Ananya Rai Parashar
06/12/2023
Hai kabhi wo Paak kabhi bebaak Nazar
Uski Nazar hai is qadar chalaak Nazar
Kisne Kiya hai aurat ka samman Yahan
Padti Rahi hai humpe sada naapaak Nazar
Dhoond leta hai wo gham hansne me mere
Ishq me ho tou ho aisi saffaak nazar
Thoda thahar ke dekhiye apni hasti ko
Jab bhi aa jaaye kahin bhi khaak Nazar
Izzat Jo de tou ye saro'n pe taaj rakhe
Warna kar jaati hai ye gareeba'n chaak Nazar
Hum hain ananya wo Jo Kisi ko dekh len jab
Chodti jaati hai phir uspe dhaak Nazar
© Ananya Rai Parashar
Ananya Pandey
क्या बताऊं के क्या है तेरे बिन
ज़िंदगी हादसा है तेरे बिन
मेरे सीने में मेरा दिल हर पल
मुझसे रूठा हुआ है तेरे बिन
बे सबब मेरी शक्ल-ओ-सूरत है
बे सबब आइना है तेरे बिन
लब पे नगमे हैं बस उदासी के
मुस्कुराना सज़ा है तेरे बिन
कौन अब समझे सादगी मेरी
कौन अब हमनवा है तेरे बिन
मिट चली है सेहर अनन्या की
शाम की इब्तिदा है तेरे बिन
© Ananya Rai Parashar
07/10/2022
रात इक ऐसा ख़्वाब मैने देखा
मैं कहीं दूर चली जा रही थी
तेज़ झोंके हवाओं के
मेरी जुल्फों से उलझते जाते थे
मेरे आंचल को किसी परचम की तरह
वो उड़ाते लहराए जाते थे
तन्हा चलती जा रही थी सख़्त राहों पे
अश्क आंखो में थे और उदासी थी
एक पत्थर वो सख्त राहों का
मेरे कदमों को रोकने के लिए
बनके ठोकर मुझे गिरा बैठा
मुझको हिम्मत नहीं थी उठने की
उठके फिर हौसले से चलने की
और फिर कोई मदद के नर्म हाथ
एक खुशी का सबब बनके बढ़ें मुझ तक
आंखें अचानक चमक उठी
और उदासी भी मिटने लगी
मैने जैसे वो हाथ थामे
नींद गहरी थी फिर भी टूट गई
एक उम्मीद ख्वाब में ही छूट गई
© Ananya Rai Parashar
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