ASUR
"गेम्स ऑफ थ्रोन्स" में मर्सिनरीज (भाड़े के लड़ाके) की एक किस्म दिखाई गई है । इन्हें बचपन में ही बधिया कर दिया जाता है । ताकि ये हनी ट्रेप में नही फंसें ।
इसके वाबजूद ये वेश्याओं के पास जाते थे । सेक्स नही करते थे बस लिपट कर लेटे रहते थे ।
स्पर्श की क्रेविंग । एक उम्र सामान्य इंसान के जीवन में भी आता है जब वह किसी औरत के साथ - जिसकी शक्ल और देह उसे आकर्षित करे, लुभाए - उसके साथ सेक्स नही करना चाहता है । बस उसे स्पर्श करना चाहता है । उसके गोद में लेटना चाहता है । उससे चिपक कर कुछ घण्टे सुकून पाना चाहता है ।
यह बेहद स्वाभाविक है । जिंदगी इस तरह से निचोड़ लेती है इंसान को कि वह कुछ घण्टे सुकून के चाहता है । औरत के बाहों से अधिक सुकून भरा जगह और कहाँ हो सकता है ।
कुछ विकसित देशों मसलन जापान में कडल-पार्लर हैं । जहां हर घण्टे के हिसाब से पैसा चुका कर कोई भी यह सुकून पा सकता है । यह होना चाहिए ।
स्पर्श बहुत ही खूबसूरत एहसास है । बस अपने मनपसंद चेहरे/जिस्म के आगोश में लेटे रहना कुछ देर पुनर्जीवित कर देता है , पुनःयुवनित कर देता है थके टूटे मन को । स्पर्श जादू है । पर दुर्भाग्य है करोड़ों का कि उन्हें यह स्पर्श नही मिल पाता है !
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