Never Mind
SUCCESS IS SIMPLE
Do what’s right,
the right way,
at the right time.
मकर संक्रांति के अमृत स्नान के समय एक दिलचस्प दृश्य देखने को मिला।
कुछ सपाई,कांग्रेसी, वामी,और आपिये मिलकर पानी सनातन विरोधी तुच्छ मानसिकता का प्रदर्शन करते हुए #महाकुंभ मेला क्षेत्र में कुछ इस तरह के पोस्टर लेकर खड़े थे जिसमे यह लिखा था कि यह महाकुंभ एक पाखंड है।
समय और पैसों की बर्बादी है।
इसी विषय पर वे लोग माईक से अनाउंस भी कर रहे थे और सनातन विरोधी कुतर्क से भरी किताबें भी बांट रहे थे।
तभी अचानक वहां से कुछ नागा योद्धा संन्यासी गुजर रहे थे।
उन्हें धर्म का अपमान और सनातन संस्कृति का अपमान सहन नहीं हुआ और उन्होंने कर दिया वह इलाज जिसके लिए वह जाने जाते हैं।
जय हो #नागा बाबाओं की ....
बीजेपी के हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली पर रेप केस
14/01/2025
कड़वा है लेकिन सच है...
अगर सरकार युवाओं को रोजगार दे रही है, तो हरियाणा के परिवार क्यों खेत-मकान बेचकर अपने बच्चों को विदेश भेजने को मजबूर हैं?
कुंजपुरा के मनीष ने बेहतर भविष्य के लिए 38 लाख का कर्ज लेकर अमेरिका का रास्ता चुना, और अब उनके परिवार ने अपना सबकुछ खोकर उनका शव घर लाने की कीमत चुकाई।
सरकार बताए – कब तक हरियाणा के युवाओं का भविष्य विदेशों में धकेला जाएगा?
कब तक बेरोजगारी का यह दर्द जारी रहेगा?
11/01/2025
*** मांस एवं ऋतु का कोई मेल नहीं ***
शाकाहारी भोजन ऋतु के अनुसार बदल बदल कर खाया जाता है।
मांस रोग बढ़ाता है शाकाहार रोग से मुक्ति दिलाता है।***
1) *ताकत के लिए* -- पर धरती का सबसे ताकतवर जानवर *हाथी* शाकाहारी होता है। वो ताकत के लिए कभी मांस नहीं खाता!! किसानों के साथ मेहनत करने वाला *बैल* क्या कभी मांस खाता है? *हॉर्सपावर* का इस्तेमाल किसी भी मशीन की शक्ति मापने के लिए किया जाता है। क्या *घोड़ा* कभी मांस खाता है? फिर ये कैसे कहा जा सकता है कि मांस खाने से ताकत मिलती है???
2) *जीभ के स्वाद के लिए??* *मांस में कैसा स्वाद होता है।* सारा स्वाद उसमें पड़े बहुउपयोगी मसालों के कारण होता है। अगर वही मसाले इस्तेमाल किए जाएं तो बैंगन और आलू की सब्जी में भी वही स्वाद आएगा!
3) *विटामिन के लिए??* -- हरी पत्तेदार सब्जियों और सूखे मेवों में मांस से कहीं ज्यादा प्रोटीन, विटामिन और पोषक तत्व होते हैं....है ना? तो फिर मांस क्यों खाएं?
असल में प्रकृति ने न तो हमारे दांतों को मांस चबाने के लिए बनाया है और न ही हमारी आंतों को मांस पचाने के लिए। मानव शरीर मूलतः शाकाहार के लिए बनाया गया है। यदि ऐसा न होता तो डॉक्टर छोटे बच्चे को चावल की खिचड़ी की जगह मांस के टुकड़े चबाने को कहता। इसका मतलब यह हुआ कि मनुष्य स्वाभाविक मांसाहारी नहीं है!
*चिकित्सा* कहती है कि मांस खाने से पाचन क्रिया खराब होती है। मानसिक रोग होता है, जिससे अनेक रोग हो सकते हैं। *अध्यात्म* कहता है कि मांस खाने से मनुष्य में काम, क्रोध, मद, ईर्ष्या आदि दुर्गुण प्रबल होते हैं। तथा राक्षसी प्रवृत्तियाँ बढ़ती हैं। कहा जाता है कि मनुष्य बंदरों से विकसित हुआ है।
*बंदर* आज भी शाकाहारी हैं।
विकास की यात्रा में....
बंदरों से मनुष्य तक....
कौन जानता है कि मनुष्य पशु कैसे बन गया? लेकिन मनुष्य का पेट पशुओं का कब्रिस्तान नहीं है....
मनुष्य को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए!!!
शुद्ध आहार *शाकाहार* प्रकृति की रचना है... *
जो पशु होठों से पानी पीता है, वह शाकाहारी होता है और जो पशु जीभ से पानी पीता है, वह मांसा
हारी होता है।* *शाकाहारी बनो!!!* शरीर, मन, और विचारों की पवित्रता बढ़ाओ, शाकाहारी भोजन करो और स्वस्थ रहो।
सहमत हो तो देखो.... या छोड़ दो............
10/01/2025
सड़क 4-5 महिने में टूट जाती है ....
मगर ये ब्रेकर तो ड्रील मशीन से हटाने पड़ते हैं😀
इनमें क्या मिलाते हो🤣
06/01/2025
वर्ष 1985 में मुरथल सुखदेव ढाबा ऐसा दिखता था।
और अब 2025 में तो आप जानते ही हो....
मुरथल से गुजरने वाले ट्रक ड्राइवरों को भोजन उपलब्ध कराने के विचार से 1956 में शुरू किया गया ...
अमरीक सुखदेव ढाबा अब मेहमानों की एक विस्तृत श्रृंखला की सेवा के लिए जाना जाता है जो उत्तर भारतीय व्यंजनों और अन्य व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। उनके परांठे, विशेष रूप से आलू परांठा, मक्खन के साथ परोसा जाता है, काफी प्रसिद्ध है। Amrik Sukhdev Dhaba , Murthal , Sonipat City , Haryana
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Delhi