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03/06/2026

मध्यरात्रि में पुलिस का शिकंजा: 340 पाव अंग्रेजी शराब के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार"

शाहपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.75 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब और वाहन जप्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

अवैध शराब तस्करी के खिलाफ डिंडौरी पुलिस का सख्त अभियान जारी

डिंडौरी जिले में अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत शाहपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1.75 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अंग्रेजी शराब एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शाहपुर अजय तिवारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी शाहपुर निरीक्षक केवल सिंह परते द्वारा गठित विशेष टीम ने मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर 2 जून की मध्यरात्रि को डिंडौरी से ग्राम सारसताल की ओर जा रहे संदिग्ध व्यक्तियों की घेराबंदी की।

पुलिस ने कृष्ण कुमार उर्फ छोटा ठाकुर निवासी डिंडौरी, रिंकू उर्फ डॉन उर्फ नरेश कछवाहा निवासी शाहपुर तथा दुर्गेश वंशकार निवासी शाहपुर को पकड़कर उनके कब्जे से 7 कार्टून में भरी 340 पाव अंग्रेजी शराब बरामद की। जब्त शराब की कुल मात्रा 61.2 लीटर तथा अनुमानित कीमत 47 हजार 600 रुपये बताई गई है।

कार्रवाई के दौरान तस्करी में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 28 हजार रुपये है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 1 लाख 75 हजार 600 रुपये मूल्य की मसरूका जप्त की है।

आरोपियों के विरुद्ध थाना शाहपुर में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब तस्करी एवं नशे के कारोबार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक केवल सिंह परते, उप निरीक्षक रामप्रसाद यादव, प्रधान आरक्षक मुकेश प्रधान, आरक्षक दीपक धुर्वे, रोहित, कमलेश, अंकित मरावी, महिला आरक्षक पल्लवी पाराशर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Photos from Halchal24news's post 03/06/2026

भाजपा मंडल डिंडोरी की मासिक बैठक संपन्न, संगठन विस्तार एवं बूथ सशक्तिकरण पर हुआ मंथन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा

डिंडौरी भारतीय जनता पार्टी मंडल डिंडोरी की मासिक बैठक सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, बूथ सशक्तिकरण, संगठन विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू नेताम, जिला उपाध्यक्ष महेश धूमकेती, वरिष्ठ नेता वीरेंद्र बिहारी शुक्ला, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, जिला कोषाध्यक्ष स्कंद चौकसे एवं मंडल अध्यक्ष आशीष वैश्य उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करते हुए जनसंपर्क एवं बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर बल दिया।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा राष्ट्र निर्माण में किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही संगठन विस्तार, नए सदस्यों को जोड़ने, बूथ समितियों को सशक्त बनाने एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।

मंडल महामंत्री भगीरथ उरैती एवं तरुण ठाकुर सहित शक्ति केंद्र प्रभारियों ने भी संगठन की गतिविधियों की जानकारी साझा की। वक्ताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है और प्रत्येक कार्यकर्ता को जनसेवा तथा संगठन हित में समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।

बैठक में मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सारिका शांतनु पाठक, बोधराम सरैया, तारेंद्र ठाकुर, रजनी श्रीवास, रजनी मांडे, रीतेश जैन, यशवंत तोमर, अमित बर्मन, परसराम परसर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक का समापन संगठन को मजबूत एवं जनहितकारी गतिविधियों को गति देने के संकल्प के साथ किया गया।

03/06/2026

#सिंहस्थ_महापर्व_2028 की तैयारियां शुरू, डिंडौरी पुलिस का विशेष प्रशिक्षण अभियान प्रारंभ

#श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा नियंत्रण पर दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

डिंडौरी वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ महापर्व के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर डिंडौरी पुलिस ने अपनी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में किया गया।

सिंहस्थ महापर्व में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को आधुनिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता, आपदा प्रबंधन, संचार कौशल एवं सॉफ्ट स्किल्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा।

