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# विलुप्त_होती_ईजाएं
ईजाएं अब विलुप्त हो रहीं हैं
पहाड़ों की यह उन्नत प्रजाति
अब प्रायः लुप्त हो रही है
ईजाएं अब विलुप्त हो रहीं हैं
माथे में पिठ्या
सुल्टे पल्ले की धोती
गले में च्यरो
हाथों में चूड़ी
कानो में कनफूल
ठुमठम घरभर में दौडती
ऐसी मांएं अब कम हो रहीं हैं
ईजाएं अब विलुप्त हो रहीं हैं
सूरज से पहले
खुद जग जाती
गुनगुनाकर भजन
भगवानो को जगाती
सोये घर में उसकी
भजन-धुन गूंजती
सूरज को चढ़ा जल
हर सुबह तुलसी पूजती
ऐसी मांएं अब कम हो रहीं हैं
ईजाएं अब विलुप्त हो रहीं हैं
हर त्यौहार
तनमन से मनाती
पीली ककड़ी का रायता
बड़ा-पूवा-पूड़ी बनाती
दीवाली में करे
कचोड़ी सिंगल की बारी
नान्तिनो को फिर
कोच्या-कोच्या खिलाती
एक-एक रस्म का
ख्याल वो रखती
जी-रेये बच-रेये
हरेला-च्यूड़ा लगाती
ऐसी मांएं अब कम हो रहीं हैं
ईजाएं अब विलुप्त हो रहीं हैं
एकादिशी पुन्यु
पेल-नोर्त और नौमी
जब भी देखो
वो ब्रत में ही होनी
खुद के लिए
कुछ सोचती नहीं वह
पूरे घर के लिए
दिन भर भूखी है रहती
बीच भगवान् और घर
वो कड़ी बन जाती
खुश रहे घर
हर ऐसी जुगत लगाती
ऐसी मांएं अब कम हो रहीं हैं
ईजाएं अब विलुप्त हो रहीं हैं
आलू का थेच्यु
फराश्बीन पकाती
पिनालु का साग
कुणकुणा गाबा बनाती
"द्वि दिन्नक लिजी नान्तींन घर में ऐंरीं"
पूरी की दुनिया की चीजें
वो चाहे खिलाती
ममता की मूरतें अब गुम हो रहीं हैं
ऐसी मांएं अब कम हो रहीं हैं
ईजाएं अब विलुप्त हो रहीं हैं
ईजाएं अब विलुप्त हो रहीं हैं ..
................................ ER Jay
10/03/2020
आपको और आपके परिवार को होली की खुब सारी शुभकामनाये इसी दुआ के साथ आपके व आपके परिवार के साथ सभी के लिए सुखदायक, मंगलकारी व आन्नददायक हो।
होली की खुब सारी शुभकामनाये
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