StartUp Guru
24/01/2021
How startup can avoid taxes for three years under startup India scheme? How startup can avoid taxes for three years under startup India scheme?
19/01/2021
सक्सेस स्टोरी: आईआईटी भिलाई में पढ़ते हुए आनंद ने स्टार्टअप कंपनी बनाई, 20 लाख का पैकेज छोड़ा, 6 बै फर्स्ट बैच से निकले छात्र आनंद पंचभाई की सक्सेस स्टोरी, जिसने सरकार से मिले ग्रांट को अवसर में बदला,कंपनी मलेरिया, ....
18/01/2021
स्टार्टअप इंडिया फंड लॉन्च: देश में 41,000 से ज्यादा स्टार्टअप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल समिट को संबोधित करते हुए 1,000 करोड़ का स्टार्ट-अ....
15/10/2020
स्टार्टअप शुरू करने से पहले पार्टनर से खुल के करें बात -
गलतियों से बचा नही जा सकता पर इसे काफी हद तक कम तो कर ही सकते हैं । स्टार्टअप करते समय मे अक्सर कुछ ना कुछ ऐसी गलती हो ही जाती है जो स्टार्टअप के लिए बहुत अधिक नुकसानदेह होता है । पार्टनर से संबंधित मुद्दे पर होनी वाली गलती एक ऐसी ही गलती है । अतः जब कभी आप अपने दोस्तों या अन्य किसी के साथ मिलकर स्टार्टअप बिजनेस शुरू कर रहें हैं तो आप दोनों को अपने बिजनेस से रिलेटेड सभी पॉइंट पर गहराई से विचार-विमर्श कर लेना चाहिये, ताकि भविषयबमे किसी तरह की कोई समस्या नही आये । आज के इस आलेख के माध्यम से हम ऐसी तरह के कुछ सुझावों को आपसे साझा करेंगे । जिससे बिजनेस शुरू करने से पहले ही आप अपने अग्रीमेंट में इन सब बातों को शामिल कर भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं -
✔️ को-फाउंडर के बीच शेयर या इक्विटी किस तरह विभाजित होगी ?
✔️ को-फाउंडर्स की कंपनी मे क्या भूमिका और जिम्मेदारी होगी ?
✔️ अगर किसी कारण से कंपनी से कोई को-फाउंडर कंपनी से अलग होता है तो क्या कंपनी या अन्य को-फाउंडर को उसके शेयर खरीदने का अधिकार होगा ? अगर हां तो किस मूल्य पर ?
✔️ हर को-फाउंडर बिजनेस को कितना समय देगा ? इसके अलावे बिजनेस से इतर जिम्मेदारियों पर किस प्रकार की रोक होगी ?
✔️ को-फाउंडर्स को अपने काम के लिए कितनी सैलरीज मिलेंगी ? सैलरी अमाउंट को किस आधार पर बदला जा सकता है ?
✔️ बिजनेस से रिलेटेड मुद्दे व रोज के कामों पर निर्णय किस प्रकार लिये जाएंगे ( वोटिंग या केवल CEO के द्वारा ) ?
✔️ किन परिस्थितियों में किसी को-फाउंडर को बिजनेस के एक एम्पलॉई के तौर पर हटाया जा सकता है ?
✔️ बिजनेस को किसी अन्य कंपनी को बेचने का निर्णय किस प्रकार लिया जाएगा ?
✔️ अगर कोई को-फाउंडर इस अग्रीमेंट को साईन करने के बाद इसके नियम एवं शर्तों का उलंघन करता है तो ऐसे में उनके खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे ?
