Upsc Rpsc Ssc Bank Study Group
जागो और जगाओ, समाज के हक की आवाज उठाओ !
अंधविश्वास हटाओ,शिक्षाकी अलख जाओ!!
जय भीम जय संविधान
*_Top 5 current affairs of the day 26 November 2018_*
👇👇👇👇👇👇👇👇
*_1.भारतीय संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया गया_*
_भारत में हर साल 26 नवंबर को 'संविधान दिवस' मनाया जाता है. इस दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता है. उन्होंने भारतीय संविधान के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा संविधान तैयार किया है. भारत के संविधान का मसौदा तैयार करनेवाली समिति की स्थापना 29 अगस्त 1947 को की गई थी और इसके अध्यक्ष के तौर पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की नियुक्ति हुई थी._
_देश के संविधान निर्माण की 69वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किये गये. 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाते हुए सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थाओं में संविधान के प्रति जागरूकता के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये गये._
*_2.पूर्व रेल मंत्री सी.के. जाफर शरीफ का निधन_*
_वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सी. के. जाफर शरीफ का दिल का दौरा पड़ने से 25 नवम्बर 2018 को बेंगलुरु के एक स्थानीय अस्पताल में निधन हो गया. वे 85 साल के थे. वे पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रहे थे और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी._
_सी.के. जाफर शरीफ जुमे की नमाज के वास्ते जाने के लिए अपनी कार में सवार होने के दौरान गिर गए थे. इसके बाद उन्हें बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शरीफ के परिवार के सूत्रों ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे._
*_3.मैरी कॉम ने छठा विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया_*
_भारत की वरिष्ठ महिला बॉक्सिंग खिलाड़ी एम. सी. मैरी कॉम ने 24 नवंबर 2018 को आईबा महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के 10वें संस्करण में 48 किलोग्राम भार वर्ग का खिताब अपने नाम किया._
_मैरी कॉम ने फाइनल में यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसी के साथ मैरीकॉम छह वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं. इससे पहले मैरी कॉम ने साल 2002, 2005, 2006, 2008 और साल 2010 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब अपनी झोली में डाला था._
*_4.डब्ल्यूएमओ ने ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन रिपोर्ट-2018 जारी की_*
_संयुक्त राष्ट्र के तहत जलवायु से संबंधित संस्था अंतरराष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने हाल ही में ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन नाम से वार्षिक रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान समय में पृथ्वी के वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है._
_यह रिपोर्ट वर्ष 2018 की प्रतिबद्धताओं पर आधारित है. इसमें विश्व के विभिन्न देशों द्वारा ग्रीन हाउस गैसों को लेकर उठाये गये कदमों, आवश्यकताओं, कमजोरियों तथा आंकड़ों को शामिल किया गया है. कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड का स्तर पूर्व औद्योगिक स्तर से काफी अधिक और इसमें कमी होने की कोई संभावना दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रही है._
*_5.समीर वर्मा ने जीता सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब_*
