Mathura Voice
इत्र से कपड़ों को महकाना कोई बड़ी बात नहीं!
_ मजा तो तब है जब किरदार से खुशबू आये!! _ ✍️✍️ @Mr.
“तमन्ना किन्नर बनीं गरीब परिवार की मसीहा: बेटी की शादी में ₹5100 नगद, 51 बर्तन और कपड़ों के साथ किया कन्यादान”
नोएडा में दूसरे दिन भी बवाल, पुलिस से झड़प, पथराव:15 कंपनियों की फोर्स, 26 पुलिस अफसर भेजे; राहुल बोले- ये श्रमिकों की आखिरी चीख
नोएडा, यानी गौतमबुद्ध नगर में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारी मंगलवार को भी सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो झड़प हो गई। भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। पुलिस ने थोड़ी देर में ही हालात पर काबू पा लिया। प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया।
13/04/2026
राम एक के नहीं, वे सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति हैं।
गो ग्राम परखम में आयोजित श्री राम कथा में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने सुनाई बालक राम की कथा ।
फरह।राम किसी एक के नहीं है, राम तो सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति है। बालक राम के अयोध्या में जन्म लेने से समूचा वातावरण पुलकित हो रहा है। अयोध्या में उत्सव हो रहा है, घर-घर उत्सव चल रहे हैं, राम के जन्म से सर्व आनंद हो रहा है
ऐसी कथा से सोमवार को गो ग्राम परखम में आयोजित श्री राम कथा में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने भगवान राम और उनके भाइयों की बाल लीलाओं से श्रद्धालुओं को जोड़ा तो वातावरण पुलकित हो उठा। संगीत और भजन के साथ बाल कांड की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि राम कथा के तो रसिक भगवान महादेव, संत और सनातनी है।
आचार्य ने कहा कि संवत 1631 में रामचरितमानस का प्रकटीकरण हुआ, इसी तिथि को राम का भी जन्म हुआ। ऐसे में रामचरितमानस भौतिकवादी युग में अमृत के समान है।
बालक राम की सुबह की नींद और माता कौशल्या की लोरी की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण देवताओं को मोहित कर रहा है, अयोध्या में चारों तरफ हर्ष छाया हुआ है।
श्री राम और चारों भाइयों के नामकरण की कथा सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि राजा दशरथ गुरु आश्रम में गए, पूजन करने के बाद गुरु वशिष्ठ से चारों बालकों के नामकरण का आग्रह किया। गुरु वशिष्ठ ने गुण और ज्योतिषीय गणना के बाद चारों भाइयों का नामकरण किया।लक्ष्मण क्रोधित हैं, लेकिन वह भाई राम के लिए संत हैं।आचार्य ने कहा कि भगवान ने छह माह तक अयोध्या में सूर्योस्त नहीं होने दिया है, समूची अयोध्या श्री राम के जन्म में डूबी हुई है, घर-घर खुशियां और आनंद छाया हुआ है। ऐसे में चंद्रमा ने भगवान से कहा कि उनका भी नंबर आने दीजिए, इस पर भगवान ने कहा कि धैर्य रखिए, आपको गोकुल में आनंद लेना है।
आचार्य ने कहा कि राम एक के नहीं है, वह तो सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति हैं, इसलिए कभी भगवान की आराधना करें तो भाव से करें। अशुद्ध नहीं बोलिए, शुद्ध बोलिए, अशुद्ध बोलने से काम खराब होते हैं।व्यास गद्दी का पूजन यजमान सुरेश कौशिक, सतीश अवाना, वीना लवानिया, रविंद्र नागर, गीतांबर आनंद, महेंद्र खाली, राहुल शर्मा, संतोष मिश्रा, राकेश बजरंगी, हरिपाल सिंह, मुरारी अग्रवाल, श्याम सिंघल, राकेश लोधी, किशोर गुप्ता, उमेश बाबू, उमेश बहादुर, राम खिलाड़ी, संतोष मिश्रा आदि ने किया। कथा में हाई कोर्ट के जज चितरंजन दास, मंत्री केपी मलिक, आगरा मेयर हेमलता दिवाकर, राज्य सभा सदस्य तेजवीर सिंह, सांसद अनुज प्रधान, विधायक अमित अग्रवाल, मेघश्याम सिंह, किशन चौधरी, भगत सिंह बघेल, छोटेलाल बंसल, सुनील गर्ग, डा. हरी भदौरिया, सोहनलाल दीक्षित, सुनील पाठक आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
