BackwardNama

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14/12/2025

"IAS संतोष वर्मा की बर्खास्तगी के खिलाफ बड़े आंदोलन होंगे और हम बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे"

-दामोदर सिंह यादव का बड़ा बयान

04/12/2025

"महात्मा फुले का अपमान करने वाले आनंद स्वरूप पर कार्यवाही सरकार करे नहीं तो अम्बेडकरवादी कर देंगे…"
- दामोदर सिंह यादव, आज़ाद समाज पार्टी नेता

04/12/2025

"राष्ट्र निर्माण के लिए सकारात्मक सोच जरूरी"

राष्ट्रनिर्माण के लिए सकारात्मक सोच पर चर्चा हो रही है और उस चर्चा में 2 मिश्र, एक मिश्रा और एक त्रिपाठी हैं. जबकि 85% आबादी का कोई प्रतिनिधि नहीं।

जागो बैकवर्ड जागो!!

03/12/2025

महाजन कमीशन रिपोर्ट 1983 और ओबीसी आरक्षण का बहुत गहरा और सीधा राजनीतिक कनेक्शन है|

यही कारण था कि
इस रिपोर्ट को दबाया गया और कभी सार्वजनिक नहीं होने दिया गया| OBC आरक्षण और बाबरी विध्वंस का राजनीतिक कनेक्शन 1990-92 को समझिए|

अगस्त 1990 में मंडल कमीशन लागू हुआ. वी.पी. सिंह की सरकार ने ओबीसी को 27% आरक्षण लागू किया| इससे इससे पूरे भारत में भयंकर विरोध हुआ, खासकर ऊपरी जातियों सवर्णों में.

छात्रों ने आत्मदाह किए, दंगे हुए, भाजपा-आरएसएस बहुत नाराज़ थी क्योंकि उनका परंपरागत वोट बैंक सवर्ण छिटक रहा था|

मंडल ने जवाब में भाजपा ने कमंडल (राम मंदिर आन्दोलन) को हथियार बनाया. लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा सितम्बर 1990 इसी का हिस्सा थी – इसका मकसद सवर्णों को एकजुट करना और OBC आरक्षण के गुस्से को हिंदुत्व की ओर मोड़ना था|

नतीजा यह हुआ कि →“राम मंदिर के नाम पर – ओबीसी और सवर्ण एक मंच पर आ गए!”

जस्टिस महाजन ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा कि —
“बाबरी मस्जिद का विध्वंस एक सुनियोजित राजनीतिक साज़िश थी जिसका मुख्य उद्देश्य मंडल कमीशन के OBC आरक्षण के खिलाफ सवर्ण हिंदुओं में पैदा हुए असंतोष को हिंदुत्व के नाम पर एकजुट करना और वोट में बदलना था।”

बाबरी ढहाना सिर्फ धार्मिक मुद्दा नहीं था, बल्कि मंडल ओबीसी आरक्षण का जवाबी हमला था|

रिपोर्ट दबाने की असली वजह यह भी था कि – अगर यह रिपोर्ट 1993 में सार्वजनिक हो जाती तो, साबित हो जाता कि राम मंदिर आन्दोलन का असली मकसद OBC आरक्षण को कमजोर करना था|

जागो बैकवर्ड जागो!!

02/12/2025

जिसको संविधान नहीं मनुस्मृति चाहिए। उठाओ अपना मनुस्मृति और फूटो यहां से। यह देश बाबा साहब के संविधान से चलेगा, तुम्हारी दो कौङी की मनुस्मृति से नहीं।

29/11/2025

TMC क्षेत्रीय पार्टी है,
इस पार्टी को इलेक्टरोल बॉन्ड के जरिए 1397 करोड़ रुपए मिले.

इसके बावजूद Mamta Banerjee दौलत की बेटी नही हैं.

कारण मनुवादियों की अवधारणा में दौलत की बेटी केवल बहन मायावती हैं.

ब्राह्मण ममता बनर्जी बंगाल का सत्यानाश कर रही है कोई भी ब्राह्मण इसके खिलाफ नहीं बोलेगा क्योंकि ममता बनर्जी ब्राह्मण जाति से आती हैं.

