vedpathi_nitin
ठंड 🥶
कहाँ ढूँढते फिरते हो, प्रेम की परिभाषा? इसकी कितनी सरल सी तो परिभाषा है।।
‘स्त्री’
कभी माँ के रूप में, कभी बहन तो कभी अर्धांगिनी तो कभी बेटी के रूप में।।
:)
परिधान योग्यता का परिचायक होता है। वस्त्रहीन को तो लक्ष्मी भी त्याग देती है। समुद्र ने पीले सुंदर वस्त्र धारण करनेवाले विष्णु को अपनी पुत्री लक्ष्मी दे दी जबकि नग्न शिव को विष मिला। अतः समय और स्थान के अनुसार परिधान धारण करना चाहिए।
अद्रोह: सर्वभूतेषु कर्मणा मनसा गिरा।
अनुग्रहश्च दानं च सतां धर्म: सनातनः।।
【महाभारत,शान्तिपर्व१६२/२१】
मन ,वाणी और कर्म द्वारा समस्त प्राणियोंके साथ कभी भी द्रोह न करना और दया दानादि कर्म ही श्रेष्ठ पुरुषों का सनातन धर्म है।।
जय सियाराम 😊🙏🏻
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