वेद मंत्रों के साथ व्यास गद्दी का पूजन और संचालन पवन दत्त मिश्रा और प्रमोद पांडे ने किया। महामंडलेश्वर ने गोपूजन किया।श्री राम कथा शुभारंभ से पहले आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने गो पूजन किया। राम कथा के दौरान भी श्रद्धालुओं को गौ की महत्ता बताई और गो पालन, गोरक्षा पर जोर दिया।
फरह।राम किसी एक के नहीं है, राम तो सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति है। बालक राम के अयोध्या में जन्म लेने से समूचा वातावरण पुलकित हो रहा है। अयोध्या में उत्सव हो रहा है, घर-घर उत्सव चल रहे हैं, राम के जन्म से सर्व आनंद हो रहा है
ऐसी कथा से सोमवार को गो ग्राम परखम में आयोजित श्री राम कथा में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने भगवान राम और उनके भाइयों की बाल लीलाओं से श्रद्धालुओं को जोड़ा तो वातावरण पुलकित हो उठा। संगीत और भजन के साथ बाल कांड की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि राम कथा के तो रसिक भगवान महादेव, संत और सनातनी है।
आचार्य ने कहा कि संवत 1631 में रामचरितमानस का प्रकटीकरण हुआ, इसी तिथि को राम का भी जन्म हुआ। ऐसे में रामचरितमानस भौतिकवादी युग में अमृत के समान है।
बालक राम की सुबह की नींद और माता कौशल्या की लोरी की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा वातावरण देवताओं को मोहित कर रहा है, अयोध्या में चारों तरफ हर्ष छाया हुआ है।
श्री राम और चारों भाइयों के नामकरण की कथा सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि राजा दशरथ गुरु आश्रम में गए, पूजन करने के बाद गुरु वशिष्ठ से चारों बालकों के नामकरण का आग्रह किया। गुरु वशिष्ठ ने गुण और ज्योतिषीय गणना के बाद चारों भाइयों का नामकरण किया।लक्ष्मण क्रोधित हैं, लेकिन वह भाई राम के लिए संत हैं।आचार्य ने कहा कि भगवान ने छह माह तक अयोध्या में सूर्योस्त नहीं होने दिया है, समूची अयोध्या श्री राम के जन्म में डूबी हुई है, घर-घर खुशियां और आनंद छाया हुआ है। ऐसे में चंद्रमा ने भगवान से कहा कि उनका भी नंबर आने दीजिए, इस पर भगवान ने कहा कि धैर्य रखिए, आपको गोकुल में आनंद लेना है।
आचार्य ने कहा कि राम एक के नहीं है, वह तो सनातन धर्म की प्रतिमूर्ति हैं, इसलिए कभी भगवान की आराधना करें तो भाव से करें। अशुद्ध नहीं बोलिए, शुद्ध बोलिए, अशुद्ध बोलने से काम खराब होते हैं।व्यास गद्दी का पूजन यजमान सुरेश कौशिक, सतीश अवाना, वीना लवानिया, रविंद्र नागर, गीतांबर आनंद, महेंद्र खाली, राहुल शर्मा, संतोष मिश्रा, राकेश बजरंगी, हरिपाल सिंह, मुरारी अग्रवाल, श्याम सिंघल, राकेश लोधी, किशोर गुप्ता, उमेश बाबू, उमेश बहादुर, राम खिलाड़ी, संतोष मिश्रा आदि ने किया। कथा में हाई कोर्ट के जज चितरंजन दास, मंत्री केपी मलिक, आगरा मेयर हेमलता दिवाकर, राज्य सभा सदस्य तेजवीर सिंह, सांसद अनुज प्रधान, विधायक अमित अग्रवाल, मेघश्याम सिंह, किशन चौधरी, भगत सिंह बघेल, छोटेलाल बंसल, सुनील गर्ग, डा. हरी भदौरिया, सोहनलाल दीक्षित, सुनील पाठक आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
वेद मंत्रों के साथ व्यास गद्दी का पूजन और संचालन पवन दत्त मिश्रा और प्रमोद पांडे ने किया। महामंडलेश्वर ने गोपूजन किया।श्री राम कथा शुभारंभ से पहले आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने गो पूजन किया। राम कथा के दौरान भी श्रद्धालुओं को गौ की महत्ता बताई और गो पालन, गोरक्षा पर जोर दिया।
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