Absolute Anoop
Wisdom यही है रुकना है मानव को और सोचना है कि करना क्या, जीवन क्यों जीना है और इस जीवन का उद्देश्य क्या और इन्हीं प्रश्न के उत्तर
स्वयं से लेने है और यही धर्म है अपने आप स्वयं से जानना और तब तक वही करना जो स्वयं को सही लगे तब भी रास्ता मिल जाएगा।
सदैव बदलाव करों अपने जीवन को बेहतर बनाओं। बदला लेने मे सिर्फ और सिर्फ ऊर्जा का ही ख़राब।
ॐ नमः शिवाय। यह एक मंत्र नही पूरा ब्रह्मांड के स्वामी बनने का रास्ता। आज लड़ रहे है छोटी सी अस्थाई सत्ता के लिए पूर्ण सत्ता सिर्फ़ मन को नमः बनानें मे । मंत्र अपने आप मै M अपने ईश्वर को पाने का रास्ता। यह भारत का अध्यात्म। एक बार यात्रा शुरू तो करो ईमानदारी से किसने रोका शिव रूपी परम शक्ति से अपनी भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए क्या शुद्धता खराब है क्या करूणा ख़राब है , क्या कर्तव्य निष्ठा खराब है कया क्या विनम्रता ख़राब है । यह सब प्राप्त होना शुरू होते है शिव शक्ति से क्या समस्या। समस्या हमारा भ्रम। शिव कैसे संन्यासी एक साधू। शिव ब्रह्माण्ड के स्वामी फिर भी शांत और स्थिर। यह है सन्यास सदैव अनाशक्ति हर मोह और आसक्ति से सिर्फ कल्याण। समानता देव और असुर मैं।
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