पुलिस विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) मॉडल के तहत चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिससे जिले के शत-प्रतिशत पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा सके। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रभावी एवं संवेदनशील तरीके से दायित्वों के निर्वहन के लिए तैयार करना है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे आयोजनों में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। बेहतर प्रशिक्षण से पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही पुलिस कर्मियों को अनुशासन, समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी डिंडौरी सतीश द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुवंर सिंह ओलाडी सहित जिले के अनेक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर डिंडौरी पुलिस का यह प्रशिक्षण अभियान भविष्य की चुनौतियों से निपटने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है ।

Photos from Halchal24news's post 02/06/2026

ंरक्षण में डिंडौरी का #राष्ट्रीय_परचम

#वेस्टर्न जोन में प्रथम, देशभर में तीसरा स्थान हासिल कर आदिवासी जिले ने रचा #इतिहास

8लाख से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण और जनभागीदारी से मिली #राष्ट्रीय_पहचान

#मध्यप्रदेश का आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी जल संरक्षण और जल संवर्धन के क्षेत्र में देशभर के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है। "जल संचय-जन भागीदारी अभियान" के अंतर्गत किए गए व्यापक कार्यों के परिणामस्वरूप डिंडौरी ने वेस्टर्न जोन में प्रथम तथा राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर एक नई उपलब्धि अपने नाम की है। यह सफलता जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों और ग्रामीण समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम मानी जा रही है।

#कलेक्टर_श्रीमती_अंजू_पवन_भदौरिया के #नेतृत्व में जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया। अभियान के दौरान कुएं, बावड़ियां, तालाब, अमृत सरोवर, खेत तालाब, चेक डैम, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट, गेबियन, गली प्लग, कंटूर ट्रेंच, हैंडपंप एवं डगवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण एवं संरक्षण कार्य बड़े पैमाने पर किया गया। साथ ही शासकीय एवं निजी भवनों में वर्षा जल संचयन संरचनाएं विकसित की गईं।

#8लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण

अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 8,03,979 जल संरचनाओं का निर्माण एवं विकास किया गया। इनमें 1.72 लाख से अधिक कंटूर ट्रेंच, 61 हजार से अधिक रिचार्ज पिट, 10 हजार से अधिक खेत तालाब, लगभग 9 हजार डगवेल रिचार्ज, 6,687 चेक डैम तथा हजारों की संख्या में अन्य जल संरक्षण संरचनाएं शामिल हैं।

गांव-गांव में सोखता टैंक निर्माण कर घरों से निकलने वाले पानी को संरक्षित करने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किया गया। इससे वर्षा जल का पुनर्भरण बढ़ने और भूजल स्तर में सुधार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

#नवाचारों ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान

जल संरक्षण अभियान में ड्रिप इरिगेशन, मटका सिंचाई पद्धति, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग और सामुदायिक जल प्रबंधन जैसे नवाचारों को विशेष रूप से अपनाया गया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने 35 हजार पौधों की सिंचाई मटका पद्धति से कर जल संरक्षण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।

देश को चार जोनों—ईस्ट, वेस्ट, नॉर्थ और साउथ—में विभाजित कर किए गए मूल्यांकन में मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल वेस्टर्न जोन में डिंडौरी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर जिले ने तीसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

#जनभागीदारी बनी सफलता की कुंजी

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रशासनिक अधिकारियों, मैदानी अमले, ग्रामीण विकास विभाग, जनप्रतिनिधियों एवं जिले के नागरिकों को दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संचालित जनआंदोलन है। सामूहिक प्रयासों से ही प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव है।

उन्होंने जिलेवासियों से भविष्य में भी जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।

#डिंडौरी की यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए जल संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में स्थापित हुई है।

"जल संरक्षण में डिंडौरी का डंका: वेस्टर्न जोन में नंबर-1, देश में तीसरा स्थान"


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30/05/2026

#गोबर गैस से आत्मनिर्भर बना BRC ढोंढ़ा, अब बायोगैस पर तैयार होगा भोजन

#जैविक खेती के #नवाचार से मिसाल बने बिहारी लाल साहू, हजारों किसानों और विद्यार्थियों को दे चुके हैं प्रशिक्षण

