Anuj Rao

Anuj Rao

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23/05/2026

❤️❤️‍🩹……

08/05/2026

“चंद लम्हों में ये बरसात चली जाएगी, मेरे आशिक ये हसीं रात चली जाएगी, नौकरी ढूँढता रह जाएगा तू शहरों में, उसको लेकर कोई बारात चली जाएगी ...

04/04/2026

आएगा गुफ्तगू का सलीका तो कम से कम शायर बहुत जरूरी है एक खानदान में रहता है सिर्फ ...

19/03/2026

गाँव गली का हर पत्थर याद आने लगता है... दिन ढ़लते ही अपना घर याद आने लगता है ..!!

14/03/2026

ऐसे ही बेचारी दुनिया हमसे जलती है। अब किसी को छेड़ना नहीं, अपना छोड़ना नहीं। रात इंदौरी ने फ़रमाया था। मैं ना जुगनू हूँ, दिया हूँ या कोई तारा हूँ, रोशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों हैं?

07/03/2026

तेरे दीदार के लिए आता हूँ तेरी गलियों में मैं। वरना तेरे शहर में तेरे सिवा देखने लायक हमारे लिए कुछ भी नहीं ...

05/03/2026

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एक बात के लिए मैं तुम्हारा बहुत एहसानमंद हूँ तुमसे मैंने ये सबक सीखा है के ज़िंदा रहने के लिए अपने सिवाए किसी और का होना बिलकुल ज़रूरी नहीं है आदमी

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