Designers' Collection
Exclusive n wonderful art to bring style, uniqueness, & beauty to
your celebration.You dream it and we make it. It will always gladden the eyes and give you only pleasant emotions.
ॐ ऐं अर्हम्
(लय :- होली आईं रे----)
चालो बीदासर-2
चालो बीदासर में होली रो हुड़दंग मचास्यांजी
चालो बीदासर
चालो बीदासर री गली-गली में धूम मचास्यां जी
चालो बीदासर
1.आपां सगलां ने मांयड़ री धरती झाला देवैजी
प्रीत पुराणी पालां यादां ताजी करस्यां जी
चालो बीदासर1
2.वीरभूमि रा राठोड़ां!थे घणेमान पधराओनीं
अपणांयत स्यूं गलै मिलांलां हंस बतलास्यां जी
चालो बीदासर
3.बांयांऔर जंवायां टाबरियां नै नूंत बुलांवां जी
मोत्यां चौक पुरास्यां
पलकां पर बिठास्यां जी
चालो बीदासर
4.श्री मघवा गुलाब सती री जन्मभूमि रो गौरव जी
दो माज्यां री धरा समाधिकेन्द्र कहावैजी
चालो बीदासर-2
5.गुरु कृपा स्यूं चार सत्यां बीदाणै रा विराजै जी
मांईतां री दूजी चाकरी कार्तिक यशाजी नै बथास्यां जी
चालो बीदासर-2
6.सुखदेव रामदेव पार्श्वनाथ गणेश शनि मंदिर शोभै
मघवा केन्द्र तेरापंथ भवन निरख सुख पास्यां जी
चालो बीदासर
7.कोई भी उण यादगार लम्हा़ स्यू वंचित मत रहज्यो
नखराली घूमर घालांला चंग बजास्यां जी
चालो बीदासर
सादर समर्पित:-
सरला प्रकाश भुतोड़िया
🙏🙏🙏
#होली
#होली_गीत
#चालो_बीदासर
18/04/2020
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
वैशाख कृष्णा ग्यारस की यह तिथि दिल में है टीस उठाई
1.आज के दिन सरदारशहर की धरा पे हुए नजरों से ओझल
नैना रह-रह भर-भर जाते दिल भी गम से हो गया बोझिल
छोड़ अचानक चले गये क्यों मैं तो अब तक समझ न पाई
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
2.संघर्षों के शिलालेख पर तुमने जो आलेख लिखा था
लेकर सत्कर्मों की स्याही दुर्लभतम इतिहास रचा था
सत्साहित्य सलिल सरिता में बौद्धिक जनमेदिनी है नहाई
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
3.धर्म ध्वजा को ऊपर रखकर तुमने अहिंसा विगुल बजाया
दे जीवन- विज्ञान अमोला आगम संपादन भी कराया
प्रेक्षा की वो उजली किरणें चुन-चुन स्मृति पटल पे सजाई
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
4.अध्यात्म सुमेरु! ज्योतिपुंज!तेरा पथदर्शन राहें खोलेगा
प्रण करते हैं संघर्षों में कोई ना पथ से डोलेगा
तव पट्टधर का भाग्यनगर में भावी पावस हो सुखदाई
कोरोनावायरस से हम सब निजात पाएं वर दो सांई!
जन्मसदी में हे अखिलेश! ग्यारहवीं पुण्यतिथि है आई
सूने मन मंदिर में महाश्रमण प्रभु की मूरत है बसाई
सरला प्रकाश भुतोड़िया
🙏🙏🙏💥🙏🙏🙏
22/11/2019
Now free delivery with Prime
Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar https://www.amazon.in/dp/1644298147/ref=cm_sw_r_wa_api_i_9G4YDbZ7JXDTE
#काव्यदर्पण
#सरलाप्रकाशभुतोड़िया
Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar Sarala Prakash Bhutoria was born in the year 1960 on the auspicious day of Holi. Her early life has roots in the small towns of Rajasthan and Bihar. She is based at Secunderabad. Right from her childhood, she was inclined towards poetry. She started singing and then writing for audiences at socio...
27/10/2019
“दुविधा में है यह चंचल मन,
कलम उठाऊँ या तलवार?”- सरला प्रकाश भुतोड़िया
#काव्यदर्पण
#कविता
#कवि
गागर में सागर भरने की कला होती है कवि की...
सूरज से लेकर एक तिनके तक का वर्णन कर सकता है कवि....
शब्दों में प्यार घोलकर आलोचना भी कर सकता है कवि....
वो कहते हैं ना... जहाँ ना पहुँचे ‘रवि’ वहाँ पहुँचे ‘कवि’!
Amazon
या
Flipkart से.
Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar
Kavya Darpan: Duvidha main hai Chanchal mann ye Kalam Uthaoon Ya Talwaar Samta Ki Chaini Le Kar Main Tod Nafrat Ki Deewar Sarala Prakash Bhutoria was born in the year 1960 on the auspicious day of Holi. Her early life has roots in the small towns of Rajasthan and Bihar. She is based at Secunderabad. Right from her childhood, she was inclined towards poetry. She started singing and then writing for audiences at socio...
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the business
Telephone
Website
Address
#205, DV House 1, Secunderabad, Telangana
Hyderabad
500003
Opening Hours
| Monday | 10am - 7pm |
| Tuesday | 10am - 7pm |
| Wednesday | 10am - 7pm |
| Thursday | 10am - 7pm |
| Friday | 10am - 7pm |
| Saturday | 10am - 7pm |
| Sunday | 10am - 7pm |