और ना ही कोई मीडिया कर्मी ममता से कहेगा कि आप ब्राह्मण होकर देश का सत्यानाश क्यों कर रही है?

मनुवाद अपने जाति के नेताओं की रक्षा करता है और OBC SC ST नेताओं को बदनाम करता है.

यही मनुवाद है,यही जातिवाद है

जागो बैकवर्ड जागो!!

28/11/2025

पश्चिम बंगाल में आप क्षत्रिय + OBC व दलित समाज का स्थिति को देखें📍

पश्चिम बंगाल में अब तक 8 मूख्यमंत्री हुए हैं।

ब्राम्हण मुख्यमंत्री :-👇

1. प्रफुल्ल चंद्र सेन - 5 वर्ष
2. अजय कुमार मुखर्जी - 2 वर्ष
3. सिध्दार्थ शंकर रे - 5 वर्ष
4. बुद्धदेव भट्टाचार्य - 11 वर्ष
5. ममता बनर्जी - 14 वर्ष से कान्टीन्यू

कायस्थ मुख्यमंत्री -

1. डॉ बिधान चंद्र राय 14 वर्ष
2. ज्योति बसु - 23 वर्ष

यादव (अहीर) मुख्यमंत्री -

1. सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ प्रफुल्ल चंद्र घोष लगभग 1 वर्ष

राजपूत मुख्यमंत्री - 00

अन्य OBC मुख्यमंत्री - 00

दलित मुख्यमंत्री - 00

मुस्लिम मुख्यमंत्री - 00

आइए अब पश्चिम बंगाल में ब्राम्हण ममता बनर्जी जी के कार्यकाल की वर्तमान स्थिति दिखाते है

पश्चिम बंगाल विधानसभा :-👇

नेता सदन- ममता बनर्जी
उपनेता सदन- शोभनदेब चटर्जी
विधानसभा अध्यक्ष- बीमन बनर्जी
विधानसभा उपाध्यक्ष- अशीष बनर्जी

ममता दीदी के स्वजातिय की वहां के मंत्रीमंडल में हिस्सेदारी:-👇

कैबिनेट मंत्री - 4
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार- 2
राज्यमंत्री - 3

तृणमूल कांग्रेस बंगाल प्रदेश अध्यक्ष- ऋताव्रता बनर्जी
राष्ट्रीय महासचिव- अभिषेक बनर्जी (कुल-3) मुख्य सलाहकार मुख्यमंत्री- अलापन बंदोपाध्याय

सचिवों की सूची :-👇

मुख्य सचिव- मनोज पंत
मुख्य सचिव गृह- नंदिनी चक्रवर्ती
उपभोक्ता मामला- अत्रि भट्टाचार्य
पर्यावरण- प्रभात मिश्रा
वित्त- हरि कृष्ण द्विवेदी (ACS)
उच्चतर शिक्षा- आर.एस. शुक्ला (ACS)
गृह- अलापन बंदोपाध्याय (ACS)
उद्योग- अलापन बंदोपाध्याय (ACS)
जमीन/जमीन सुधार- मनोज पंत (ACS)
लघु उद्योग- राजन पांडे
संसदीय कार्य- अलापन बंदोपाध्याय (ACS) सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन- हरि कृष्ण द्विवेदी सार्वजनिक स्वास्थ्य- मनोज पंत (ACS)
पर्यटन- नंदिनी चक्रवर्ती
जल संसाधन - प्रभात मिश्र
राज्य पुलिस सलाहकार- मनोज मालवीय

TMC के कुल राज्यसभा सांसद- 16
मुख्यमंत्री जी के स्वजातीय- 06

TMC के कुल लोकसभा सांसद - 29 मुख्यमंत्री जी के स्वजातीय- 09

बंगाल में TMC के कुल विधायक- 229 टोटल विधायक अपर कास्ट (ब्राह्मण, कायस्थ बहुलता)-112

बंगाल के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की सूची-- (मुख्यमंत्री जी के स्वजातियों का जलजला है)

