kasam
लिपट जाता हूं मां से और मौसी मुस्कुराती है
मैं उर्दू में गजल कहता हूं हिंदी मुस्कुराती है
कासम खाना 👈
कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
09/03/2026
मौत का कोई ओटीपी नहीं
09/03/2026
07/03/2026
OyekasamDemrot #प्यार_तो_उसी_दिन_हो_गया_था_जब_उसने_पूछा_फिर_कब_आओगे🥰😇
01/03/2026
Oye KasamDemrot लातों के यार बातों से न मानते 🚭
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