Navneet kumar
23/12/2025
भारत में अदानी समूह को दी गई "जंगल वाली" ज़मीन की सटीक कुल संख्या बताना मुश्किल है, क्योंकि यह अलग-अलग राज्यों (जैसे बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा) में अलग-अलग परियोजनाओं के लिए, कभी-कभी बहुत कम दरों (जैसे ₹1 प्रति एकड़) पर दी गई है, जिसमें वन भूमि, कृषि भूमि और आदिवासी ज़मीनें शामिल हैं, जिससे विवाद, पेड़ कटने और विस्थापन के आरोप लगे हैं; इसमें मुख्य रूप से बिहार में लगभग 1,000 एकड़ और छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खनन के लिए हजारों एकड़ वन भूमि शामिल है, जिसके लिए कई बार विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
प्रमुख मामले और क्षेत्र:
बिहार (भागलपुर/पटना): अदानी को थर्मल पावर प्लांट के लिए ~1000 एकड़ ज़मीन ₹1 प्रति एकड़ सालाना पर लीज़ पर दी गई, जिस पर 10 लाख से ज़्यादा पेड़ थे और स्थानीय लोगों ने विरोध किया।
छत्तीसगढ़ (हसदेव अरण्य): हसदेव अरण्य क्षेत्र की वन भूमि, जो जैव विविधता और हाथी गलियारे के लिए महत्वपूर्ण है, को अदानी के कोयला खनन के लिए दिया गया, जिससे स्थानीय आदिवासी समुदाय विस्थापित हुए और विरोध कर रहे हैं।
ओडिशा (बालंगीर): गंधमर्दन पहाड़ियों के पास कृषि भूमि के अधिग्रहण को लेकर भी विवाद हुआ है।
विवाद के मुख्य बिंदु:
कम कीमत पर ज़मीन: सरकारी दस्तावेज़ों और रिपोर्टों के अनुसार, अदानी को कई जगहों पर बहुत कम दरों पर ज़मीनें मिली हैं, जबकि उनका बाजार मूल्य कहीं अधिक है।
पेड़ों की कटाई: प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने की बात कही गई है, जिससे पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर चिंताएँ हैं।
आदिवासी अधिकार: हसदेव जैसे मामलों में, वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) के तहत आदिवासियों के अधिकारों का उल्लंघन करने के आरोप लगे हैं।
संक्षेप में, अदानी समूह को भारत में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वन और कृषि भूमि मिली है, लेकिन 'कितनी' का सटीक आंकड़ा व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है, केवल प्रमुख विवादों और क्षेत्रों का विवरण है।
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22/12/2025
ये रजत शर्मा हैं , इनके अनुसार दिल्ली में प्रदूषण के लिए अरावली पर्वत श्रेणी जिम्मेदार हैं !
अपने एक प्रोग्राम में इन्होंने बताया कि दिल्ली की बनावट एक कटोरे जैसी है, जिसके तीन ओर अरावली पर्वत हैं , इसलिए दिल्ली का प्रदूषण बाहर नहीं निकल पाता हैं !
ऐसा बयान तब आया हैं जब 100 मीटर से नीचे की पहाड़ियों को खत्म करने का प्लान बनाया जा रहा हैं !
सरकार से वाहवाही और पद के लालच में ऐसे पत्रकार देश के साथ धोखा कर रहे हैं,
एक आम आदमी भी बता सकता हैं कि अरावली के खत्म होने से करोड़ों लोगों का जीवन मुश्किल हो जाएगा लेकिन ये लोग उसके फायदे गिनवा रहे हैं !
इस मादरचोद दलाल को गालियों के साथ सुशोभित करें।
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17/12/2025
सालो से पाल रही है मेरे परिवार को,
कैसे कह दु खेत में कुछ नहीं रखा 💯
Navneet kumar Its a Viral
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