_भारत के स्टार शटलर समीर वर्मा ने 25 नवम्बर 2018 को चीन के लू ग्वांगझू को हराकर लगातार दूसरी बार सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया. उन्होंने खिताबी मुकाबले में चीन के लू ग्वांगझू को 16-21, 21-19, 21-14 से हराया._
_यह मैच समीर ने एक घंटे 10 मिनट में जीता. विश्व नंबर-16 समीर वर्मा की विश्व रैंकिंग में 36वें पायदान पर काबिज लू ग्वांगझू के खिलाफ पहली जीत है. उन्होंने इस जीत के साथ ही इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में ग्वांगझू से मिली हार का बदला भी चुकता कर लिया है. इस जीत के साथ ग्वांगझू के खिलाफ करियर रिकॉर्ड 1-1 का हो गया है_
एक छात्र जो असफल हुआ है, इसका अर्थ है वह किसी परीक्षा में बैठा है, इसका अर्थ है कि उसने कोई लक्ष्य तो बनाया हैं। कम-से-कम वह उन छात्रों से तो श्रेष्ठ है जिन्होंने बिना कोई परीक्षा दिए ही हार मान ली। परीक्षा देने वाला छात्र चाहे असफल हो गया लेकिन वह हर उस छात्र से अधिक आत्मविश्वास रखता है, अधिक योग्यता, क्षमता रखता हैं, अधिक जागृत जीवन्त है जो उस परीक्षा को देने की हिम्मत ही न जुटा सके। कहते हैं —-
” गिरते है शहसवार ही मैदाने जंग मे,
वे तिफ्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलें “
असफलता अभिशाप नहीं है। हर सफलता के पीछे कई असफलताओं से प्राप्त शिक्षा, सीख होती हैं। असफलता को सफलता के मार्ग में कभी बाधक न समझें। यदि वर्तमान असफलता से कुछ सीख सकते हैं तो जीवन में बहुत बड़ी-बड़ी सफलताएं आपका इन्तजार कर रही हैं।
असफलता को अपना मार्गदर्शक बनाएं
आप किसी भी परीक्षा से असफल हुए हैं तो अपनी असफलता के कारणों को जानने का प्रयास करें। आप पूर्ण ईमानदारी और धैर्य से अपनी असफलता के लिए जिम्मेदार हर छोटे-बड़े कारण का आकलन करें।
पूर्ण ईमानदारी का अर्थ
आप पूर्वाग्रह रहित होकर अपनी कमजोरियों एवं कमियों को पहचानें, जानें। स्वयं के प्रति ईमानदार रहें। स्वयं से झूठ न बोलें। स्वयं को भ्रमित न करें।
धैय का अर्थ
बहुत सोच-समझकर अपनी असफलता हेतू जिम्मेदार विभिन्न घटकों पर विचार करें। सबसे अह्रम बिन्दु यही है कि आज यह जान सकें कि आपसे कहां चूक हुई। कहीं आपकी तैयारी में कमी थी या आप तनाव में थे, या आपने परीक्षा देते समय कोई गलती कर दी या अन्य कोई कारण।
एक-एक कारण की स्वयं समीक्षा करें
हर कारण घटक को जानने के बाद सोचें कि क्या आप इन कारणों को दूर कर सकने की स्थिति में हैं।
भाग्य या दुर्भाग्य को असफलता हेतु जिम्मेदार ठहराने का प्रयास न करें।
यदि कुछ कारण ऐसे हैं जिनका उपाय आपके बस में नहीं हैं तो आपको अपने अभिभावकों या किसी अच्छे मित्र या किसी मनोचिकित्सक की राय लेनी चाहिए।
अभिभावकों की राय लें
देखा जाता है कि छात्र स्वयं अपनी समस्याओं एवं परेशानियों से जूझते रहते हैं। वे अभिभावकों से राय नहीं लेना चाहते हैं। वे सोचते है कि अभिभावक क्या समझते हैं ? , वे क्या कर सकते हैं ? यह सच हो सकता है कि आपकी शैक्षिक समस्याओं के सम्बन्ध में शायद अभिभावक कुछ न कर सकें लेकिन उनका अनुभव आपसे बहुत अधिक हैं। उन्होंने भी अपनी उम्र में बहुत-सी समस्याओं का सामना किया है, उनका कोई मित्र, परिचित आपके काम आ सकता हैं। कम-से-कम आपको उनकी राय से कोई हानि तो नहीं हो सकती हैं।
असफलता ही आपकी सफलता की कुँजी हैं
अपनी सफलता के कारणों का आकलन करने के बाद, आप पूर्ण आत्मविश्वास एवं दृढ़तापूर्वक, पुन: तैयारी करें। न निराश होने की आवश्यकता है, न ही यह सोचने की आवश्यकता है कि फिर हो गया तो क्या होगा? इसका सीधा-सा जवाब है कि जब ऐसा होगा तो सोचेंगे। आज ऐसा सोचने का कोई औचित्य नहीं हैं !
