Sethi Rasayan Shala

Sethi Rasayan Shala

Share

SETHI RASAYAN SHALA Manufacturers of Ayurvedic & Herbal Medicines | We Share Authentic Ayurvedic Health Tips, Disease Awareness & Natural Healing Knowledge Based on Traditional Principles | Promoting Holistic Wellness & Preventive Healthcare Through Trus Sethi Rasayan Shala established in the year 1980, is a leading manufacturer of Ayurvedic herbal products and pharmaceutical bulk drugs.The factory is established in Indore.

30/05/2026

80 वर्ष तक स्वस्थ, सक्रिय और प्रसन्न कैसे रहें ? जापान के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक की अनमोल सीख

आज चिकित्सा विज्ञान, बेहतर पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता के कारण मनुष्य की औसत आयु लगातार बढ़ रही है। अनेक देशों में लोग 80 वर्ष या उससे अधिक आयु तक जीवित रह रहे हैं।
लेकिन केवल लंबा जीवन ही पर्याप्त नहीं है, महत्वपूर्ण यह है कि जीवन के अंतिम पड़ाव तक व्यक्ति स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और प्रसन्न बना रहे।

जापान के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. हिदेकी वादा ने इसी विषय पर एक चर्चित पुस्तक लिखी है – "The 80-Year-Old Wall" (80 वर्ष की दीवार)। यह पुस्तक प्रकाशित होते ही लाखों प्रतियाँ बिक गईं और जापान की सर्वाधिक लोकप्रिय पुस्तकों में शामिल हो गई।
इसमें लेखक ने बताया है कि 60 से 80 वर्ष की आयु के बीच व्यक्ति किस प्रकार जीवन का आनंद लेते हुए स्वस्थ और खुशहाल रह सकता है।

खुशहाल और स्वस्थ बुज़ुर्ग जीवन के 44 सूत्र
शारीरिक स्वास्थ्य के लिए

1. 🚶 प्रतिदिन खूब पैदल चलिए।

2. 😌 गुस्सा आने पर गहरी साँस लीजिए।

3. 🏃 अपनी क्षमता के अनुसार नियमित व्यायाम कीजिए।

4. 💧 गर्मी में ए.सी. का उपयोग करते समय पर्याप्त पानी पीजिए।

5. 🍎 ताजे फल, सलाद और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दीजिए।

6. 🚶‍♂️ अधिक चलने से शरीर और मस्तिष्क दोनों सक्रिय रहते हैं।

7. 🛁 स्नान को सरल और सुरक्षित रखें।

8. 🌞 प्रतिदिन कुछ समय धूप में बैठिए।

9. 🌬️ खुलकर और गहरी साँस लेने की आदत डालिए।

10. ⚕️ अनावश्यक दवाइयों के सेवन से बचिए और चिकित्सकीय सलाह का पालन कीजिए।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए

