Bah Bateshwar
बटेश्वर के मंदिर सुबह के सूरज की रौशनी में यमुना में पड़ते अपने प्रतिबिम्ब से एक मोहक चित्रमाला प्रस्तुत करते है ऐसा आइना तो पास ही स्थित विश्व आश्चर्य ताजमहल के पास भी नहीं है पूरा परिदृश्य बेहद सुन्दर और शांतिपूर्ण है।
हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करे
https://youtube.com/c/FaagLok
29/01/2026
श्री भगीरथ प्रसाद दीक्षित (1884–1976)
भदावर और बटेश्वर की माटी के एक महान विद्वान, शिक्षक, लेखक और उच्चकोटि के हिन्दी समीक्षक। आपका जन्म ग्राम मई, बटेश्वर में हुआ, आपका हिन्दी साहित्य, शोध और समीक्षा में आपका योगदान अमूल्य है। बटेश्वर का वर्णन, महाकवि भूषण तथा रीति-कालीन काव्य पर आपके शोधपूर्ण लेख हिन्दी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।
प्रयाग में शिक्षादीक्षा प्राप्त कर आपने कोटा (राजस्थान), लखनऊ और काशी जैसे विद्या-केन्द्रों में प्रधानाध्यापक, शिक्षक, प्रोफेसर तथा शोधकर्ता के रूप में हिन्दी की सेवा की। नागरी प्रचारिणी सभा, हिन्दी साहित्य सम्मेलन और अनेक प्रतिष्ठित विद्यालयों से आपका सक्रिय संबंध रहा।
हिन्दी साहित्य के उच्चकोटि के समीक्षक, शोधकर्ता और लेखक के रूप में महाकवि भूषण, बटेश्वर का वर्णन तथा रीति-कालीन काव्य पर आपका कार्य विशेष रूप से स्मरणीय है। आपकी कृतियाँ और शोधपूर्ण लेख हिन्दी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।
आप सुप्रसिद्ध क्रान्तिकारी श्री गेंदालाल दीक्षित के छोटे भाई थे। अपने भाई के अनुरूप क्रान्तिकारी प्रवृत्तियों में भाग लेने, संकटों से जूझने और बाधाओं से टकराने का आपका स्वभाव बन गया था। आपने विद्वत्ता के साथ-साथ वैचारिक साहस और राष्ट्रीय चेतना को भी जीवनभर आगे बढ़ाया। आपका निधन 8 जनवरी 1976 को लखनऊ में हुआ।
भदावर और बटेश्वर को आप पर गर्व है। नमन🙏
#भदवारगौरव
10/01/2026
भदावर क्षेत्र के समृद्ध और विविध धार्मिक एवं आध्यात्मिक मानचित्र का विस्तृत वर्णन
25/12/2025
बाह में नकली नोट छाप रहे।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the public figure
Telephone
Website
Address
Bateshwar, Bah
Agra
283104