RAMAN BATRA
08/01/2026
"DOES GOD EXIST"
परमात्मा है या नहीं, कुछ लोगों के लिये यह एक बहस का विषय हो सकता है | जो लोग परमात्मा को नहीं मानते उनके मन में भी कहीं ना कहीं ये सोच होती है कि कोई ना कोई शक्ति अवश्य हमें व हमारी सोच को संचालित करती है |
हम बचपन से एक शब्द "आत्मा" सुनते आये हैं | ये भी सुनते आये हैं कि आत्मा एक शरीर छोड़ दूसरा लेती है | लेकिन वास्तविक रूप में आत्मा क्या है, इसका रूप क्या है, इसका क्या कार्य है ये बहुत ही कम लोग जानते हैं | बहुत से लोग इस बारे में जानना भी नहीं चाहते क्योंकि उनका मानना है कि जो भी है, वो है, हम तो अपने घर परिवार, ऑफिस या काम आदि में व्यस्त रहते हैं हमें जानना भी नहीं है जो भी है ठीक है |
जो जिज्ञासु हैं वो उत्सुक रहते हैं कि कहीं से उनको सही मार्गदर्शन प्राप्त हो | सबके मन में कई बार जीवन को लेकर
बहुत से प्रश्न उठते हैं जैसे आत्मा क्या है? भगवान कौन है?
सबसे पहले कौन था? अंत क्या होगा? इतने सारे धर्म कैसे बने? सुख दुःख और कर्म की थ्योरी क्या है? 84 लाख योनियाँ क्या हैं? इतने सारे शास्त्र क्यों हैं? गीता, कुरान, बाइबल आदि धार्मिक पुस्तकें क्या वाकई भगवान ने लिखी?
क्या सही है या क्या गलत है?......... और भी ना जाने ऐसे ही कितने प्रश्न जिनके बारे में अलग अलग लोगों से बात करने पर या उनसे प्रश्न पूछने पर अलग अलग मत, विचार और बातें सुनने को मिलती हैं | समाधान मिलने के बजाय कई और प्रश्न खड़े हो जाते हैं क्योंकि वो भी हैं तो मनुष्य ही | कोई ऐसे उत्तर मिलें जिनसे मन को शांति भी मिले और जीवन का उद्देश्य भी |
यदि निज एकांत में बैठकर यही प्रश्न अपने अंतर्मन से पूछे जाएं तो यक़ीनन इन सभी प्रश्ननों के उत्तर 100 प्रतिशत सही मिलेंगे |
प्रश्न 1- आत्मा क्या है? What exectly soul is?
उत्तर- ऊर्जा | energy
उदाहरण- दो व्यक्ति साथ में हैं | एक जीवित और एक मृत |
जो जीवित है वो सुन पा रहा है, देख पा रहा है, सांस ले पा रहा है, स्पर्श का एहसास कर सकता है, बोल सकता है |
लेकिन जो मृत है वो ये सब नहीं कर पा रहा जबकि उसके साथ भी आँख कान, नाक, मुँह सब कुछ है |
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उसमें से ऊर्जा यानि energy निकल गयी | इससे ये सिद्ध होता है कि आत्मा का अस्तित्व है |
प्रश्न 2- परमात्मा क्या है?
उत्तर- जिस प्रकार बल्ब का होना तब तक व्यर्थ है जब तक उसमें कोई करंट या ऊर्जा ना हो ठीक उसी प्रकार शरीर का होना तब तक व्यर्थ है जब तक उसमें आत्मा(energy) ना हो
अब जब ये सिद्ध हो गया कि आत्मा ऊर्जा है तो अब प्रश्न ये उठता है कि इस ऊर्जा का स्त्रोत क्या है क्योंकि हर ऊर्जा का कोई ना कोई स्त्रोत अवश्य होता है | जिस प्रकार bulb को रोशनी देने के लिये कोई ना कोई power house अवश्य है
तभी स्विच चालू करने पर बल्ब रोशनी देगा | इससे ये सिद्ध होता है कि आत्मा को चलाने के लिए परमात्मा जिसको संधि विच्छेद करने पर परम+आत्मा कहेंगे | क्योंकि वह सभी आत्माओं का स्त्रोत है |
To be continued..............
18/02/2025
माउंट आबू में 15 दिन की सेवा (महाकुम्भ) पर रोज ज्ञान गंगा में डुबकी लगाते हुए साक्षात् शिव शक्ति के स्नेह में गोते लगाते हुए अविस्मरणीय पल | सेवा के पुरस्कार के रूप में मिली जन्म जन्मान्तर तक ख़ुशी और सुख में रहने की ईश्वरीय गारंटी |
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