11. 😊 जो है, उसे स्वीकार करना सीखिए।

12. 🧠 भूलना केवल उम्र का परिणाम नहीं, मस्तिष्क के कम उपयोग का भी परिणाम है।

13. 📚 सीखना कभी बंद मत कीजिए।

14. 🎨 कोई नया शौक अपनाइए।

15. 📺 लगातार टीवी देखने की आदत कम कीजिए।

16. 🎵 संगीत, पढ़ाई, लेखन या रचनात्मक कार्यों में समय बिताइए।

17. 😴 नींद न आए तो चिंता न करें, शरीर को आराम दें।

18. 🧩 दिमागी खेल, पहेलियाँ और पढ़ने की आदत बनाए रखें।

19. 🌈 हमेशा सकारात्मक सोच विकसित करें।

20. 🙏 हर परिस्थिति को शांतिपूर्वक स्वीकार करना सीखें।

सामाजिक जीवन के लिए

21. 🏠 घर में कैद होकर न रहें।

22. 👨‍👩‍👧‍👦 परिवार और मित्रों से जुड़े रहें।

23. 🤝 दूसरों के लिए अच्छा कार्य करें।

24. ❤️ जिन लोगों के साथ अच्छा महसूस हो, उनके साथ समय बिताएँ।

25. 🚫 नकारात्मक लोगों से उचित दूरी बनाए रखें।

26. 💬 मन की बात कहने में संकोच न करें।

27. 😊 मुस्कुराते और हँसते रहिए।

28. 🎉 सामाजिक गतिविधियों में भाग लीजिए।

29. 💖 खुश रहने वाले लोग सभी को प्रिय लगते हैं।

30. 🌻 अकेलापन हमेशा दुख नहीं होता, यदि आप स्वयं के साथ प्रसन्न हैं।

जीवन-दर्शन और व्यवहार

31. 🌿 संतोष जीवन का सबसे बड़ा सुख है।

32. 🎯 जो अच्छा लगे वही कीजिए, जो न भाए उसे छोड़ दीजिए।

33. 🍲 संतुलित मात्रा में अपनी पसंद का भोजन भी खाइए।

34. ⚖️ हर कार्य सावधानी और समझदारी से कीजिए।

35. 🩺 समय रहते अपना विश्वसनीय पारिवारिक चिकित्सक चुनिए।

36. 😄 कभी-कभी थोड़ा शरारती और बेफिक्र होना भी ठीक है।

37. 🤲 ज़रूरत पड़ने पर जिद छोड़ देना भी बुद्धिमानी है।

38. 🏅 प्रसिद्धि और प्रशंसा की लालसा कम कीजिए।

39. 👶 अपनी सरलता और मासूमियत बनाए रखिए।

40. 🌄 वर्तमान में जीना सीखिए।

41. 🎯 जीवन के नियम स्वयं तय कीजिए।

42. 💪 बीमारी से लड़ने के बजाय उसके साथ संतुलित जीवन जीना सीखिए।

43. 🌱 इच्छाएँ, सपने और लक्ष्य जीवन में ऊर्जा बनाए रखते हैं।

44. 😂 हँसी सबसे सस्ती, सुरक्षित और प्रभावी औषधि है।

कुछ अतिरिक्त महत्वपूर्ण सुझाव

✔ नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।
✔ पर्याप्त पानी पीने की आदत बनाए रखें।
✔ मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें।
✔ प्रतिदिन कम से कम एक ऐसा कार्य करें जिससे आपको खुशी मिले।
✔ कृतज्ञता (Gratitude) का अभ्यास करें और हर दिन किसी न किसी बात के लिए धन्यवाद महसूस करें।
✔ जीवन में उद्देश्य बनाए रखें, क्योंकि उद्देश्यपूर्ण जीवन अधिक संतोष और दीर्घायु प्रदान करता है।

बुढ़ापा कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक स्वाभाविक और सुंदर चरण है। यदि हम शरीर को सक्रिय, मन को सकारात्मक और संबंधों को मधुर बनाए रखें तो 60, 70 या 80 वर्ष की आयु भी जीवन का सबसे सुखद समय बन सकती है।

याद रखिए : उम्र केवल एक संख्या है, लेकिन उत्साह, जिज्ञासा और मुस्कान आपको सदैव युवा बनाए रखते हैं। 🌹

यह उपयोगी जानकारी अपने वरिष्ठ मित्रों, परिजनों और शुभचिंतकों के साथ अवश्य साझा करें ।

👉 अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर जुड़ें फेसबुक पेज को Like और Follow करें 🌐 Sethi Rasayan Shala

👉 व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें https://whatsapp.com/channel/0029VbCgYsA2f3EJ5BQkQV0i

10/05/2026

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण, पहचान और आयुर्वेदिक निवारण

आजकल बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड हृदय रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बड़ा कारण बन रहे हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या मुख्यतः कफ दोष वृद्धि, मेद धातु विकार और अग्निमांद्य कमजोर पाचन शक्ति के कारण उत्पन्न होती है । आयुर्वेद में कहा गया है कि अत्यधिक स्निग्ध, गुरु और मधुर आहार शरीर में कफ और मेद को बढ़ाकर धमनियों में अवरोध पैदा करता है ।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के प्रमुख कारण
1.गलत आहार : अधिक तैलीय, तला-भुना भोजन, फास्ट फूड, मैदा, मिठाइयाँ, अधिक घी, मक्खन, डेयरी उत्पाद, ठंडे पेय, पैकेज्ड फूड, धूम्रपान और शराब सेवन।
2.गलत जीवनशैली : शारीरिक श्रम और व्यायाम की कमी, दिन में सोना (दिवा निद्रा), देर रात तक जागना, मानसिक तनाव और अनियमित दिनचर्या। इससे कफ दोष बढ़ता है और शरीर में चर्बी जमा होने लगती है ।
3.अग्निमांद्य (Weak Digestion) : जब जठराग्नि कमजोर हो जाती है, तब भोजन पूरी तरह नहीं पचता और “आम” (विषैले तत्व) बनते हैं । यही आम रक्त और धमनियों में जाकर जमाव पैदा करते हैं ।