अधिकांश व्यक्तियों के तनाव का कारण भविष्य की बुरी आशंकाओं की कल्पना हैं। ऐसी कल्पनाएं जो कभी घटित ही नहीं होती हैं। आप इस बार असफल हुए तो क्या हो गया। आपका यह निर्णय कि मुझे पुन: प्रयास करूँ तो असफलता मिल सकती हैं, तभी तो आप प्रयास हेतु तैयार हुए हैं। और जब आपमें यह आत्मविश्वास है तो पूरे संकल्प एवं लगन से जुट जाएं सफलता क्यों नहीं मिलेगी? कोई आशंका मन में न लाएं। हर सफल व्यक्ति कितनी ही बार असफल होता हैं, फिर आप निराश क्यों हो रहे हैं। आशा, आत्मविश्वास, दृढ़-संकल्प, कड़ी मेहनत के साथ अपनी कमियों/कमजोरियों का सच्चा आकलन कर उनका परिर्माजन करने से हर असम्भव कार्य सम्भव होता हैं।
” असफलता सफलता की पहली सीढ़ी है “
लोग क्या कहेंगे ?
यह एक ऐसी बीमारी है, जिससे क्या छात्र, क्या अभिभावक, सभी त्रस्त रहते हैं। मैं फेल हो गया तो लोग क्या कहेंगे ? मेरा बेटा फेल हो गया तो लेाग क्या कहेंगे ? अधिकांश छात्र/अभिभावक इन्हीं उलझनों से तनावग्रस्त रहेते हैं। जो कहेंगे, कहने दो। वे आपकी असफलता को तो सफलता में बदल नहीं सकते। वैसे भी लेाग तो कहते ही है, चाहे आप सफल हों या असफलत। हर व्यक्ति का अपना सोचने का ढंग होता हैं। आप सफल हो गए तो कहेगें, उसे कितना घमण्ड हो गया है। फेल हो गए तो कहेंगे, हम तो पहले ही जानते थे, पास होना इतना आसान है क्या? स्वयं को बहुत इन्टेलीजेन्ट समझता था।
वैसे भी लोगों को दूसरों पर कुछ-न-कुछ टिप्पणी करने में मजा आता है। कोई सकारात्मक ढंग से सोचता है तो कोई नकारात्मक ढंग से। प्रश्न है कि आप यह सोचकर क्यों परेशान है कि लोग क्या कहेंगे?
मुख्य बात यही है कि आप अपने लक्ष्य को हासिल करने हेतु प्रयासरत रहें। पूरी र्इमानदारी, लगन एवं निष्ठा से अपन कर्तव्य का पालन करें। आपको सफल होना हैं, चाहे कोई कुछ भी कहे। सफल होने के बाद, सब कुछ सुहावना लगता हैं। आपके समक्ष सब अच्छा ही बोलते हैं, पीछे चाहे कोई कुछ भी कहता रहें।
नकारात्मक सोच के व्यक्तियों से हमेशा दूर रहें
आपको जीवन में, अपने आस-पास ऐसे बहुत-से मित्र, रिश्तेदार, व्यक्ति मिल जाएंगे, जो आपको आगे बढ़ने से रोकने में बहुत अह्रम भूमिका निभा सकते हैा।
जिनकी सोच हमेशा, आत्महीनता, निराशावादी एवं भाग्यवादी भरी होती है वे स्वयं तो जीवन में किसी उच्च मुकाम पर पहुँच नहीं सके और न ही चाहते है कि आप कुछ ऊँचा सोचें या ऊँचा करने की इच्छा रखे।
इस तरह की सोच, एक निराशावादी दृष्टिकोण, आत्मविश्वास की कमी एवं दूसरों की क्षमता के नकारात्मक आकलन को व्यक्त करती है। ऐसे व्यक्तियों से हमेशा दूर रहें।
अपने लक्ष्य का निर्धारण अपनी क्षमता एवं योग्यता के सन्दर्भ में करें। एक बार तय कर लिया तो फिर डटकर मेहनत करें एवं ” दुनिया को दिखा दें कि उनकी सोच कितनी संकीर्ण एवं नकारात्मक थी। “
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the school
Website
Address
Jaipur