Priya
भाई ने बहन की रगड रगड कर चीखे निकाल दी || Hindi Stories || Romantic Kahaniya || Suvichar Kahaniya || Emotional Audio story || Full hindi Audio Story Priya bhabhi //
05/01/2026
𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟭 दोस्तो, मेरा नाम अनुज है. मैं 22 साल का हूँ और कॉलेज में पढ़ता हूँ.
मैं हरियाणा के एक छोटे से शहर का रहने वाला हूँ.
मेरे घर में मेरी मम्मी, मैं और मेरी छोटी बहन रूही है.
मेरे पिता जी का देहांत हो चुका है इसलिए मैं सुबह सुबह एक दुकान पर कुछ काम करता हूँ जिससे मेरा कुछ खर्चा निकल आए.
रूही 18 साल की है और 12वीं में पढ़ती है.
मेरी कमसिन बहन रूही एक मस्त मस्त माल है. उसका बदन थोड़ा भरा हुआ है. उसके दूध और हिप थोड़ी उभरी हुई है जिसे देख कर कोई भी लड़का मेरी बहन को पटाने और करने का सोचेगा.
यह स्टोरी मेरी बहन रूही की ही है जिसको मैंने मेरे ही घर में मोहल्ले के लड़कों से ठुकती हुई देखा जो मेरे ही दोस्त हैं।
आपको यह सच्ची कहानी सुन कर मज़ा आएगा।
जैसा कि मैंने बताया कि मैं सुबह सुबह पहले दुकान पर जाता हूं और बाद में कॉलेज.
शाम को भी कभी कभी काम पड़ने पर दुकान जाता पड़ता है.
नहीं तो राहुल और मोहित जो कि मेरे ही मोहल्ले के दोस्त हैं, उनके साथ क्रिकेट खेलने जाता हूं.
रूही शाम को अपनी कोचिंग क्लास के लिए जाती है.
राहुल और मोहित हर रोज ही क्रिकेट खेलने जाते हैं और जाते समय मेरे को भी खेलने के लिए बुलाने के लिए अक्सर मेरे घर में आते हैं.
वे लोग जब भी मेरे घर आते, रूही को ही देखते रहते.
शुरू शुरू में तो मैंने नजरअंदाज कर दिया था.
पर वे लोग मेरे घर न होने पर भी मेरे घर किसी न किसी कारण आने लगे थे.
मैंने इसको भी सिर्फ एक सामान्य रूप से देखा.
मेरी मम्मी भी जॉब करती हैं, जिसके कारण वे भी घर में कम ही रहती हैं और देर शाम को ही काम से लौट पाती हैं.
एक दिन अचानक ही शाम को मेरी मौसी के लड़के का फोन आया और उसने मौसी की तबीयत अचानक से खराब होने का बात बताई.
मैं और मम्मी अगले ही दिन मौसी के घर जाने का सोचने लगे.
मेरी मौसी का घर थोड़ा दूर है जिसके कारण हमें रात को भी वहीं रहना था.
मैं और मां अपना जरूरी काम खत्म करके शाम को मौसी के पास जाने के लिए तैयार हो गए और टाइम पर ही बस स्टैंड आ गए.
पर उसी टाइम मुझे मेरी दुकान मालिक का फोन आया और वह कुछ जरूरी काम बताने लगे, जिस कारण से मैंने मम्मी को अकेले ही मौसी के पास जाने की कह दी और खुद दुकान में आ गया.
काम खत्म करके मैं घर आया.
उस वक्त घर का मेन गेट खुला था.
मैं अन्दर आ गया.
अन्दर आते ही मुझे रूही के कमरे से किसी लड़के की आवाज सुनाई दी.
यह राहुल की आवाज थी.
वह रूही से बोल रहा था- आज रात तो खूब मजे करेंगे.
यह सुनते ही मैं घर से बाहर आ गया और बिना आवाज किए घर के पीछे आ गया कि राहुल मेरी बहन के साथ किस मजे की बात कह रहा है, यह मुझे देखना चाहिए.
