GMaxMart.com

GMaxMart.com

Share

About GMaxMart.com: Empowering Businesses with Cutting-Edge IT Solutions

GMaxMart.com, a premier IT solutions and software/app development company operating under GMax Enterprises, is based in Agra, UP, India.

24/04/2026

Update Your News Portal Daily

03/04/2026

आईपीएल 2026: सनराइजर्स हैदराबाद के उपकप्तान अभिषेक शर्मा पर लगा जुर्माना
आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के उपकप्तान अभिषेक शर्मा पर अंपायर के फैसले पर नाराजगी जताने के चलते जुर्माना लगाया गया। मैच के दौरान कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के लिए उन्हें मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया। यह मामला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले से जुड़ा है।
आईपीएल की ओर से जारी बयान के अनुसार, अभिषेक ने आर्टिकल 2.3 के तहत लेवल-1 का अपराध स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी के फैसले को मान लिया। नियमों के मुताबिक, लेवल-1 उल्लंघन में मैच रेफरी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है।
अभिषेक शर्मा पर लगा जुर्माना
दरअसल, यह विवाद उस समय हुआ जब 9वें ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने ब्लेसिंग मुजरबानी की गेंद पर अभिषेक का कैच पकड़ा। कैच डाइव लगाकर लिया गया था और रिप्ले में यह साफ नहीं हो पाया कि गेंद पूरी तरह से साफ तरीके से पकड़ी गई या नहीं। इसके बावजूद टीवी अंपायर नितिन मेनन ने आउट करार दिया।
अंपायर के फैसले के बाद कहे थे 'अपशब्द'
इस फैसले से अभिषेक शर्मा असहमत नजर आए और मैदान से बाहर जाते समय उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की, जिसे अंपायर के फैसले पर असहमति माना गया। यही कारण रहा कि उन पर कार्रवाई की गई।
अभिषेक ने 21 गेंद में ठोके 48 रन
इस विवाद के बावजूद अभिषेक का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने सिर्फ 21 गेंदों में 48 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी तेज पारी की बदौलत हैदराबाद ने पावरप्ले में मजबूत शुरुआत हासिल की।
इस मुकाबले में हैदराबाद ने शानदार खेल दिखाते हुए केकेआर को 65 रन से हराया और आईपीएल 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज की। अभिषेक की पारी टीम की जीत में अहम रही, भले ही अंत में उन्हें विवादित फैसले का सामना करना पड़ा।
आईपीएल में खिलाड़ियों के आचरण को लेकर नियम काफी सख्त हैं और अंपायर के फैसले का सम्मान करना जरूरी होता है। ऐसे में यह मामला एक बार फिर बताता है कि मैदान पर भावनाओं पर नियंत्रण रखना कितना जरूरी है।

