Laddu Rajesh Pandey

Laddu Rajesh Pandey

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09/01/2022

2015 में मोदी सरकार ने सभी राज्यों से अपने यहाँ मेडिकल कॉलेज लगाए जाने के लिए उसका requirement list माँगा था ..... तेलंगाना और केरल को छोड़कर हर राज्य ने कुछ न कुछ लिया ही था ... बड़े राज्यों ने 7 - 10 मांगे थे ... 2017 में योगी जी ने उत्तर प्रदेश के लिए एक मेडिकल कॉलेज प्रति जिला मांग लिया जिसमें से अब 10 पूर्ण चलित हैं ... 11 पूरा होने वाले वाले हैं और 10 पर काम चालू है ... इसके ऊपर 45 मेडिकल कॉलेज प्लानिंग स्टेज में है ... आज उत्तर प्रदेश मेडिकल सुविधाओं में पूरे भारत के टॉप राज्य में से एक है ....
केरल का भी एक ख़ास बात है ....
केरल के कम्युनिस्ट चीप मिनिस्टर 15 जनवरी को कैपिटलिस्ट अमेरिका को रवन्ना हो रहे हैं ... अपना इलाज कराने को ... कम्युनिज्म को बधाई ...
केरल राज्य कैबिनेट ने आदेश दिया है की उनके कम्युनिस्ट चीप मिनिस्टर का पूरा खर्च tax payer के पैसे से होगा ... कम्युनिज्म को बधाई ..
केरल के कम्युनिस्ट चीप मिनिस्टर को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पाने की अग्रिम शुभकामनाएँ ...
केरल के चीप मिनिस्टर के अनुसार उनका healthcare system भारत में सबसे अच्छा है ....
महाराष्ट्र के साथ कदम कदम मिलाकर कोरोना को फील कराते रहने के लिए केरलियों को बधाई ...
सब केरल के कम्युनिस्ट सरकार को बधाई दो वरना कम्युनिस्ट सबको reject कर देंगे ....
Ranjay tripathi

27/06/2021

एक बात कोई समझा दो , बिल्कुल भी समझ नहीं आती !
अयोध्या में मन्दिर के लिए जमीन खरीद में घोटाले तो सब गिना रहे हैं , थाने जाकर रिपोर्ट कोई दर्ज नहीं कराता !
आखिर क्यौं ?
प्रथम दृष्टया लगता है कि कहीं नहीं कहीं कोई बात तो है , टीवी पर बहसें भी लगातार हो रही हैं , विपक्षी दल गरमा भी खूब रहे हैं , पर आश्चर्य सारे दस्तावेज चैनलों पर दिखाने वाली कोई भी पार्टी कोर्ट क्यौं नहीं जाती ?
जब तक थाने या कोर्ट नहीं जाएंगे तो तौहमतों और बयानों से क्या फायदा ?
जाइये न जरा , रपट लिखाइये ?

राम मंदिर दुनिया जहान के लिए कितना जरूरी है , हिन्दू से ही नहीं , किसी से भी पूछ लीजिये । करोड़ों लोग होंगे जो मन्दिर निर्माण की प्रक्रिया को भी अपनी यादों में भर लेना चाहते हैं । अभी तो जमीन के भीतर काम चल रहा है । जरा प्रथम तल का निर्माण ही शुरू होने दीजिए , राम के लाखों भक्त निर्माण कार्य देखने के लिए अयोध्या जाएंगे । श्रद्धा और भावनाओं का अनुमान लगाना मुश्किल है । लाखों लोग तो रामलला की जमीन के स्पर्श और उस पवित्र माटी को हृदय पर लगाने के लिए तड़फ रहे हैं । मन्दिर जब बन जाएगा तब तो देश के 110 करोड़ हिंदुओं में से ऐसा कोई होगा ही नहीं , जो अयोध्या न जाए ।

राम मंदिर करीब 500 साल पहले तोड़ा गया , अब अनेक बलिदानों के बाद वापस मिल रहा है । मन्दिर का फैसला चाहे कोर्ट से आया हो , परन्तु केंद्र में यदि मोदी की सरकार न बनती तो राम मंदिर अभी भी नहीं बन पाता । आखिर जिन छद्म धर्मनिर्पेक्षतावादियों ने राम सेतु और अयोध्या को ही नकार दिया था , वे राम मंदिर कैसे बनने देते । कल प्रधानमंत्री ने राम मंदिर की वर्चुअल बैठक में समीक्षा की ।

मोदी न आते तो क्या यह सम्भव था कि कोई प्रधानमंत्री देश के रक्त में बसी अयोध्या की बार बार जानकारी लेता ? बिल्कुल भी नहीं । राम विरोधी लॉबी का वश चलता तो वे सारे साक्ष्य ही मिटा दिए जाते जो कोर्ट में काम आए । याद कीजिये उन नेताओं को जो अयोध्या में मन्दिर के बजाय अस्पताल , विश्वविद्यालय और यहाँ तक कि शौचालय बनाने के बयान दे रहे थे । राममंदिर के लिए जैसा माहौल चाहिए था , वह इस सरकार के आने से ही मिला ।

खैर , राममंदिर अब कोई स्वप्न नहीं , हक़ीकत है । इस बात में कोई आश्चर्य नहीं कि बन जाने के बाद राममंदिर न केवल विश्व के पर्यटन मानचित्र पर शामिल हो जाएगा अपितु विश्व का आठवां आश्चर्य भी बन जाएगा । वैसे तो दक्षिण भारत में आज भी ऐसे दर्जनों विराट मन्दिर हैं , जिनकी खूबसूरती के सामने ताजमहल फीका है , लेकिन राममंदिर को दुनिया का आठवां आश्चर्य बनने से रोक पाना असंभव है । राम तो घट घट के वासी हैं , उनकी महिमा और कथाएं अनंत हैं । भारतीय संस्कृति की पूछें तो राम की अयोध्या , कृष्ण की मथुरा और शिव की काशी युगों से हमारे इतिहास की गवाह हैं । गंगा के किनारे हमारी सभ्यता खड़ी हुई और विष्णु के दशावतार भारत की आत्मा में रचे बसे हैं । ये सभी आज भी जीवंत हैं ।

वैसे रामकाज में बहुत बाधाएं डाली गई । जिन्होंने डाली , वे सभी मिट गए , राम सदा रहेंगे । दरअसल समझना होगा कि हमारी संस्कृति जीवंत है सदा जीवंत । संस्कृति और सभ्यता को न तो कोई मिटा सकता है और न भुला सकता है । सच कहें तो जिस प्रकार आत्मा अजर अमर है , उसी तरह तरह राम भी हैं । राममंदिर बनने दीजिये , कोई विवाद मत खड़ा कीजिये । हाँ , कोर्ट खुले हैं , शौंक से जाइये । करोड़ों लोग चाहते हैं , राममंदिर उनके जीवनकाल में बन जाएं । रामकाज में बाधा डालने से अब न कुछ होगा और न किसी की आस्था कम होगी । तो आइए , रामनाम की सरयू में गोते लगाते हैं ।
Kaushal sikhaula

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