रविंद्र भारती विश्वविद्यालय- शुभ्रो कमल मुखर्जी प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय- नारायण चक्रवर्ती
पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय- सौरन बंदोपाध्याय
विद्यासागर विश्वविद्यालय- सुशंता चक्रवर्ती
बांकुरा विश्वविद्यालय- देव नारायण बंदोपाध्याय (निवर्तमान)
काजी नाजरुल विश्वविद्यालय- देबाशीष बंदोपाध्याय
गौर बंग विश्वविद्यालय- पवित्र चट्टोपाध्याय
उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय- विश्वजीत चटर्जी नेता जी सुभाष चन्द्र बोस विश्वविद्यालय- इंद्रजीत लहिरी
बाबा साहब अंबेडकर विश्वविद्यालय (पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी आफ टीचर्स ट्रेनिंग)- सोमा बंदोपाध्याय
मौलाना अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय- तपस चक्रवर्ती

हरिचंद्र गुरुचंद्र विश्वविद्यालय- रुप कुमार

हिंदी विश्वविद्यालय- दामोदर मिश्रा

कन्याश्री विश्वविद्यालय- मीता बनर्जी

अलीपुरद्वार विश्वविद्यालय- रथिन चक्रवर्ती

पश्चिम बंगाल में कुछ नाम व सरनेम अनेक वर्गों में मिलते हैं, इसको लेकर भ्रम हो सकता है, 1-2 नाम व पहचान सुधार योग्य हो सकते हैं,

खैर, पश्चिम बंगाल में जिस प्रकार नैरेटिव बनाया गया है कि सब मु'स्लिम ही है, उन्हें सही आंकड़े देखने चाहिए।

आखिर OBC व दलित बाहुल्य आबादी वाले पश्चिम बंगाल में उन्हें उनका हक कब मिलेगा ??? 😳

जागो बैकवर्ड जागो!!

28/11/2025

कोई राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री बना देने से दलितों का उद्धार नहीं हो जाएगा। एक-एक दलित को जब तक हमारे बराबर का स्टैंड ना मिल जाए तब तक उनका आरक्षण रोकने की क्षमता किसी सरकार में नहीं होनी चाहिए।

#आरक्षण

24/11/2025

आरक्षण को एक ही तरह खत्म किया जा सकता है कि सबसे पहले जातिवाद को खत्म करो। जातिवाद, भेदवाद, छुआछूत यह खत्म करो। और आरक्षण को खत्म करने के लिए जो जितने भी आय के साधन हैं वह समान अनुपात में जितने भी जातियां हैं उन अनुपातों में बांटा जाएं ।

#आरक्षण

Photos from BackwardNama's post 23/11/2025

उत्तर प्रदेश की रहने वाली उजाला सिंह ने बिहार के एक गरीब लड़की की फर्जी EWS बनवाकर सीट खा ली, उजाला अभी गया जिले में APO के पद पर कार्यरत हैं.

उत्तर प्रदेश की रहने वाली उजाला ने फर्जी तरीके से बिहार के औरंगाबाद जिले से छोटी से पैतृक जमीन दिखा कर फर्जी EWS बनवाया , वरना किसी बाहर स्टेट के बच्चे को बिहार में जनरल कैटेगरी में ही फाइट करना पड़ता , अगर आप मार्कशीट देखेंगे तो पाएंगे कि अगर उजाला ने फर्जी EWS नहीं लगाया होता तो किसी गरीब बच्ची को वो जगह आराम से मिल गई होती , लेकिन रानी साहिबा ने तो बेइमानी करना और प्रजा को ठगना उचित समझा।

आप मैडम का वोटर डिटेल्स देख सकते है जो वाराणसी उत्तर प्रदेश की हैं और ड्राइविंग लाइसेंस तो फर्जी तरीके से नौकरी पाने के बाद 2023 में ही वाराणसी के एड्रेस पर बना है , बिहार के कुछ अधिकारी और मामा जी ( ADJ) साहब उजाला को बचाने में लगे हैं , उजाला के भाई ने भी फर्जी EWS के सहारे BPSC मेंस की परीक्षा इसी वर्ष लिखी है ,नीचे मै और दस्तावेज संलग्न कर रहा हूं।

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