03/04/2026

विस्फोटक खुलासा: माफिया ने करोड़ों की सरकारी जमीन का कर दिया सौदा, नगर निगम अब केवल कागजों पर काबिज
माफिया ने करोड़ों की सरकारी जमीन पर केवल कब्जा ही नहीं किया, बल्कि उसका कई हिस्‍सों में सौदा भी कर दिया और नगर निगम मथुरा-वृंदावन अब तक अपनी इस जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने की दिखावटी कोशिश में लगा है ताकि लैंड एक्सचेंज के लिए लाए गए प्रस्ताव की पेशगी का हक अदा किया जा सके।
वृंदावन के छटीकरा रोड पर स्‍थित सनसिटी अनंतम के लिए नगर निगम मथुरा-वृंदावन की बोर्ड बैठक में बार-बार लैंड एक्सचेंज का लाया गया प्रस्ताव भले ही अभी पास नहीं हुआ हो परंतु बिल्डर के रूप में सक्रिय माफिया ने न सिर्फ सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया बल्‍कि उसका सौदा भी कर दिया।
बिल्डर के इस दुस्साहस का खुलासा तब हुआ जब सत्ताधारी दल भाजपा के ही कई निगम पार्षदों ने विभिन्न स्तर पर इसकी शिकायत की और सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द करने की जांच कराने के साथ इसके लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों पर एक्शन लेने की मांग कर डाली।
पार्षदों की मानें तो सनसिटी अनंतम के हक में लैंड एक्सचेंज का प्रस्ताव पास कराने पर नगर निगम मथुरा-वृंदावन इस कदर आमादा है कि अब उसके लिए दूसरी फर्मों के नाम का उपयोग किए जाने की तैयारी है जिससे सांप मर जाए और लाठी भी न टूटे।
किन-किन भाजपा पार्षदों ने की है शिकायत?
इस संबंध में एक शिकायत तो वार्ड नंबर 37 के भाजपा पार्षद राजीव कुमार सिंह ने 20 जनवरी 2026 को प्रदेश के नगर विकास मंत्री से की है। भाजपा पार्षद ने मंत्री महोदय को लिखा है कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन के अंतर्गत सनसिटी अनंतम के लिए लैंड एक्सचेंज का प्रस्‍ताव पास हुए बिना सरकारी जमीनों का विक्रय तथा उन पर विकास कार्य करने एवं अन्य फर्जी कंपनियों का समावेश करने की तत्काल जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। भाजपा पार्षद ने लिखा है कि कृपया कार्यकारिणी की बैठक दिनांक 28.09.2022 के प्रस्ताव संख्‍या 9 एवं बोर्ड बैठक 15.11.2022 के प्रस्ताव संख्‍या 12 का अवलोकन करें जिसमें सनसिटी हाईटेक और उसकी सहायक कंपनी मै. अश्वमेघा कॉलोनाइजर्स का नाम सुनिश्‍चित किया गया था किंतु बोर्ड बैठक दिनांक 09.10.2025 के प्रस्ताव संख्‍या 2 को देखें तो उसमें सनसिटी हाईटेक प्रा. लि. के अलावा अक्षज रियलटर्स प्रा. लि. एवं सनसिटी इन्‍फ्रा रियलटर्स प्रा. लि. व सनसिटी प्रॉजेक्ट्स जैसी नई कंपनियों के नाम जोड़ दिए गए।
तीन वर्ष पहले के प्रस्ताव में जहां मुख्‍य कंपनी की मात्र एक सहायक कंपनी थी, वहीं 2025 के प्रस्ताव में मुख्‍य कंपनी का बदल जाना और तीन नई कंपनियों का उदय हो जाना जाहिर कराता है कि इस सबके पीछे सरकारी जमीन को हस्तांतरित करने की कोई बड़ी साजिश रची जा रही है।
भाजपा पार्षद राजीव कुमार सिंह ने अपने शिकायती पत्र में सवाल उठाया है कि अभी जबकि लैंड एक्सचेंज का प्रस्ताव पास ही नहीं हुआ तो सनसिटी अनंतम ने कैसे तो निगम की जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराया और कैसे उस जमीन का सौदा किया?
राजीव कुमार सिंह के इस शिकायती पत्र पर वार्ड नंबर 16 के पार्षद गुलशन, गऊघाट क्षेत्र की पार्षद नीलम गोयल, वार्ड नंबर 31 के पार्षद मुन्ना मलिक तथा वार्ड नंबर 68 के पार्षद कुलदीप पाठक ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
इसी संदर्भ में एक अन्य शिकायत वार्ड नंबर 17 के पार्षद ब्रजेश खरे ने मंडलायुक्त (आगरा मंडल) से की है। जिस पर वार्ड नंबर 56 के पार्षद कुंजबिहारी भारद्वाज, वार्ड नंबर 60 के पार्षद नीरज वशिष्‍ठ तथा वार्ड नंबर 46 के पार्षद चौधरी राजवीर सिंह ने अपने हस्ताक्षर किए हैं।
इस पत्र में पार्षदों ने अवगत कराया है कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन की दिनांक 09.10.2025 को संपन्न हुई बोर्ड बैठक प्रस्‍ताव संख्‍या 03 के द्वारा द्वारिकादास जीवराजका मैमोरियल ट्रस्ट एवं हरिनिवास खेतान मैमोरियल ट्रस्ट के हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए तथ्‍यों को छिपाकर नगर निगम की बेशकीमती जमीन को लैंड एक्सचेंज के नाम पर खुर्द-बुर्द किया गया है जिसकी उच्‍च स्‍तरीय जांच कराना अत्यंत आवश्‍यक है।
इन पार्षदगणों ने स्‍पष्‍ट तौर पर लिखा है कि इस प्रक्रिया के तहत निगम की जमीन और उसके बदले निगम को मिलने वाली जमीन के दामों में 'जमीन-आसमान' का अंतर है जिससे प्रतीत होता है कि सारा खेल किसी खास मकसद से तथा निजी स्‍वार्थों की पूर्ति के लिए खेला जा रहा है। वो भी तब जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साफ-साफ निर्देश हैं कि निकायों की जमीन संरक्षित की जाए और उन जमीनों पर आय के स्‍त्रोत विकसित कर नगर निगमों को आमनिर्भर बनाए जाए।
यमुना के प्रदूषण की मुक्ति के नाम पर भी बड़ा घोटाला किए जाने की तैयारी में है नगर निगम मथुरा-वृंदावन
इस सबके अलावा नगर निगम मथुरा-वृंदावन यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के नाम पर भी एक और बड़ा घोटाला करने की तैयारी में है।
निगम के ही सूत्रों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इसके लिए 'वेल्‍यूसेंट फाउंडेशन' (लिविंग पीस प्रोजेक्ट्स फाउंडेशन LPP) नाम की किसी संस्‍था या फर्म के साथ निगम ने कुछ समय पहले बाकायदा एक एमओयू भी साइन किया है जिससे सब-कुछ जायज ठहराया जा सके लेकिन निगम की नीयत में खोट का अंदाज इस बात से ही लगाया जा सकता है कि निगम ने न तो अब तक इस एमओयू को सार्वजनिक किया है और न इसके बारे में निगम का कोई अधिकारी या कर्मचारी मुंह खोलने को तैयार है। यहां तक कि पार्षद भी इसकी पूरी जानकारी पाने में अब तक सफल नहीं हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि इसी महीने होने वाली बोर्ड बैठक में इसका भी प्रस्‍ताव पास कराने की कोशिश की जाएगी क्योंकि सनसिटी अनंतम की तरह निगम इसमें अपनी छीछालेदर नहीं कराना चाहता।
जो भी हो लेकिन इतना तो तय है कि नगर निगम में व्‍याप्त भ्रष्टाचार, मथुरा को लेकर इस लोकोक्‍ति को सार्थक जरूर करता है कि 'मथुरा तीन लोक से न्‍यारी'।
क्‍योंकि दर्जनों बार मथुरा आ चुके सूबे के ईमानदार सीएम योगी आदित्यनाथ को न तो अब तक यहां के भ्रष्‍टाचार की भनक लगी है और न अपनी ही पार्टी के पार्षदों के शिकायती पत्रों का संज्ञान लिया गया है।

