Akhand Chauhan
08/09/2024
ओंकार नाम के एक व्यक्ति ने साल 2015 में एक नाबालिग और मासूम बच्ची का रेप किया। उसे कोर्ट में दोषी पाया गया और 10 वर्ष की सजा हुई।
रेप की घटना के कुछ महीनों के बाद ही पीड़ित मासूम बच्ची की मौत हो गई। बेटी की मृत्यु से पिता को सदमा लगा और उनकी भी मृत्यु हो गई। उस समय पीड़ित बच्ची का एक नाबालिग भाई लवप्रीत ही बचा, जो 10 वर्ष का था।
इस बीच दुनिया भर में कोरोना वायरस आ गया और जइस वायरस को फैलने से रोकने के लिए भीड़ पर अंकुश लगा दिया। जेलों से भी कैदियों को सजा माफ कर के या पैरोल पर छोड़ा जाने लगा।
कई अन्य अपराधियो की तरह ओंकार की भी सजा समय से पहले समाप्त कर दी गई और ओंकार जेल से छूट कर घर वापस गया। समय गुजरता गया और दिन आया 28 अगस्त 2024 का। गांव बिशनपुर जट्टां के बाहर एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला।
पुलिस ने पहचान की कोशिश शुरू की तो पहचान हुई, गाँव के ही ओंकार के रूप में। पुलिस के कत्ल की गुत्थी सुलझाई तो पता चला, 2015 में उसने जिस बच्ची का बलात्कार किया था, उसके भाई लवप्रीत ने ही ओंकार का वध किया है।
कोर्ट का वीडियो देखिये, लवप्रीत के चेहरे पर विजयभाव और बदला पूर्ण होने की तृप्ती साफ दिखाई दे रही। यह हत्या नहीं, वध ही है।
साभार ~ Malal
जिनकी Profile पर उनकी Original Photo ना हो तो वो fb पर Friend Request ना भेजा करें,जब तुम मुँह दिखाने के लायक ही नहीं हो तो मित्रता कैसी
कितनी खूबसूरती से हमें धोखा दिया गया
पहले कहा" बच्चे, दो ही अच्छे "
अब कह रहे हैं "जिनकी ज्यादा संख्या, उनका उतना हिस्सा !"😡
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