Vishal Rastogi

Vishal Rastogi

Share

13/05/2025

________________________________________
"अकेले मुस्कुराकर जीना सीख लिया है"
अकेले मुस्कुराकर जीना सीख लिया है,
हर आँसू को चुपचाप पीना सीख लिया है।
जो भी मिला दर्द रास्तों में कहीं,
उसे अपना तक़दीर मान लेना सीख लिया है।
अब किसी के इंतज़ार में वक़्त नहीं जाता,
हर ख़्वाब बिना वजह टूट भी जाता।
लेकिन फिर भी, दिल को समझा लिया है,
हर खालीपन को भी अपनाना सीख लिया है।
अकेले हँसना भी सीख लिया है,
बिना किसी वजह जीना सीख लिया है।
अब मुस्कान भी झूठी नहीं लगती,
ये दिल की आवाज़ सी लगती।
जब भी आँखें भीग जाती हैं चुपचाप,
कोई काँधा नहीं ढूँढता अब ये ख़्वाब।
ख़ुद ही आँसुओं को समझा लिया है,
दर्द को भी धीरे-धीरे गले से लगा लिया है।

न शिकवा किसी से, न कोई गिला है,
अब खुद से ही हर रिश्ता मिला है।
जो लोग साथ थे, अब यादों में हैं,
उनसे भी हँसकर जुदा होना सीख लिया है।
ज़िंदगी अब अकेले भी हसीन लगती है,
हर शाम तन्हा सही, मगर रंगीन लगती है।
अब ज़रूरत नहीं किसी सहारे की,
मैंने खुद को ही अपना बना लिया है।
विशाल रस्तोगी
________________________________________

Want your public figure to be the top-listed Public Figure in Dehra Dun?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Website

Address


Dehra Dun
248001