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08/10/2021
Indian Air Force Day:✈️✈️✈️🛩️🛩️🛩️
भारतीय वायुसेना का आज 89वां स्थापना दिवस है. वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी. देश के स्वतंत्र होने से पहले वायुसेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स (आरआईएएफ) कहा जाता था. आजादी के बाद वायुसेना के नाम में से "रॉयल" शब्द को हटाकर सिर्फ "इंडियन एयरफोर्स" कर दिया गया था. आज भारतीय वायुसेना के पास विमानों का विशाल बेड़ा मौजूद है, जिसे देखकर दुश्मन थर्र थर्र कांपता है. स्थापना दिवस के मौके पर जानिए भारतीय वायुसेना की ताकत के बारे में.
पहले जानिए वायुसेना का इतिहास
1 अप्रैल 1933 को वायुसेना का पहला दस्ता बना जिसमें 6 आएएफ-ट्रेंड ऑफिसर और 19 हवाई सिपाहियों को शामिल किया गया था.
थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट, भारतीय वायुसेना के पहले चीफ
थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट 15 अगस्त 1947 से 22 फरवरी 1950 तक इस पद पर बने रहे थे.
भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है- 'नभ: स्पृशं दीप्तम' है. इसे गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है
वायुसेना ध्वज, वायु सेना निशान से अलग, नीले रंग का है जिसके शुरुआती एक चौथाई भाग में राष्ट्रीय ध्वज बना है और बीच के हिस्से में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों अर्थात् केसरिया, श्वेत और हरे रंग से बना एक वृत्त (गोलाकार आकृति) है. यह ध्वज 1951 में अपनाया गया.
वायुसेना की ताकत
भारतीय वायुसेना में 857 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 809 अटैक एयरक्राफ्ट और 323 ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं
इसके अलावा वायुसेना के पास हेलीकॉप्टरों का भी विशाल बेड़ा मौजूद है. जिसमें 16 अटैक हेलिकॉप्टरों समेत कुल 666 हेलिकॉप्टर हैं.
भारतीय वायुसेना के मिराज, मिग-21, मिग-27, मिग-29, बिसन, जैगुआर, वैंपायर, तूफानी, हंटर और नैट जैसे विमान किसी भी दुश्मन के पांव जमीन से उखाड़ सकते हैं.
भारत के बॉम्बर्स एयरक्राफ्ट पर नजर डालें तो लिबरेटर और कैनबरा आसमान से ही दुश्मन के किले को ढहाने में सक्षम हैं.
भारत के पास Mi-2, Mi-35, MI-26, MI-17V5, चेतक और चीता जैसे ताकतवर हेलीकाप्टर भी हैं.
चेतक और चीता हेलिकॉप्टर बेड़ा भारतीय वायु सेना में खोज और बचाव कार्यों में भी अहम भूमिका अदा करते हैं.
ट्रांसपोर्ट एयरक्राप्ट के रूप में डाकोटा, डीवान सी-119, बॉक्सकार, ऑटर्स, वाइकाउंट, इलिशिन और पैकेट हर मुश्किल हालात में सेना को मदद पहुंचाने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं.
टोही विमानों में स्पिटफायर, ऑस्टर और हार्वार्ड जैसे विमान 24 घंटे दुश्मन की हरकतों पर नजर रखने में सक्षम हैं.
राफेल लड़ाकू विमान भी वायुसेना के पास है.
हिंडन एयर-बेस पर हो रहा है बेहतरीन एयर-डिसप्ले
बता दें कि आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर आज हिंडन एयर-बेस पर एक बेहतरीन एयर-डिसप्ले हो रहा है. हिंडन एयर-बेस पर 75 एयरक्राफ्ट अपनी ताकत का परिचय दे रहे हैं. ये सभी विमान एक बेहतरीन एयर-डिसप्ले का हिस्सा हैं और देश के दुश्मनों को अपनी ताकत का लोहा मनवाने का नमूना पेश कर रहे हैं. इस बार एयर डिसप्ले में रफाल, सुखोई, मिग-29, जगुआर, मिराज और मिग-21 बाइसन सहित कुल 75 एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं. 1971 युद्ध के स्वर्णिम विजय-वर्ष की झलक भी इस बार एयर-डिसप्ले में देखने को मिलेगी.
