Bablu Prajapat

Bablu Prajapat

Share

19/02/2026

📢 बुढ़ापे में अकेले न पड़ें और किसी पर बोझ न बनें—इसलिए ये बातें अभी समझ लें:

🫥⚖️ ०१. ज़मीन के झगड़ों में न पड़ें:
सिर्फ “पड़ोसी को सबक सिखाने” के लिए अपना जीवन कोर्ट-कचहरी की सीढ़ियों पर मत गंवाइए। हो सकता है केस खत्म होने से पहले ही आप दुनिया छोड़ दें। और अगर लड़कर ज़मीन जीत भी ली, तो वहाँ आप नहीं—वकील ही बसेंगे।

🫥🚗 ०२. पुरानी गाड़ियाँ बोझ बन सकती हैं:
पाँच लाख का फ़ायदा हो रहा है ऐसा सोचकर पुरानी गाड़ियाँ घर मत लाइए। अगर गाड़ी सड़क से ज़्यादा समय गैराज में खड़ी रहती है, तो दिल का दौरा गाड़ी को नहीं—आपको आएगा।

🫥🏠 ०३. अपनी संपत्ति ट्रांसफर करने की जल्दी न करें:
आज भले ही बच्चे “भगवान जैसे” लगें, लेकिन एक बार सारी संपत्ति उनके नाम कर दी, तो उसी घर में आप “अनचाही चीज़” बन सकते हैं। बच्चे बुरे नहीं होते, लेकिन दुनिया निर्दयी है। आख़िरी साँस तक कुछ न कुछ अपने नाम पर ज़रूर रखें।

🫥💰 ०४. अपनी आख़िरी बचत सुरक्षित रखें:
३० साल की कमाई से बनी पेंशन बच्चों के बिज़नेस में मत लगाइए। अंत में दवाइयों के लिए आपको उन्हीं बच्चों के सामने हाथ फैलाना पड़ सकता है।

🫥☝️ ०५. बच्चों के घर से चिपक कर न रहें:
सिर्फ “वे हमारे बच्चे हैं” कहकर उनके निजी जीवन में दख़ल न दें। ज़्यादा नज़दीकी आपका प्यार उनके लिए बोझ बन सकता है। अपने लिए एक छोटी-सी जगह बनाइए और स्वतंत्र जीवन जिएँ।

🥰⛰️ ०६. तीर्थयात्रा के लिए बच्चों का इंतज़ार न करें:
“जब उन्हें छुट्टी मिलेगी तब वे मुझे ले जाएँगे” ऐसा सोचकर प्रतीक्षा मत कीजिए। जब उन्हें समय मिलेगा, तब शायद आप चलने लायक भी न रहें। जब तक ताक़त है, अपने पसंदीदा स्थानों पर जाइए—चाहे अकेले ही क्यों न हों।

😋🍲 ०७. आज जो खाने का मन हो, वही खाइए:
अपने जीवनसाथी (पति/पत्नी) को आज ही उनकी पसंद की चीज़ खिलाइए। खाने की थाली लेकर श्मशान में रोते हुए कहना—“उन्हें यह बहुत पसंद था”—सिर्फ़ दिखावा है।

🥰🛋️ ०८. अपने लिए आराम की व्यवस्था करें:
मौत के दिन तक काम का पहाड़ मत ढोते रहिए। अगर आप सुबह से रात तक बस दौड़ते ही रहे, तो अंत में कुछ भी नहीं जीता होगा। अपने शरीर को ज़रूरी आराम दीजिए।

☝️✨️😴 ०९. नींद से बड़ा कोई इलाज नहीं:
बेकार की अनिद्रा कम करें और शांति से सोएँ। जब आप बीमार पड़ेंगे, तब कोई आपका दर्द बाँटने नहीं आएगा—वह आपको अकेले ही सहना होगा।

🫥🌘 १०. यह कभी न भूलें कि आप अकेले ही आए हैं:
यह उम्मीद करना कम कीजिए कि कोई आपके लिए सब कुछ करेगा। एक दिन आपकी परछाईं भी आपका साथ छोड़ देगी। मृत्यु भी अकेली होती है—इसलिए अकेले रहना खुशी-खुशी सीखिए।

✨ खुशी कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो कोई आपको दे;
खुशी वह है जो आपको खुद ही पैदा करनी होती है।

११. जब आपका पति/पत्नी स्वस्थ हों, तब छोटे-बड़े हर काम को खुद करना सीखने में ज़रा भी संकोच न करें।

१२. चाहे आपने वसीयत लिख दी हो, उसे बदलने का पूरा अधिकार आपके पास है—यह याद रखें।

१३. अगर वारिस आपको सताते हों या परेशान करते हों, तो याद रखें—आज कानून और जिला प्रशासन आपके साथ है।

१४. रोज़ टहलने की आदत डालें और यदि पुराने दोस्त या रिश्तेदार हों, तो उनके साथ अपने युवावस्था की यादें ज़रूर साझा करें।

१५. हमेशा याद रखें कि एक
दिन जीवन का हिसाब पूरा हो जाएगा; उस अंतिम दिन के लिए मानसिक रूप से तैयार रहिए।

१६. अंत में, यह जानकर कि आप कुछ भी साथ नहीं ले जाएँगे—सबके साथ प्रेम और मित्रता से पेश आएँ, ज़रूरतमंदों की मदद करें और स्वयं को एक अच्छा इंसान बनाइए 🙏🙏🌹🌹

05/09/2025

INSIDE JOB.... HINDI FULL MOVIES

Want your business to be the top-listed Media Company in Jaipur?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Telephone

Address


Jaipur
Jaipur
311024