Raju Ranjan
07/04/2026
भाजपा हटाओ, गौमाता बचाओ!
24/03/2026
हर सिलेंडर पर 29% की बचत।
विद सच ए सिम्पल सॉल्यूशन।
खबर पढ़ा तो दांतो तले उंगली दबा ली- 14 किलो के सिलेंडर में 10 किलो ही गैस मिलेगी। क्या गजब है, वैज्ञानिक सोच है - जब पूरे सिलेंडर को 71.42% गैस से ही भर सकते हैं..
तो 100% की जरूरत क्यो है?
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कक्षा छठवीं में विज्ञान की किताब में लिखा था कि गैस, निराकार होती है। वह फैलकर पूरा स्थान घेर लेती है। तो 10 किलो गैस भरने के बाद, उस लाल सिलेंडर का कोई भी कोना, आप खाली खोजकर नही दिखा सकते।
इसके बावजूद, कांग्रेस की अदूरदर्शिता के कारण हम महंगी गैस को 14 किलो तक ठूंस ठूंसकर भरते रहे। अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा बर्बाद हुई। अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ।
और देश कर्ज में डूबता गया।
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पर अब देश इकॉनमिक्स, और साइंस के साथ है। हर चीज का नये सिरे से हिसाब हो रहा है। अभी कल परसों की रैली में प्रधान जी ने कहा ही था कि हरेक का हिसाब होगा।
लोगो ने सोचा कि केवल तृणमूल पार्टी को कह रहे है। पर ऐसा नही होता। प्रभु प्रजा-प्रजा में भेद नही करते। कपड़े आप जैसे पहनें, धर्म कोई भी माने-
सिलेंडर सबको एक जैसा मिलेगा। दाम भी नही बढ़ेंगे, युद्ध के बावजूद सप्लाई बदस्तूर रहेगी। कोई कमी नही- 10 केजी इच।
एंड दैट्स कॉल्ड मातृचोट..
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स्केच पेन के एक स्ट्रोक से, देश का 29% गैस कंजम्प्शन घटा देना, आम मस्तिष्क की चीज नहीं। गजब तो यह है कि यह साधारण समाधान, आज तक भारत मे किसी को यह बात सूझा ही नही।
जीनियस ऐसे ही होते हैं। पिछली बार एक आदमी ने पेड़ से सेब गिरते देखा था। इसके बाद उसने ग्रेविटी खोज निकाली। जरा सोचिए, करोड़ो साल से सेव पेड़ से गिरते आये हैं।
लाखो लोगो ने गिरते देखा होगा।
पर ग्रेविटी खोजी सिर्फ न्यूटन ने..
क्योकि वो जीनियस था। और संयोग देखिए।
एन फ़ॉर नरेंदर, एन फ़ॉर न्यूटन।
दोनों का ईजाद किया फार्मूला भी काफी सिमिलर है। न्यूटन ने लिखा था - जी इज इक्वल टू एम वन एम टू बाई आर स्क्वेयर.. कुछ समझ आया?
नहीं?? अरे बेटा, ये जो हर सिलेंडर पे 4 किलो बचा..
वही एक्स्ट्रा टू एबी है।
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जीनियस लोग नया काम नही करते, वे पुराने काम को जीनियस तरीके से करते हैं। और अब आखरी बात..
गैस 14 किलो ही क्यो रहती थी।
नेहरू की गलती है। अन्वेषण से पता लगा की नेहरू का जन्मदिन 14 नवम्बर को होता है। जैसे कांग्रेस ने जगह जगह नेहरू यूनिवर्सिटी, नेहरू स्टेडियम, नेहरू साइंस सेंटर बनाये
वैसे ही गैस 14 किलो रखी-
उनका नाम अमिट बनाने के लिए।
लेकिन अब गैस 10 किलो रहेगी।
इतिहास का एक और दाग मिटेगा।
एक और कांग्रेसी किला ढहेगा।
💪😎✌️
भुत को य़ह भी पता है,बात माइक से करनी है,
लगता हैं भूत पढ़ा लिखा गलगुटिया यूनिवर्सिटी का विद्यार्थी है 😂
27/01/2026
अंधभक्त बड़े निकम्मे निकले अपना बाप बदल लिया और तेली भी बना डाला एक वैक्सीन क्या दिए 🥴😒
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