इन छोटी-छोटी बातों पर अगर बिजनेस स्टार्ट करने से पहले ही पार्टनर्स के साथ बातचीत खुल के हो जाये तो ये स्टार्टअप के लिए और आपकी पार्टनरशिप दोनों के लिए अच्छा रहेगा ।
11/10/2020
क्या आप न्यू स्टार्टअप हैं ? तो भूल कर भी ना करें ये गलतियाँ ।
आपका स्टार्टप आईडिया कितना भी बढ़िया क्यों नही हो, पर आपकी एक छोटी सी गलती आपके स्टार्टअप को सफलता से कोसों दूर ले जा सकती है । ऐसे में आपको अपने आईडिया को इम्प्लीमेंट करते वक़्त कुछ गलतियों से बचना चाहिये । आज के इस आलेख में अपने युवा साथियों को ऐसे ही कुछ छोटी-छोटी गलतियों के बारे में बताऊंगा जिससे की वो एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना सकें ।
एक रिसर्च के अनुसार देश मे करीब 45 प्रतिशत स्टार्टअप इसलिये फेल हो जाते हैं क्योकि उनका आईडिया मार्केट के हिसाब से फिट नही है । जबकि 25 प्रतिशत स्टार्टअप के फेल होने के पीछे सही टीम मैनेजमेंट का ना होना होता है । ऐसे में स्टार्टअप शुरू होने से पहले ही दम तोड़ देते हैं । ऐसी ही कुछ गलतियाँ निम्न है -
1. दूसरों के आईडिया से प्रेरित आईडिया पर काम करना या दूसरे के आईडिया का नकल करना - कभी कभी हम अपने स्टार्टअप आईडिया को ले कर अपने परिचित, वेल विशर, दोस्त आदि से डिस्कस करते हैं जिन्हें की आपके आईडिया से जुड़ा कोई जमीनी अनुभव नही होता और वो ना आपके टीम के सदस्य होते हैं जो आपके बिजनेस को नजदीक से जान या समझ रहें होते हैं । ऐसे में मेरा मनाना है कि वे आपके कितने भी शुभचिंतक क्यों ना हो आप उनसे सलाह तो ले पर अमल से पहले किसी विषय विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें ।
दूसरी बात आप बाजार के प्रतिद्वंदियों पर नजर रखते हैं ये अच्छी बात है पर अपनी हर प्लानिंग उनके स्ट्रेटजी को आधार बना कर करना सही नही है । बल्कि आपके स्टार्टअप की प्लानिंग, स्ट्रेटजी बिल्कुल यूनिक हो तो सक्सेस के चांसेस काफी बढ़ जाते हैं ।
[11/10, 2:53 pm] Rakesh Jha: 2. खराब लोकेशन - किसी भी स्टार्टअप के फेल होने का सबसे बड़ा कारणों में से एक कारण है खराब लोकेशन । जबकि किसी स्टार्टअप को अपना लोकेशन सेलेक्ट करने से पहले मार्केट साइज़, टारगेट कस्टमर्स तक पहुंच, कच्चा माल की प्राप्ति, सस्ता श्रम आदि बातों का ख्याल रखते हुवे अपने वर्क स्टेशन का लोकेशन का चुनाव करना चाहिए । अगर आप ये सोचते हैं कि शुरुआत कहीं से भी की जा सकती तो ठीक है पर सही लोकेशन से आपको अपने बिजनेस को बढ़ाने में काफी आसानी होती है ।
3. टीम पर भरोषा नही करना - कभी-कभी ऐसा होता है कि अपने बिजनेस के प्रति हद से ज्यादा लगाव या इनसिक्योर होने के कारण आप सबकुछ अकेले करने के चक्कर मे अपनी ऊर्जा और समय दोनों का सही उपयोग नही कर पाते जो कि आपके बिजनेस के लिए सही हैं । अतः आपको अपने टीम पर भरोषा अवश्य करना चाहिए और टीम के प्रत्येक सदस्य को उनके एक्सपर्टाइज और क्षमता के हिसाब से काम दे कर उनको समय समय पर मोटिवेट कर खुद की ऊर्जा और समय को तरीके से यूज करना चाहिये ताकि टीम में एक वर्क कल्चर डेवलप हो सके और बिजनेस स्मूथली रन कर सके ।