03/04/2026

भारतीय नौसेना को मिले दो अत्याधुनिक युद्धपोत INS तारागिरी और INS अरिदमन

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक भव्य समारोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज भारतीय नौसेना को दो अत्याधुनिक युद्धपोत INS तारागिरी और INS अरिदमन दिए हैं। समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, सीडीएस जनरल अनिल चौहान समेत कई सीनियर सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। ये दोनों युद्धपोत भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित अत्याधुनिक मशीनें हैं, जो भारतीय नौसेना को नई ऊचाइयों तक ले जाएंगी।
INS तारागिरी
INS तारागिरी प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित चौथा स्टेल्थ फ्रिगेट है और यह पूरी तरह से मेक इन इंडिया पहल का उत्कृष्ट उदाहरण है। 6,670 टन वजनी यह फ्रिगेट अत्याधुनिक तकनीक और शक्तिशाली हथियारों से लैस है।
INS तारागिरी की विशेषताएं
स्टेल्थ तकनीक - रडार और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से बचने में सक्षम।
ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल - सटीक और घातक हमला क्षमता।
MF‑STAR रडार सिस्टम - उच्च‑स्तरीय लक्ष्य पहचान एवं ट्रैकिंग।
MRSAM एयर‑डिफेंस सिस्टम - वायु रक्षा में अग्रणी।
30mm व 12.7mm CIWS - करीबी मुकाबले के हथियार।
ASW क्षमता - पनडुब्बी रोधी रॉकेट व टॉरपीडो के साथ।
INS तारागिरी सतह युद्धक क्षमता, वायु रक्षा और पनडुब्बी रोधी अभियानों में भारतीय नौसेना की ताकत को और सुदृढ़ करेगी, विशेषकर हिंद‑प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और सामरिक संतुलन के लिये।
INS अरिदमन
INS अरिदमन भारत की एडवांस्ड न्यूक्लियर‑पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) है। यह रणनीतिक समुद्री हथियार श्रेष्ठता का महत्वपूर्ण स्तम्भ है और भारत को दूरगामी परमाणु प्रतिक्रिया क्षमता प्रदान करती है।
INS अरिदमन की विशेषताएं
8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब - लंबी दूरी की K‑4 और K‑15 मिसाइलों के लिए।
समुद्र की गहराई में छिपकर संचालन क्षमता - दुश्मन पर आश्चर्यजनक प्रतिक्रिया।
लगभग 125 मीटर लंबी और 7,000 टन वजनी - अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित।
ATV (एडवांस्ड तकनीक वाहन) प्रोजेक्ट के तहत विकसित
INS अरिदमन भारतीय समुद्री सामरिक क्षमता को परमाणु‑स्तरीय प्रत्युत्तर क्षमता से लैस करती है और त्रि‑स्तरीय परमाणु निरोधक संरचना को और मजबूती देती है।
रणनीतिक महत्व
INS तारागिरी और INS अरिदमन का नौसेना में शामिल होना भारत की समुंद्री सुरक्षा नीति, क्षेत्रीय प्रभाव और सामरिक सामर्थ्य को मजबूत करता है। बदलते सुरक्षा परिदृश्यों और बढ़ती कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच ये युद्धपोत भारत को स्थिरता, प्रभुत्व और रणनीतिक लचीलेपन की दिशा में एक निर्णायक बढ़त देंगे।

22/03/2026

I got over 100 reactions on my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

22/03/2026

I got over 100 reactions on my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

15/01/2026

I got over 20 reactions on one of my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

25/11/2024
Want your business to be the top-listed Computer & Electronics Service in Agra?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Address


Block 18 Cloth Market Sanjay Place
Agra
282002