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17/12/2018

त्रिकोणासन के फायदे और करने का तरीका –

त्रिकोणासन संस्कृत के दो शब्दों त्रिकोण (Trikona) और आसन (aasan) से मिलकर बना है। इसका मतलब त्रिकोण होता है। त्रिकोणासन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है और इस आसन को करने से सेहत को कई फायदे होते हैं। यह आसन व्यक्ति को ऊर्जा से भर देता है और नियमित क्रिया के लिए अधिक स्टैमिना प्रदान करता है जिससे कि हम पूरे दिन ज्यादा सक्रिय होकर काम कर पाते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको त्रिकोणासन करने का तरीका ,त्रिकोणासन के फायदे और त्रिकोणासन करते समय सावधानियों के बारे में भी बताएंगे।

त्रिकोणासन शरीर के विभिन्न भागों जैसे पेट, कूल्हों और कमर से चर्बी को घटाने के लिए भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। त्रिकोणासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे किसी भी समय किसी भी स्थान पर आसानी से किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति बिना किसी तैयारी के इस आसन का नियमित अभ्यास आसानी से कर सकता है।

ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले या कारखानों में मशीन चलाने वाले ज्यादातर लोग काम के दौरान ही थोड़ी देर इस अभ्यास को करके एनर्जी प्राप्त कर लेते हैं और फिर से अधिक सक्रिय होकर काम करते हैं।

1. त्रिकोणासन करने का तरीका –

अपने पैरों को चौड़ा करके बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं। अपनी लंबाई के हिसाब से दोनों पैरों के बीच कम से कम दो या तीन फीट उचित स्थान बनाकर खड़े रहें। अपनी रीढ़ को मोड़ें नहीं बल्कि एकदम सीधे खड़े रहें। इसके बाद अपनी भुजाओं को फर्श के समानांतर लाएं और अपनी हथेली को नीचे की ओर ले जाते हुए सांस लें। अब धीरे- धीरे सांस छोड़ें और अपने शरीर को बायीं ओर मोड़ें और अपनी बायीं हाथ की उंगली से फर्श को छूएं और बाएं टखने को स्पर्श करें।आपका दाहिना हाथ बिल्कुल सीधे होना चाहिए। अब अपने सिर को घुमाएं और दाहिने हाथ की उंगली की नोक को देखें।इस मुद्रा को पांच से सात बार दोहराएं और फिर गहरी सांस लेते हुए हाथों को बिल्कुल सीधे करते हुए एकदम सीधे पहले की तरह खड़े हो जाएं। अब कम से कम पांच से दस बार गहरी सांस लें। सांस छोड़ दें और अपने कूल्हे को दाहिनी ओर झुकाएं और दाहिने हाथ की उंगली से फर्श को छूएं और दाहिने हाथ दाहिने पैर के टखने को जरूर छूना चाहिए। दस सेकंड के लिए इसी मुद्रा में रहें। उसके बाद हाथों को सीधा रख अपने स्थान पर खड़े हो जाएं और सांस (inhale) लें।अगर

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