Indore Help Service
21/04/2026
इंदौर में PWD के 3 अफसर रिश्वत लेते पकड़ाए:लोकायुक्त ने ऑफिस-निवास से बरामद किए रुपए; बिल के बदले मांगे थे 3.50 लाख
इंदौर में लोक निर्माण विभाग (PWD) के तीन अधिकारी मंगलवार को रिश्वत लेते हुए पकड़ाए हैं। पकड़े गए अधिकारियों के नाम जयदेव गौतम (कार्यपालन यंत्री, संभाग-1, इंदौर), टीके जैन (अनुविभागीय अधिकारी, पीडब्ल्यूडी संभाग-1) और अंशु दुबे (उपयंत्री, संभाग-1, इंदौर) हैं।
लोकायुक्त टीम ने आरोपी जयदेव गौतम को उनके शासकीय निवास से 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। जबकि टीके जैन को कार्यालय परिसर के पोर्च के नीचे से 1 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी अंशु दुबे ने भी 1 लाख रुपए की मांग की थी, लेकिन कम राशि उपलब्ध होने के कारण उसने रकम नहीं ली। इस प्रकार कुल 2.50 लाख रुपए की राशि जब्त की गई है।
4.51 करोड़ रुपए में पूरा किया था काम
पटेल इंटरप्राइजेस संचालक राजपाल सिंह पंवार एक शासकीय ठेकेदार हैं। वे धार के निवासी हैं और वर्ष 2023 में उनकी फर्म ने मैथवाड़ा फोरलेन पहुंच मार्ग का कार्य 4.73 करोड़ रुपए में लिया था, जिसे 4.51 करोड़ रुपए में पूरा किया गया।
अंतिम बिल भुगतान के बदले अधिकारियों ने 3.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की थी। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद मंगलवार को ट्रैप दल गठित कर कार्रवाई की गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई जारी है।
ट्रैप टीम में टीआई आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और विवेक मिश्रा सहित अन्य सदस्य शामिल थे। यह कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर की गई।
18/04/2026
महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में जो स्थिति सामने आई, उसने देशभर में नई बहस छेड़ दी है। इस बिल का उद्देश्य महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देना था, ताकि राजनीति में उनकी भागीदारी और प्रतिनिधित्व मजबूत हो सके। लेकिन इस बार सदन में यह बिल पास नहीं हो सका, जो सरकार के लिए एक अहम झटका माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारी राजनीतिक व्यवस्था अभी भी महिलाओं को बराबरी का मंच देने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है? या फिर इसके पीछे संवैधानिक प्रक्रियाएं और तकनीकी बाधाएं हैं, जिनके कारण यह बिल अटक गया।
Narendra Modi सरकार की मंशा महिलाओं को सशक्त बनाने की बताई जा रही है, लेकिन बिल का पास न होना यह दिखाता है कि नीति और प्रक्रिया के बीच संतुलन कितना जरूरी है।
भारत में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, ऐसे में राजनीति में उनका मजबूत प्रतिनिधित्व भी उतना ही जरूरी है।
अब नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले समय में यह बिल फिर से लाया जाएगा और क्या इस बार यह पारित हो पाएगा।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Website
Address
346 B, Scheme 136
Indore
452010