Anuj Rao
❤️❤️🩹……
“चंद लम्हों में ये बरसात चली जाएगी, मेरे आशिक ये हसीं रात चली जाएगी, नौकरी ढूँढता रह जाएगा तू शहरों में, उसको लेकर कोई बारात चली जाएगी ...
आएगा गुफ्तगू का सलीका तो कम से कम शायर बहुत जरूरी है एक खानदान में रहता है सिर्फ ...
गाँव गली का हर पत्थर याद आने लगता है... दिन ढ़लते ही अपना घर याद आने लगता है ..!!
ऐसे ही बेचारी दुनिया हमसे जलती है। अब किसी को छेड़ना नहीं, अपना छोड़ना नहीं। रात इंदौरी ने फ़रमाया था। मैं ना जुगनू हूँ, दिया हूँ या कोई तारा हूँ, रोशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों हैं?
तेरे दीदार के लिए आता हूँ तेरी गलियों में मैं। वरना तेरे शहर में तेरे सिवा देखने लायक हमारे लिए कुछ भी नहीं ...
0
एक बात के लिए मैं तुम्हारा बहुत एहसानमंद हूँ तुमसे मैंने ये सबक सीखा है के ज़िंदा रहने के लिए अपने सिवाए किसी और का होना बिलकुल ज़रूरी नहीं है आदमी
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Delhi
110053