मैं घर के पिछवाड़े में बनी बाउंड्री वाल के पास आया और पीछे की तरफ बने बेडरूम की खिड़की के पास आ गया.
मैंने खिड़की से अन्दर देखने की कोशिश की.
बेडरूम की खिड़की थोड़ी खुली हुई थी जिस कारण से मुझे अन्दर का सब साफ साफ दिखने लगा था.
जैसे ही मैंने अन्दर देखा, मेरे पैरों के नीचे से जमीन निकल गई.
राहुल मेरी बहन रूही को किस कर रहा था और कह रहा था- आज तो पूरी रात हमारी है.
मेरी बहन भी उसके साथ चुंबन का मजा ले रही थी.
वे दोनों ठुकाई के पहले की पोजीशन में थे. यह देख कर मुझे बड़ा गुस्सा आया कि मेरी बहन राहुल के साथ करने के लिए उससे सैट हो गई है.
फिर मेरे मन में आया कि मेरी बहन भी जवान हो गई है और उसके भी कुछ अरमान हो सकते हैं तो मुझे उन दोनों को उनके मन की करने देना चाहिए.
जैसे ही मेरी यह सोच बनी तो मेरे अन्दर की एक छिपी हुई वासना ने भी मुँह मारा और मैं अपनी बहन की देखने के लिए लालायित हो उठा.
अब मैं चुपचाप उन दोनों को करते हुए देखने का मन बना चुका था.
कुछ देर की चूमाचाटी के बाद राहुल ने मेरी बहन के टॉप को उतार दिया.
मेरी बहन रूही ने टॉप के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी.
मैं समझ गया कि यह सब पहले से ही प्लान था.
जैसे ही रूही का टॉप हटा तो उसके दोनों संतरे हवा में नंगे होकर फुदकने लगे.
मेरी छोटी बहन के दूध बहुत बड़े थे और एकदम सख्त थे.
उन्हें देख कर मेरे में भी फुरकन होने लगी थी.
तभी राहुल ने एक हाथ से मेरी बहन रूही के एक संतरो को पकड़ कर दबाया और वह दूसरे को मुँह से चूसने लगा.
साथ ही राहुल ने अपने दूसरे हाथ को रूही की टांगों के बीच में डाल दिया.
वह मेरी बहन की गुफा को उसके लोअर के ऊपर से ही सहलाने लगा.
तभी अचानक से बेडरूम का दरवाजा खुला और मोहित अन्दर आ गया.
मोहित को अन्दर आया देख कर मैं हैरान हो गया … पर रूही और राहुल दोनों पर कोई असर नहीं पड़ा बल्कि वे दोनों तो मोहित को देख कर खुश होने लगे थे.
मैं अपनी बहन रूही की तरफ देखने लगा और सोचने लगा कि मेरी बहन को तो मैं अब तक बच्ची समझता था पर यह तो एक साथ दो लड़कों से ठुकने लायक हो चुकी है.
रूही बड़ी खुश दिखाई दे रही थी.
राहुल ने मोहित से कहा- अबे इतनी देर कहां रह गया था, रूही ने तो पहले ही बता दिया था कि इसका भाई और मम्मी आज घर पर नहीं हैं. तब भी तू लेट हो गया?
मोहित बोला- हां यार, थोड़ा अर्जेंट काम आ गया था इसलिए देर हो गई.
अब मोहित भी मेरी बहन रूही की ठुकाई में शामिल हो गया.
वह मेरी बहन रूही के एक दूध को सहलाते हुए बोला- आज तेरी जी भर कर करेंगे …
मेरी बहन यह सुनते ही खुश हो गई कि उसे पेलने वाले किस तरह से उसकी करने की कह रहे हैं.
जबाव में रूही ने कहा- मैं तो कब से तैयार बैठी थी, तुम्हीं ने आने में देर लगा दी.
