Ankit
22/10/2024
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वोट देवे के मुहूरत हो | Vote Dewe Ke Muhurat Ho | Vidhansabha Song | ECI This beautiful song developed by CEO Jharkhand office effectively explains the facilities present at Polling Booth.Encourage all of Your Friends, family and ...
14/10/2024
फ़राज़ अहमद फ़राज़ उर्दू शायरी के आकाश के एक चमकते सितारे थे, जिनकी ग़ज़लें और शायरी दिलों को छू लेने वाली होती हैं। उनकी रचनाओं में मोहब्बत, दर्द, तन्हाई और बग़ावत का बेमिसाल संगम देखने को मिलता है। फ़राज़ का अंदाज़-ए-बयां सादा और असरदार होता था, जिसमें गहरे अहसास और इंसानी जज़्बातों की बारीकियाँ बख़ूबी उभरती हैं।
फ़राज़ की शायरी का सबसे ख़ास पहलू यह है कि वह महज़ प्रेम और विरह तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज की विसंगतियों और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ भी उठाती है। उनकी ग़ज़लें प्रेमी दिलों की तर्जुमानी करती हैं, वहीं कुछ रचनाएँ इंक़लाब की प्रेरणा देती हैं। उनके मशहूर अशआर, जैसे "रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ," आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं और महफिलों की रौनक बढ़ाते हैं।
फ़राज़ की शायरी ने उर्दू अदब को नई बुलंदियों पर पहुँचाया और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल क़ायम की। उनकी रचनाएँ न केवल पाकिस्तान और हिंदुस्तान में, बल्कि दुनिया भर में उर्दू प्रेमियों के बीच बेहद मक़बूल हैं।
आसाराम और राम रहीम के भी लाखों भक्त हुआ करते थे....
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