Adv Ravishankar Yadav

Adv Ravishankar Yadav

Share

15/01/2026

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: विधवा बहू का गुजारा भत्ता अब ससुर की कानूनी जिम्मेदारी है!

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के पक्ष में एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि एक विधवा बहू अपने ससुर से गुजारा भत्ता (Maintenance) पाने की पूरी तरह हकदार है। यह फैसला उन हजारों महिलाओं के लिए एक ढाल है जो पति की मृत्यु के बाद आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रही थीं।

📌 फैसले के मुख्य बिंदु और कानूनी स्थिति:
1. अधिकार की व्याप्ति (Scope of Right): कोर्ट ने साफ किया है कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि बहू अपने ससुर के जीवित रहते विधवा हुई या उनके देहांत के बाद। दोनों ही सूरतों में उसका दावा वैध है।
2. कानूनी बाध्यता (Legal Obligation): ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण मांगना बहू का केवल नैतिक अधिकार नहीं, बल्कि हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम (Hindu Adoptions and Maintenance Act) के तहत एक कानूनी अधिकार है।
3. संपत्ति में हिस्सेदारी: यदि ससुर के पास पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) है, तो उसमें से विधवा बहू और उसके बच्चों का हिस्सा और भी प्रबल हो जाता है।
4. ससुर की मृत्यु के बाद: यदि ससुर की मृत्यु हो जाती है, तो उनकी संपत्ति जिनके पास भी जाएगी (उत्तराधिकारी), वे विधवा बहू के भरण-पोषण के लिए जिम्मेदार होंगे।

🛑 समाज के लिए संदेश:
अक्सर देखा जाता है कि बेटे की मौत के बाद ससुराल वाले बहू को बोझ समझने लगते हैं। यह फैसला समाज को याद दिलाता है कि एक महिला का सम्मान और सुरक्षा परिवार की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यदि आप या आपके परिवार में कोई महिला इस अधिकार से वंचित है, तो चुप न रहें। कानून आपके साथ खड़ा है।

📜 विधिक सलाह और सहायता के लिए:
हम आपकी लड़ाई में आपके साथ हैं।

👨‍⚖️ एडवोकेट रविशंकर यादव
(सिविल, क्रिमिनल और फैमिली लॉ एक्सपर्ट)
📍 शेड नंबर 5 सिविल कोर्ट, अयोध्या
📞 संपर्क करें: 070071 44663

14/01/2026
Want your business to be the top-listed Recruitment Company in Ayodhya?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Address


Advocate Ravishankar Yadav
Ayodhya
224001