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04/09/2017
इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो पाएगें कि साल 1998 में सितंबर 4 ही के दिन गूगल की स्थापना हुई थी. आज ही दिन के 73 सालों से समुद्र के तल में पड़े टाइटेनिक जहाज़ की पहली तस्वीरें दुनिया के सामने आईं थीं.
1998 : गूगल की स्थापना:तस्वीर (1)
गूगल का पहला दफ़्तर एक गैरेज में था
साल 1998 में इसी दिन गूगल को कंपनी के तौर पर रजिस्टर कराया गया था. अमरीका के स्टैनफोर्ड विश्व विद्यालय के दो शोध छात्रों लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन गूगल के संस्थापक थे.
शुरुआत में कंपनी का ध्येय वाक्य था, "दुनिया की जानकारी को व्यवस्थित करना और इसे सबके लिए उपयोगी बनाना और सबको उपलब्ध कराना."
एक विश्वविद्यालय के सर्च इंजन से शुरू हो कर आज गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन बन चुका है. मई 2011 में गूगल एक अरब यूनीक यूज़र्स वाली साईट बन गई.
गूगल के आलोचक इस पर चीज़ों को छुपाने और बढ़ाने का भी आरोप लगते हैं और इसे दुनिया के लिए एक ख़तरा बताते हैं.
गूगल अब सर्च के अलावा ई मेल सेवा जी मेल, क्लाउड कम्प्यूटिंग, सोशल नेटवर्किंग साईट गूगल प्लस, ऑरकुट और बज़, गूगल क्रोम वेब ब्राउज़र की तरह के कई उत्पाद देता है.
आज इसका मुख्य पैसा गूगल की भिन्न भिन्न वेब साइटों पर आने वाले विज्ञापनों से आता है.
1985 : डूबे टाइटेनिक की पहली तस्वीरें:तस्वीर (2)
टाइटेनिक जहाज़ की अपनी पहली यात्रा शुरू करते वक़्त खींची गई तस्वीर
क़रीब 73 साल पहले डूबे मशहूर पानी के विशालकाय जहाज़ टाइटेनिक की तस्वीरें पहली बार दुनिया के सामने सितंबर 4 ही के दिन आईं.
टाइटेनिक 1500 लोगों के साथ डूब गया था. यह एक संयुक्त फ़्रान्सीसी अमरीकी अभियान था जिसका संचालन डॉ रॉबर्ट बल्लार्ड ने किया था.
यह जहाज़ समुद्र की सतह से क़रीब 4 किलोमीटर नीचे तल पर पड़ा हुआ था. इसकी तस्वीरें एक मानवरहित पनडुब्बी से ली गईं.
इस जहाज़ हादसे के दौरान जो लोग बच गए थे उनमे से जीवित लोगों ने इस जहाज़ के साथ छेड़छाड़ करने का विरोध किया.
ईवा हार्ट नामक एक महिला का कहना था, "मुझे लगता है कि यह मेरे पिता और उनके जैसे 1500 लोगों की कब्र है जिसे छेड़ा नहीं जाना चाहिए."
27/06/2017
*इंटरनेट सर्च में धांधली के आरोप में Google पर 2.7 अरब डॉलर का रिकॉर्ड जुर्माना*
नई दिल्ली। यूरोपियन यूनियन द्वारा आज यानि मंगलवार को गूगल पर इंटरनेट सर्च को लेकर दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। EU ने गूगल पर सर्च इंजन का दुरुपयोग कर उसकी नई शॉपिंग सर्विस को फायदा पहुंचाने के आरोप में 1.1 बिलियन यूरोस यानि लगभग 1.2 बिलियन डॉलर या 120 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया है। समाचारपत्र 'द गार्जियन' के मुताबिक, यूरोपीय संघ के अधिकारी आगामी हफ्तों में बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी को उसके बाजार पर आधिपत्य जमाने का दोषी होने की घोषणा कर सकते हैं।
अन्य कंपनियों ने भी की थी शिकायतें:
telegraph.co.uk के अनुसार- EU गूगल से उसके सर्च इंजन में बदलाव की मांग भी कर सकता है जिससे सर्च रिजल्ट में वह अपनी सर्विस के लिए पक्षपाती न दिखे। इसकी जांच 2010 से शुरू हुई थी। इस मामले ने तब अधिक तूल पकड़ा जब अन्य प्राइज-कंपैरिजन वेबसाइट्स ने शिकायतें करते हुए कहा की गूगल ने अपने सर्च रिजल्ट से उनकी सेवाएं हटा दी हैं। गूगल का यूरोप में इंटरनेट सर्च पर 90 प्रतिशत का शेयर है। इससे गूगल को यह पावर मिल जाती है की वो जहां चाहे यूजर्स को उस तरफ भेज सकता है। गूगल एक पावरफुल टूल के रूप में सामने आता है, जिसके हाथ में यूजर्स को नेविगेट करने की क्षमता है।
क्या है गूगल का कहना?
गूगल के अनुसार, ऑनलाइन शॉपिंग में कंपनी की एंट्री कंस्यूमर्स और रिटेलर्स दोनों ही के लिए फायदेमंद है। यह बात कहते हुए गूगल ने अपना पक्ष रखा की यह कदम ऑनलाइन शॉपिंग में किसी एकाधिकार के लिए नहीं था। इस के अलावा गूगल, कमीशन के साथ दो अन्य प्रतिस्पर्धिक केस भी लड़ रहा था, जहां कंपनी को भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
गूगल ने लगाया गलत तरीके से प्रतिबंध:
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट पर पिछले साल 90 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया था, जो गूगल के खरीदारी राजस्व का 30 फीसदी जुर्माना माना गया। गूगल को यह साफ करना होगा की वह भविष्य में अपने खरीदारी व्यवसाय का निर्माण कैसे करना चाहता है और अगर वह ऐसा आयोग द्वारा निर्धारित समय में नहीं कर पाता है तो कंपनी को प्रत्येक दिन के औसत दैनिक कारोबार का 5 फीसदी जुर्माने के रूप में देना होगा। जांच में यह भी सामने आया है कि गूगल ने गलत तरीके से अपनी वेबसाइटों से अपने प्रतिद्वंद्वियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसने इसके सर्च बार और विज्ञापनों का इस्तेमाल किया।
www.facebook.com/itech.hub
.hub
26/06/2017
जीमेल विज्ञापनों के लिए अब आपका ईमेल नहीं पढ़ेगी गूगल
हयूस्टन: प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज गूगल अब आपकी ई-मेल सामग्री को स्कैननहीं करेगी. लंबे अरसे से गूगल के इस तरीके की आलोचना हो रही है कि वह विज्ञापन के लिए ई-मेल आंकड़ों का इस्तेमाल करती है. कंपनी ने अब अपने इस तरीके पर रोक लगाने का फैसला किया है.
गूगल ने गत शुक्रवार को ब्लाग पोस्ट में इसकी घोषणा की है. यह इसी साल बाद में लागू होगा.
गूगल ने बयान में कहा, जी सुइट जीमेल का पहले ही विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल नहीं होता है. गूगल ने अब इस प्रक्रिया को अपनी मुफ्त उपभोक्ता जीमेल सेवा के लिए लागू करने का फैसला किया है.
उपभोक्ता जीमेल सामग्री का इस्तेमाल या उसकी स्कैनिंग बाद में किसी चरण में विज्ञापन के लिए नहीं की जाएगी.
.hub
13/06/2017
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