फिर मोहित अचानक से उठा और उसने रूही के लोअर को पकड़ कर खींच दिया.
रूही ने अपनी हिप उठा दी तो उसका लोअर उतर गया.
लोअर उतरते ही मैंने देखा कि मेरी बहन ने पैंटी भी नहीं पहनी थी. इस कारण से वह पूरी नंगी हो गई थी.
उसकी देख कर मेरा भी खड़ा हो गया.
रूही की एकदम कचौड़ी सी फ़ूली हुई थी और एकदम चिकनी थी.
वह अपनी गुफा पर हाथ फेरती हुई उन दोनों को देख कर अपनी जीभ को होंठों पर फिराने लगी.
कहानी जारी रहेगी 𝗟𝗶𝗸𝗲, 𝗦𝗵𝗮𝗿𝗲, 𝗙𝗼𝗹𝗹𝗼𝘄✅
अगले भाग के लिए 𝗟𝗶𝗸𝗲 करे 𝗼𝗿 𝗖𝗼𝗺𝗺𝗲𝗻𝘁 मे 𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 लिखें
04/01/2026
𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 इस पर दिव्या मेरे सामान को हाथ से पकड़ कर हिलाने लगी.
मेरा खड़ा होने लगा.
दिव्या बोली- हां बड़ा हो रहा है.
तभी दिव्या ने एकदम से मेरा अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी.
जब वह चूस रही थी तो क्या मजा आ रहा था … पूरे को अन्दर तक लेकर चूस रही थी और मैं अपनी आंखें बंद करके मुख मालिश का मजा ले रहा था.
वह पूरे जोर से मेरे सामान का मजा ले रही थी.थोड़ी ही देर में मेरा अपने फुल साइज में आ गया.
मेरे कड़क देख कर दिव्या बोली- वॉओ राज … तुम्हारा तो बिल्कुल वैसा ही है … जैसा तुमने इसका फोटो भेजा था. मैं तो सोच रही थी कि वह फोटो फेक है लेकिन वह फोटो तो हमारे ही सामान के हैं. मैं उन फोटो को रोज देखती थी और नितिन से बोलती थी कि मुझको इसी से अपनी मरवानी है.
मैं- आज तुमको मिल गया है ये … अब तुम इससे अपनी गुफा मरवाओ या इसको अपनी हिप में डाल लो.
दिव्या- हां दोनों में डालूंगी. पहले नितिन को आ जाने दो. तब तक मैं तुम्हारे से सिर्फ खेलूंगी.
मैं- ओके जब तक तुम्हारा मन करे, तब तक मेरे से खेल लो.
फिर मैं बोला- जब तुम मेरे से खेल ही रही हो, तो तेल लगा कर मेरे सामान की मालिश ही कर दो ताकि यह तुम्हारी में आराम से जा सके.
इस पर दिव्या राजी हो गई और तेल से मेरे सामान की मालिश करने लगी.
थोड़ी देर में नितिन भी आ गया.
दिव्या गेट खोलने जाने लगी.
मैंने पूछा- तौलिया लपेट लूँ?
तो इस पर दिव्या बोली- नहीं अभी ऐसे ही रहने दो, मैं आकर तुम्हारी और मालिश करूंगी.
यह कहती हुई वह चली गई.
नितिन कमरे में आया और मेरे सामान को देख कर बोला- ओह भाई क्या है ये … तेरा तो बहुत बड़ा है. ये तो दिव्या की फाड़ देगा. एक काम करना तू दिव्या की हिप में मत करना!
मैं- ओके नितिन.
इतने में दिव्या बोली- क्या ओके … मैं पागल हूँ जो इतनी देर से मालिश कर रही हूँ. इसी लिए ही तो मालिश कर रही थी ताकि मैं आराम से इसको अपनी में ले सकूं!
नितिन- नहीं दिव्या, इसका बहुत बड़ा है.