4. कभी कभी स्टार्टअप कंपनियों के द्वारा अपने उत्पाद को लेकर असुरक्षा की भावना के साथ कि क्या पता प्रॉडक्ट बाजार में बिकेगा की नही या हमारी सर्विस को लोक पसंद करेंगे कि नही । ये सोच आत्मविश्वास की कमी के कारण अपनी सेवाओं का मूल्य कम लागते हैं । जबकि वस्तु की कीमत इन सब बातों पर नहीं ये तो मार्केट रिसर्च, डिमांड और सप्लाई जैसे चीजों से निर्धारित होती है । अतः मैं यहाँ यही सलाह दूँगा की आप प्रॉपर मार्केट रिसर्च के आधार पर अपने उत्पाद या सेवाओं का मूल्य निर्धारण करें ।
5. फंडिंग की जल्दबाजी - ऐसा देखा गया है कि स्टार्टअप के द्वारा फंडिंग की बहुत जल्दबाजी होती है । इसके पीछे एक कारण यह भी है कि बाजार में किसी स्टार्टअप को फंड मिल जाना इंक्यूबेटर द्वारा उसके सफलता के रूप में प्रचारित किया गया है । जबकि होना ये चाहिए कि प्रारंभिक चरण में ही स्टार्टअप में फंड जुटाने की कवायद कभी-कभी गलत भी हो जाता है । क्योंकि एक बार मार्केट का पैसा आपके स्टार्टअप में इन्वेस्ट हो जाने पर परफॉर्मेंस को ले कर आप पर एक छोटा मोटा प्रेसर तो बन ही जाता है । अतः यहाँ हमारी सलाह रहेगी कि सबसे पहले आप अपने स्टार्टअप में खुद की सेविंग या फंड से काम लें तद्पश्चात जब आपका स्टार्टअप आईडिया बिजनेस करने लगेगा तो इंवेस्टर्स खुद आपके स्टार्टअप में इन्वेस्ट करने में रुचि लेने लगेंगे ।
6. जरूरत से ज्यादा तेज इम्प्लीमेंटेशन - हमर उद्यमी की ये चाहत होती है कि वो अपने स्टार्टअप को फ़ास्ट ग्रोइंग बनाए । एक हद तक ये सही भी है क्योकि आज के युग मे कस्टमर तक तेज सर्विस प्रोवाइड करना बिजनेस की खूबी है पर कुछ मामलों में निहायत सोच समझ कर प्रॉपर समय लेने की जरूरत होती है । अतः मेरा सलाह यही रहेगा कि आप अपना छोटा - छोटा टारगेट सेट करें । हर टारगेट पर पहुँचने में पूरी ताकत लगाए और फिर नेक्स्ट टारगेट के लिए विदा होने से पुर्व थोड़ा रुक कर अपने प्लान को रिवाइज कर आगे की योजना को ध्यान में रख आगे बढ़े । हमेशा स्पीड में रहना कभी कभी आपने बिजनेस को नुकसान पहुँचा सकता है । अतः समय समय पर स्व मूल्यांकन होते रहना चाहिए ।
7. वेबसाइ न होना - भले ही आप ऑनलाइन बिजनेस ना करते हों पर आज के इस टेक्नोलॉजी के युग मे आपके बिजनेस का एक वेबसाइट होना अत्यंत ही आवश्यक है । क्योंकि कोई भी कस्टमर आपकी सेवा खरीदने से पहले आपको जानना चाहता है ऐसे में आपके स्टार्टअप का वेबसाइ ना होना खुद में एक कमी होगी । अतः इस कमी को जितना जल्दी हो दूर कर लेना ही स्टार्टअप के हित में होगा ।
8. टीम चुनाव में जल्दबाजी - टीम के चुनाव में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी ना करें बल्कि मैं तो कहूँगा की डिग्री से ज्यादा काबलियत और वर्किंग एक्सपीरियंस को देख कर टीम हायर करना स्टार्टअप ज्यादा सही होता है । क्योंकि किसी भी स्टार्टअप के पास उतनी बड़ी पूँजी शुरुआत में नही होती कि वो बड़े-बड़े बिजनेस मैनेजमेंट की डिग्री वाले को हायर कर सके । ऐसे में अपने काम के प्रति प्यार और पैशन रखने वाले बन्दे को टीम में जगह दे डिग्री थोड़ी कमजोर भी रहेगा तो चलेगा ।
उपर्युक्त बातों को ध्यान में रख अगर आप अपने स्टार्टअप का संचालन करते है तो स्टार्टअप की सफलता की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है ।
नोट- आपको आज का आलेख कैसा लगा ? हमें जरूर बताएँ । स्टार्टअप से संबंधित आपकी अगर कोई जिज्ञासा हो तो हमसे आप इस पेज के माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं ।
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