वायुसेना के मुताबिक, इस साल राजधानी दिल्ली के करीब हिंडन एयर बेस पर फाइटर एयरक्राफ्ट्स की विजय, शमशेर, बहादुर, विनाश और तिरंगा फोर्मेशन खास आकर्षण होंगी. इन अलग-अल फोर्मेशन्स में 05 मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट, 05 जगुआर, 05 मिग-29, 04 सुखोई, 02 एलसीए तेजस और 02 रफाल शामिल होंगे. लेकिन सबसे खास होगा एरो-हेड फोर्मशन जिसमें एक-एक एलसीए तेजस, रफाल, मिराज 2000, जगुआर और मिग-29 एक साथ उड़ान भरते दिखाई पडे़ंगे.
इसके अलावा एक कोर्डिनेटेड डिसप्ले में एलसीए तेजस, रफाल और सुखोई हिंडन एयर बेस के आसमान में उड़ान भरते दिखेंगे. एयर डिसप्ले में 01 एएन-32, 01 सा-17 ग्लोबमास्टर और 03 सी-130 जे सुपर हरक्युलिस मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट्स शामिल होंगे. हेलीकॉप्टर्स में मी-17वी5, एएलए-मार्क-4, चिनूक, अपाचे और मी-35 दिखाई पडेंगे. इसके अलावा विंटेज एयरक्राफ्ट भी एयर डिसप्ले का हिस्सा होंगे जिसमें टाइगरमोथ, डकोटा और हार्वर्ड शामिल होंगे. एयर डिसप्ले में वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम भी हिस्सा लेगी. इस टीम में नौ (09) हॉक एयरक्राफ्ट एक साथ आसमान में कलाबाजियां करते दिखाई पडेंगे. इसके अलावा वायुसेना की आकाशगंगा टीम भी आसमान में एक विमान से पैरा-ड्रॉप के जरिए हिंडन एयरबेस पर उतरेगी.
26/09/2021
05/09/2021
👨🏫👩🏫👨🏫👩🏫👨🏫👩🏫👩🏫👨🏫👩🏫👩🏫👨🏫👩🏫👨🏫👩🏫👩🏫👩🏫Teacher’s Day 2021: भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया जाता है। इस दिन स्कूल-कॉलेजों में कई तरह के कार्यक्रम होते हैं। आम तौर पर बड़ी क्लास के बच्चे छोटी क्लास के बच्चों के लिए टीचर्स बनते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के बीच यह खास दिन मनाया जा रहा है। कोविड के मामलों में कमी को देखते हुए कई राज्यों में स्कूल खोले गए हैं और बच्चों ने स्कूल जाना भी शुरू कर दिया है, लेकिन टीचर्स डे इस बार रविवार को है
किसी भी इंसान के जीवन में गुरु यानी उसके टीचर का कितना महत्व होता है, इसे कबीर के उस दोहे से समझा जा सकता है, जिसमें उन्होंने गुरु और गोविंद को एक ही जगह खड़ा करते हुए छात्र के उस असमंजस को बयां किया है कि आखिर वह किसे पहले प्रणाम करे। दोहे का अंत गुरु की महिमा का बखान करते हुए कुछ इस तरह होता है कि वह गुरु ही हैं, जिन्होंने छात्र को गोविंद के बारे बताया।
गुरु गोविंद दोउ खड़े
कोके लागू पाय
बलिहारी गुरु आपने
गोविंद दियो बताय।
👩🏫5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है टीचर्स डे?
साफ है कि भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान हमेशा से आगे रहा है। जहां तक 5 सितंबर को ही शिक्षक दिवस मनाए जाने की बात है तो भारत में यह खास दिन 1962 से मनाया जा रहा है। यह भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म की तारीख है, जिसे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में हुआ था। बचपन से ही उन्हें किताबें पढ़ने का शौक था। वह स्वामी विवेकानंद के विचारों से खासे प्रभावित थे। बताया जाता है कि भारत के राष्ट्रपति बनने पर उनके कुछ छात्र व मित्र उनसे मिलने पहुंचे और उनसे उनका जन्मदिन बनाने की अनुमति मांगी तो उन्होंने अलग से इसे मनाने की बजाय 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद से ऐसा ही किया जा रहा है।
👨🏫किताबों से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के लगाव को उनकी इसी बात से समझा जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि किताबें पढ़नें से हमें एकांत में विचार करने की आदत और सच्ची खुशी मिलती है। उनकी यह बात ऑनलाइन एजुकेशन, इंटरनेट पर मौजूद अथाह अध्ययन सामग्री और सोशल मीडिया के आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक है, क्योंकि आज भी किसी भी मुद्दे पर गहरा और सटीक ज्ञान किताबों को पढ़कर ही हासिल किया जा सकता है।
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देते हैं शिक्षा शिक्षक हमारे
नमन चरणों में गुरु तुम्हारे
बिना शिक्षा सूना जीवन है
शिक्षित जीवन सदा नवजीवन है
शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
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