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केतु 2
आवारा हूँ ।
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Reason…??
Meta jaane
29/03/2025
शनि का गोचर मीन में, लेकिन क्या वास्तव में यह मात्र शनिदेव का ही गोचर है यदि हम देखेंगे तो पाएंगे कि यह मात्र शनि का गोचर नहीं है।
नवग्रहों में जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण गोचर है वह गोचर है, शनि, बृहस्पति, राहु और केतु का क्योंकि यह चार ग्रह एक राशि में सबसे अधिक समय व्यतीत करते हैं, जहां शनि लगभग 30 महीने, बृहस्पति 1 वर्ष और राहु, केतु 18 महीने एक राशि में विचरण करते हैं।
अब यदि हम वर्तमान का गोचर देखें तो हमें पता लगेगा कि शनि का गोचर आज मीन में होने वाला है वहीं राहु केतु का गोचर कुंभ और सिंह राशि में और बृहस्पति का मिथुन राशि में मई माह के अंत तक हो जाएगा, कहने का तात्पर्य यह है की चारों बड़े गोचर 60 दिन के अंदर अंदर घटित हो रहे हैं, इस अवस्था में मात्र यह समझ लेना कि जो भी परिणाम आ रहे हैं वह परिणाम मात्र शनिदेव के गोचर के कारण आ रहे हैं सरासर गलत होगा।
शनि देव जोकि स्वयं विलंब और सुस्त गति के कारक हैं वह आकस्मिक प्रभाव नहीं देते, शनि देव के गोचर से संबंधित परिणाम आने वाले समय में धीरे-धीरे सामने आएंगे।
क्रमशः
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