#मध्यप्रदेश के #डिंडौरी जिले में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले के ढोंढ़ा स्थित जैव आदान संसाधन केंद्र (BRC) में गोबर गैस (बायोगैस) संयंत्र से भोजन बनना प्रारंभ हो गया है। इस पहल से एलपीजी गैस की खपत में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।

जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि #विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित नर्मदांचल गौ सेवा समिति पिछले एक दशक से प्राकृतिक एवं जैविक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। श्री साहू किसानों, विद्यार्थियों, शासकीय संस्थानों और सामाजिक संगठनों को जैविक खेती का प्रशिक्षण देकर पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि की दिशा में जागरूकता फैला रहे हैं।

जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 20 हजार विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। उनके फार्म हाउस में जैविक खेती के लाइव प्रदर्शन भी किए जाते हैं, जहां किसान आधुनिक तकनीकों के साथ प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को प्रत्यक्ष रूप से समझते हैं।

#कैसे काम करता है #बायोगैस संयंत्र

बायोगैस संयंत्र में पशुओं के गोबर को पानी में घोलकर टैंक में डाला जाता है। बिना ऑक्सीजन की उपस्थिति में जैविक पदार्थों के विघटन से मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निर्माण होता है। तैयार गैस पाइपलाइन के माध्यम से सीधे चूल्हे तक पहुंचती है, जबकि बची हुई स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में उपयोग की जाती है।

करीब 6 फीट चौड़े और 10 फीट लंबे इस संयंत्र से वर्षों तक गैस प्राप्त की जा सकती है। इससे न केवल ईंधन की बचत होती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

#आत्मा परियोजना और प्राकृतिक खेती मिशन का सहयोग

यह पहल #राष्ट्रीय_प्राकृतिक_खेती_मिशन एवं #आत्मा_परियोजना के सहयोग से संचालित की जा रही है। डिंडौरी जिले में 33 जैव आदान संसाधन केंद्रों के माध्यम से किसानों को #प्राकृतिक_खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

नर्मदांचल गौ सेवा समिति में केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित विभिन्न जैविक उत्पाद तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही जैविक खेती से जुड़ी तकनीकों की जानकारी भी निःशुल्क दी जाती है।

#जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि

जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने कहा कि रासायनिक मुक्त खेती मानव स्वास्थ्य, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। जैविक खेती से उत्पादन लागत घटती है, भूमि की गुणवत्ता बनी रहती है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ प्राप्त होते हैं।

उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि टिकाऊ कृषि ही भविष्य की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में आयुष साहू, प्रगति साहू सहित अनेक किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

"ऐसी खेती कीजिए, खाद-रसायन दूर।
खेत बचे, जीवन बचे, स्वाद रहे भरपूर।

30/05/2026

डिंडोरी में आज लगेगा श्रमयोगी मानधन पंजीयन शिविर, निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की पहल

श्रम विभाग, नगर परिषद और CSC के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन; सभी निर्माण एजेंसियों से श्रमिकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की अपील

डिंडोरी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शनिवार को नगर परिषद डिंडोरी परिसर में श्रमयोगी मानधन योजना के तहत विशेष पंजीयन शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर श्रम विभाग, नगर परिषद डिंडोरी और जिला प्रबंधक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के संयुक्त तत्वावधान में लगाया जा रहा है।

शिविर के माध्यम से पात्र श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना से जोड़ा जाएगा। प्रशासन द्वारा व्यापारिक संघ के पदाधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है तथा लेबर चौक सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यरत श्रमिकों को शिविर की जानकारी दी गई है।

श्रम विभाग ने जिले में संचालित निर्माण कार्यों से जुड़े सभी नियोजकों, ठेकेदारों एवं निर्माण एजेंसियों से अपील की है कि वे अपने यहां कार्यरत निर्माण श्रमिकों को शिविर में उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

अधिकारियों के अनुसार श्रमयोगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण पेंशन योजना है, जिसके तहत पात्र हितग्राहियों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मासिक पेंशन का लाभ प्रदान किया जाता है। शिविर में पंजीयन के साथ-साथ योजना की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन ने जिले के सभी पात्र श्रमिकों से निर्धारित समय पर शिविर में पहुंचकर योजना का लाभ लेने की अपील की है।

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