दिव्या- लेना मुझको है या तुमको? मैं अपने आप अपनी हिप में ले लूंगी, तुम टेंशन मत लो … तुम बस ये बताओ कि मार्केट से क्या लाए हो?
नितिन- दो बोतल और कुछ चकने में.
दिव्या- तो पैग बनाओ जल्दी से … और पिलाओ मुझे!
वह मेरे पर तेल डाल कर फिर मालिश करने में लग गई.
नितिन ने पैग बनाए और हम तीनों ने अपना अपना पैग पिया.
मैंने कहा- प्लीज नितिन जल्दी से मेरा एक पैग और बनाओ!
दिव्या बोली- इतनी जल्दी क्या है राज. आराम से पियो न!
मैंने कहा- ठीक है, पर मेरा एक और बना दो.
नितिन ने मेरा पैग बनाया और मैंने झट से उसको पी लिया.
मैंने दिव्या की तरफ देखा, वह अपना पैग धीरे धीरे पी रही थी.
तब मैंने उसके एक हाथ को पकड़ कर अपने पर रख दिया.
दिव्या समझ गई और मेरे सामान को हिलाने लगी.
मेरा पहले से ही बहुत बैचेन हो रहा था.
दिव्या मेरा हिलाने लगी और मैं दिव्या की ब्रा में हाथ डाल कर उसके दबाने लगा.
अब दिव्या गर्म होने लगी.
यह देख कर नितिन ने भी अपना पैग खत्म कर डिया और अपने कपड़े उतार दिए.
वह दिव्या के कपड़े उतारने लगा.
दिव्या के कपड़े जैसे ही उतरे, मेरी आंखों में अलग ही चमक आ गई थी और मेरे में एक अलग ही जोश भर गया था.
उसके बहुत मस्त लग रहे थे और उसके निप्पल गुलाबी थे.
मेरी नजर उसकी गुफा पर गई तो उसकी बिल्कुल चिकनी थी.
चिकनी देख कर मेरा मन दिव्या की चाटने के लिए उतावला हो उठा था.
मैंने दिव्या से कहा- मैं तुम्हारी चाटना चाहता हूँ.
इस पर नितिन बोला- नहीं पहले में चाटूंगा, फिर तुमको जो करना है कर लेना!
नितिन लेट गया और दिव्या को अपने मुँह पर बैठा कर उसकी चाटने लगा.
मैंने खड़े होकर दिव्या के मुँह में दे दिया और उसके बाल पकड़ कर झटके मारने लगा.
कुछ देर बाद दिव्या घोड़ी बन कर नितिन का चूसने लगी और उस स्थिति में दिव्या की हिप मेरे सामने थी.
मैंने दिव्या की हिप पर जैसे ही अपना लगाया.
तो दिव्या बोली- रुको पहले अपने पर अच्छे से तेल लगा लो, नहीं तो मेरी फट जाएगी.
मैंने अपने पर तेल लगा लिया और दिव्या की हिप पर भी तेल लगा दिया.
मैं उसकी हिप में उंगली करने लगा ताकि दिव्या की हिप खुल जाए और मेरा आसानी से अन्दर चला जाए.
कुछ देर ऐसा करने के बाद मैंने दिव्या से पूछा- अब तुम्हारी हिप में अपना डाल दूँ?
दिव्या ने तो हां बोल दिया मगर नितिन बोलने लगा- राज आराम से डालना, तुम्हारा बहुत मोटा है.
मैंने कहा- ओके, तुम दिव्या के बाल पकड़ कर इसको अपना चुसाओ.
नितिन ने दिव्या के बाल पकड़े और अपना पूरा उसके मुँह में अन्दर तक घुसा दिया.
तभी मैंने अपना दिव्या की हिप पर रखा और एक झटका दे मारा.
वह आगे को हो गई और फिसल गया.
मैंने दिव्या को कमर से पकड़ा और इस बार जोर का झटका मारा जिससे मेरा आधा दिव्या की हिप की चीरता हुआ अन्दर चला गया.
कहानी जारी रहेगी
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