*आयुर्वेदिक रोग प्रक्रिया* अग्निमांद्य → आम निर्माण → रक्त में मिश्रण → धमनियों में जमाव → हृदय रोग
4.आनुवंशिक कारण : यदि परिवार में पहले से कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह या हृदय रोग की समस्या हो, तो जोखिम बढ़ जाता है।
5.शुगर एवं इंसुलिन रेसिस्टेंस : अधिक मीठा और परिष्कृत खाद्य पदार्थ खाने से इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ता है, जिससे ट्राइग्लिसराइड तेजी से बढ़ सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट को कैसे पहचानें ?
कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराया जाता है ।
कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol) 200 mg/dl से कम — सामान्य
200–239 mg/dl : बॉर्डरलाइन
240 mg/dl से अधिक : उच्च
LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) 100 mg/dl से कम : उत्तम
100–129 : सामान्य
130–159 : बढ़ा हुआ
160+ : खतरनाक
HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल)
40 mg/dl से कम : कम (जोखिम)
50–60+ : अच्छा एवं हृदय रक्षक
ट्राइग्लिसराइड (Triglycerides) 150 mg/dl से कम : सामान्य
150–199 : बॉर्डरलाइन
200+ : उच्च
500+ : अत्यधिक खतरनाक
पहचान का सरल तरीका : LDL ↑ ज्यादा + HDL ↓ कम = हृदय रोग का खतरा
ट्राइग्लिसराइड ↑ = फैटी लिवर, डायबिटीज और हार्ट रिस्क
कई बार व्यक्ति सामान्य दिखता है, लेकिन रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ निकलता है । इसलिए समय-समय पर जांच करवाना आवश्यक है ।

बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के लक्षण एवं नुकसान
मोटापा, आलस्य, भारीपन, अधिक पसीना, सांस फूलना, छाती में जकड़न ।
नुकसान : हृदय रोग, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, फैटी लिवर, मधुमेह।

आयुर्वेदिक निवारण एवं उपचार
1.आहार सुधार : जौ, ओट्स, हरी सब्जियाँ, लहसुन, अदरक, नींबू, सेब, अमरूद और पपीता का सेवन करें। कम तेल और कम नमक वाला भोजन लें। तला-भुना, मिठाइयाँ, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड फूड से बचें।
*2.आयुर्वेदिक औषधियाँ* चिकित्सक की सलाह से
त्रिफला चूर्ण : पाचन सुधारने एवं चर्बी कम करने में सहायक।
मेदोहर गुग्गुल : कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में उपयोगी।
अर्जुन छाल : हृदय को मजबूती प्रदान करती है।
लहसुन: प्राकृतिक लिपिड कंट्रोलर।
3.पंचकर्म चिकित्सा : वमन, विरेचन और बस्ती शरीर में जमा कफ, वसा एवं विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक माने जाते हैं ।
4.योग और प्राणायाम : कपालभाति, अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार तथा प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तेज चलना लाभकारी है।
5.घरेलू उपाय : सुबह खाली पेट 2–3 लहसुन की कलियाँ, गुनगुने पानी में नींबू, रातभर भिगोया हुआ मेथीदाना तथा अलसी का सेवन लाभकारी माना जाता है ।

आयुर्वेदिक चिकित्सक वैद्य नरेंद्र सेठी की सलाह समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल जांच कराएं । पाचन शक्ति सुधारना सबसे पहला उपचार है । कफ और मेद धातु को संतुलित रखें । दवा से अधिक महत्वपूर्ण सही आहार-विहार और नियमित दिनचर्या है ।

10/05/2026

🌸 हैप्पी मदर्स डे 🌸
स्वर्गीय मातुश्री मैना बाई सेठी की पावन स्मृति को सादर नमन । आपका स्नेह, संस्कार और आशीर्वाद
हमारे जीवन की अमूल्य धरोहर हैं । मातृ प्रेम सदैव हमारे हृदय में अमर रहेगा ।
💐 श्रद्धांजलि एवं विनम्र प्रणाम 💐
--नरेंद्र पदमा सेठी एवं सेठी परिवार 🙏

Want your practice to be the top-listed Clinic in Indore?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Address

Indore
452015

Opening Hours

Monday 9am - 6pm
Tuesday 9am - 6pm
Wednesday 9am - 6pm
Thursday 9am - 6pm
Friday 9am - 6pm
Saturday 9am - 6pm