GK Library
GK Libeary एक हिंदी फेसबुक पेज है जिसमें हर तरह की रोचक जानकारियां हिंदी में और सरल तरीके से दी जाती है इसकी स्थापना 24 जून 2016 को की गई थी
15/02/2026
महाशिवरात्रि
* महाशिवरात्रि भारतीयों का एक प्रमुख त्यौहार है
* यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है
* माघ फागुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है
* माना जाता है कि सृष्टि का प्रारम्भ इसी दिन से हुआ
* पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरम्भ अग्निलिंग (जो महादेव का विशालकाय स्वरूप है) के उदय से हुआ
* इसी दिन भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था
* महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव व पत्नी पार्वती की पूजा होती हैं यह पूजा वृत रखने के दौरान की जाती है
* साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है
* भारत सहित पूरी दुनिया में महाशिवरात्रि का पावन पर्व बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है
* कश्मीर शैव मत में इस त्यौहार को हर-रात्रि और बोलचाल में 'हेराथ' या 'हेरथ' भी कहा जाता हैं
* इस अवसर पर भगवान शिव का अभिषेक अनेकों प्रकार से किया जाता है। जलाभिषेक : जल से और दुग्धाभिषेक : दूध से।
* शिव पुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि पूजा में छह वस्तुओं को अवश्य शामिल करना चाहिए:
> शिव लिंग का पानी, दूध और शहद के साथ अभिषेक। बेर या बेल के पत्ते जो आत्मा की शुद्धि का प्रतिनिधित्व करते हैं;
> सिंदूर का पेस्ट स्नान के बाद शिव लिंग को लगाया जाता है। यह पुण्य का प्रतिनिधित्व करता है;
> फल, जो दीर्घायु और इच्छाओं की सन्तुष्टि को दर्शाते हैं;
> जलती धूप, धन, उपज (अनाज);
> दीपक जो ज्ञान की प्राप्ति के लिए अनुकूल है;
> और पान के पत्ते जो सांसारिक सुखों के साथ सन्तोष अंकन करते हैं।
* शिवपुराण के मुताबिक, शिवलिंग पर कभी भी तुलसी के पत्ते, हल्दी, सिंदूर और कुमकुम अर्पित नहीं करने चाहिए. उन्हें नारियल या नारियल का पानी भी पसंद नहीं है. इसलिए इन चीजों को भूलकर भी महाशिवरात्रि पर उन्हें चढ़ाने की गलती न करें
29/01/2026
परानुकम्पी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic nervous system)
* स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के दो भाग होते हैं। ये हैं-
(i) अनुकम्पी तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system)
(ii) परानुकम्पी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic nervous system)
यहां हम परानुकम्पी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic nervous system) के बारे में जानेंगे
* यह युग्मित गैन्गलियोनिक श्रृंखला का बना होता है जो मस्तिष्क से आरम्भ होता है तथा स्पाइनल कॉर्ड के सेक्रल भाग से भी उत्पन्न होती है पेरासिम्पैथेटिक गैन्गलिया सिर, गर्दन और सेक्रल क्षेत्र में रहता है
* यह उन सभी अंगों को नर्व (Nerve) सप्लाई करता है जिन्हें सिम्पैथेटिक सिस्टम सप्लाई करता है
* सिम्पैथेटिक तथा पैरा सिम्पैथेटिक तंत्रिका समान अंगों को नर्व सप्लाई करती है किन्तु इनका असर एक-दूसरे से विपरीत होता है
* परानुकम्पी तंत्रिका-तंत्र के कार्य:
> यह आँख की पुतलियों (Pupil) को सिकोड़ता है
> यह स्वेद ग्रन्थियों से पसीने के स्राव को घटाता है
> यह लार ग्रन्थियों के स्रवण को बढ़ाता है
> यह हृदय स्पन्दन को घटाता है
> यह सभी रुधिर वाहिनियों को फैलाता है
> यह एड्रीनल स्रवण को कम करता है
> यह मूत्राशय की पेशियों को सिकोड़ता है
> यह लैक्राइमल ग्रन्थियों के स्रवण को कम करता है
> यह रक्त में शर्करा के स्तर को कम करता है
> यह आहारनाल के क्रमानुकुंचन को बढ़ाता है
> यह पाचन ग्रन्थियों के स्रवण को बढ़ाता है
> यह गुदा के स्फिक्टर को फैलाता है
> इसकी क्रिया से बाल (रोंगटे) खड़े नहीं होते हैं
> यह श्वसन दर को कम करता है
> यह रक्त दाब (Blood pressure) को कम करता है
> यह रुधिर में RBC की संख्या में कमी करता है
> इस तंत्रिका-तंत्र का प्रभाव सामूहिक रूप से आराम एवं सुख की स्थितियाँ उत्पन्न करता है
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