Hamara Manch
25/10/2025
दुनिया में वही लोग बुरे हैं जो भले हैं
ढूँडोगे अंधेरे तो चराग़ों के तले हैं
छोड़ा न गया धूप में जिस पेड़ का साया
आँधी में उसी पेड़ से हम बच के चले हैं
ये देखिए फिर भी न बदल पाई ये दुनिया
लोगों ने तो भूलों पे बहुत हाथ मले हैं
वो भी तो हमें छोड़ के रुख़्सत हुए कब के
हम जिन के अँधेरों में चराग़ों से जले हैं
ऊँचाइयाँ हासिल हुईं तक़दीर से जिन को
इक रोज़ वो सब लोग भी सूरज से ढले हैं
तक़दीर ने उन को भी सितारों पे बिठाया
'पर्वाज़' जो इंसान ग़रीबी में पले हैं
विजेंद्र सिंह परवाज़
दुनिया हैरान है हमारी विरासत और इतिहास देख कर पर हमें उसी पर गर्व नहीं है | Dharmesh Avichal | Hamara Manch Kavi Sammelan 2025
सिर्फ दिखावे के लिए जबरदस्ती भारत माता की जय बोलने से क्या होगा 🇮🇳 Yashpal Yash | Hamara Manch Kavi Sammelan
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