Awadhesh Rajat
दोस्त बन कर दगा नहीं करते,
प्यार दे कर ठगा नहीं करते।
दिल न जिनसे मिले कभी उनके,
हम गले से लगा नहीं करते।।
©अवधेश रजत
01/01/2025
हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं
14/09/2024
#विश्व_हिन्दी_दिवस की #शुभकामना #छन्द
राष्ट्र की है भाषा हिन्दी मीठी व सरल अति,
मातृभाषा कह इसे फूले न समाते हैं।
व्याकरण ले विशाल बिन्दी बन सजी भाल,
लेखक व कवि इसे समृद्ध बनाते हैं।
बाँधती है एक सूत्र में ये पूरे भारत को,
सीखने विदेशी जिसे खिंचे चले आते हैं।
अपने परायों में जो रखती है भेद नहीं,
आठों याम उसके ही गुण हम गाते हैं।।
©अवधेश मिश्र रजत
वाराणसी
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