरीज रेफर किये जाते हैं। कई बार तो पीजीआई और राम मनोहर लोहिया जैसे अस्पताल से भी यहां मरीज रेफर कर दिये जाते हैं।
अब बात की जाये इसकी कार्यप्रणाली की तो यहां पहले के मुकाबले में जगह की कमी को पूरा किया जा रहा है। पहले एक टीन की चद्दर वाली एमरजेंसी हुआ करती थी। लेकिन अब थोड़ा सा विस्तार हुआ है। लेकिन शायद डाक्टर और स्टाफ की कहें या फिर मरीजों की बढ़ती भीड़ साथ ही स्टाफ और डाक्टरों की लापरवाही भी बड़े पैमाने पर देखने को मिलती हैं।
पीआरओ आफिस से लेकर वार्ड तक बेड के लिए रेट फिक्स है। अभी हाल में एक घटना की जानकारी और तहकीकात के आधार पर हमने पाया कि वेंटीलेटर के बेड खाली होने के बावजूद सिफारिश और घूस के बल पर दिये जा रहे हैं।
जूनियर डाक्टरों में अफसरशाही और लापरवाही इतनी बढ़ गई है कि वे मरीजों से ढ़ग से बात तक नहीं करते हैं। कई बार तो किसी काम के लिए कहने पर जूनियर डाक्टर मरीज पर झुल्लाते हुए यह कहते है कि ये काम हमारा नहीं है नर्स से कहो। एक नर्स से कहने पर वो दूसरे नर्स से करने को कहती हैं। इसी लापरवाही और खिंचतान में मरीज की मृत्यु तक हो जाती है।
वार्ड खाली होने के बावजूद ट्रामा एमरजेंसी के मरीजों को वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जाता है। उन्हें शोषित और प्रताड़ित किया जाता है। मरीज के साथ आएं तीमारदारों को इतना प्रताड़ित किया जाता है कि वो खुद एक मरीज बन जाता है।
अभी हाल में ही एक महिला जिनका नाम कुसुम सिंह की मृत्यु केजीएमयू के गांधी वार्ड के महिला वार्ड 6 में हुई। परिजनों का आरोप है कि उनसे अवैध रूपए लिए गए। उन्हें बेड भी उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही उन्हें जूनियर डाक्टर द्वारा प्रताड़ित और शोषित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां की मृत्यु हो जाने के बाद गार्ड और पुलिस को बुला लिया गया और उनसे सभी कागजी दस्तावेज जबरन ले लिए गए। जिसमें उनकी मां के प्राइवेट क्लीनिक में इलाज के दस्तावेज और बाहर में किये गये ट्रीटमेंट के दस्तावेज थे। जबकि नियमानुसार संबंधित प्रशासनिक विभाग को केवल अपने अस्पताल से संबंधित दस्तावेज ही लेने थे। परिवारजनों ने बताया कि साक्ष्यों के मिटाने अथवा छिपाने के उद्देश्य से ऐसी घटिया कार्यवाही की गई थी।
यहां तक लाश की गाड़ी को अंदर अस्पताल तक लाने में भी अस्पताल प्रशासन कमीशन लेता है।
उक्त परिवार ने न्याय और सहायता के लिए उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक तक से गुहार लगाई लेकिन कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है। परिवारजनों ने हमारे साथ एक काल रिकार्डिंग साझा की है जिसमें केजीएमयू लखनऊ के ट्रामा विभाग के पीआरओ कार्यालय में एक व्यक्ति आकाश सिंह की आवाज है जिसमें वो मामले को निपटाने और अपने द्वारा ली गई रिश्वत के संबंध में बात कर रहा है।
ऐसी व्यवस्था के बीच सरकार की भी लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर सवाल उठता है।
14/12/2025
बकाया बिजली बिल चुकाना अब हुआ और आसान!
#बिजली_बिल_राहत_योजना 2025–26 के तहत उपभोक्ता ₹750/₹500 की आसान मासिक किश्तों में अपना बकाया बिल जमा कर राहत पा रहे हैं।
Rakesh Kumar Singh
12/06/2025
अहमदाबाद में हो गया भयानक विमान हादसा
अहमदाबाद :- 12 जून 2025 यानी आज अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन (गैटविक) के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघनी नगर के पास एक आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर शामिल थे। यात्री सूची में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।
प्रमुख जानकारी:-
घटना का समय: विमान ने दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ किया और 5 मिनट बाद, लगभग 1:43 बजे, दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान 625 फीट की ऊंचाई पर था जब इसका आखिरी सिग्नल फ्लाइटरडार24 को मिला।
स्थान: -
दुर्घटना मेघनी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स हॉस्टल के पास हुई, जहां विमान का कुछ हिस्सा हॉस्टल की इमारत पर भी गिरा।
हादसे का विवरण: -
विमान ने टेकऑफ के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को मेडे कॉल (आपातकालीन संदेश) दिया, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। विमान हवाई अड्डे के एरिया से बाहर जमीन पर गिरा, जिसके बाद भारी काला धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं।
हानि:-
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम 120 से 170 लोगों के मारे जाने की आशंका है, हालांकि सटीक संख्या की पुष्टि बाकी है। कई घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बचाव कार्य:-
एनडीआरएफ की तीन टीमें (90 कर्मी) गांधीनगर से और तीन अन्य टीमें वडोदरा से तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। 400 सीआईएसएफ कर्मी, स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस भी बचाव कार्य में शामिल हैं। घायलों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।
हवाई अड्डा संचालन:-
हादसे के बाद अहमदाबाद हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं, लेकिन बाद में संचालन फिर से शुरू हो गया।
आधिकारिक प्रतिक्रियाएं:-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: उन्होंने हादसे को "हृदयविदारक" बताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और केंद्रीय मंत्रियों को सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: उन्होंने इसे "हृदयविदारक आपदा" बताया और प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू करने के साथ-साथ घायलों के इलाज के लिए प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात सरकार को केंद्र से पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया।
एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने गहरी संवेदना व्यक्त की और प्रभावितों के लिए आपातकालीन केंद्र और हेल्पलाइन नंबर (1800 5691 444) शुरू किया।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की एक टीम अहमदाबाद पहुंच चुकी है और ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट डेटा और घटनास्थल के साक्ष्यों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि विमान हाल ही में रिफर्बिश किया गया था। मौसम की स्थिति स्पष्ट थी, जिससे खराब मौसम की संभावना कम है।
विमान का संचालन कैप्टन सुमीत सभरवाल (8200 घंटे का अनुभव) और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर (1100 घंटे का अनुभव) कर रहे थे।
स्थानीय निवासियों ने घटनास्थल पर भारी धमाके और मलबे की सूचना दी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मृत शरीर और मलबा चारों ओर बिखरा हुआ था।
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