Awadh Prahari
हमारे पूर्वजों के पारंपरिक बर्तन सिर्फ कला नहीं, बल्कि शुद्ध विज्ञान थे। चाहे मिट्टी की हांडी हो या पीतल का लोटा, हर बर्तन खाने के स्वाद, पोषण और हमारी सेहत को बढ़ाता था। आइए अपनी इस समृद्ध और वैज्ञानिक विरासत को फिर से अपनाएं!
#पारंपरिकबर्तन #भारतीयसंस्कृति
24/05/2026
संघ का कार्य तथा संघ की विचारधारा हम लोगों की नई गवेषणा नहीं है।
संघ ने तो परमपवित्र सनातन हिन्दू धर्म, हमारी प्राचीन संस्कृति, हमारा स्वयंसिद्ध हिन्दू राष्ट्र और अनादि काल से प्रचलित हमारा भगवा ध्वज आदि बातें ज्यों की त्यों सबके सामने रखी है। इन बातों में नई चेतना भरने के लिए समय के अनुसार आवश्यक कार्य प्रणाली को संघ अवश्य स्वीकार करेगा। इसके अतिरिक्त नया कुछ स्वीकार करने के लिए संघ तैयार नहीं है।
~ डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार
आद्य सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
श्री विश्वनाथं शरणं प्रपद्ये।।