Geet Sharma
सभी को मेरा सादर प्रणाम,
लगातार प्रशासन ओर नेताओ की आलोचना सभी जगह हो रही है। विचार करने वाली बात यह है की, क्या हमने अपनी जिम्मेदारी सही तरीक़े से निभाई है ? कही ऐसा तो नहीं हम अपनी गलती का ठीकरा प्रशासन पे ढोल रहे है!
प्रशासन की गलती क्या है!
की उसने नेताओ की सभा पे चुप्पी साध रखी थी ! राजनीतिक प्रोग्राम पे लगाम नहीं लगाई तो उसी समय का ध्यान हमें भी करना चाहिए, शादी में 200 लोगों की छुठ थी बुलाते हम 2000-3000 लोग थे, शवयात्रा में 50 लोगों की छुठ थी हम जाते 200-500 थे, नुक़्ते जीमने प्रशासन नहीं हमी जाते थे, जन्मदिन की पार्टी में हंगामा किसी नेता या प्रशासन ने नहीं, जनता ने ही किया है ।
प्रशासन ने शराब दुकान खोली पर ख़रीदने गए हम ही लोग थे, या कोई अधिकारी गया या नेता गया ? वहा बैठ के नियमो की धज्जियाँ किसने उड़ाई?
दुकान पे शोसल डिसटेंसिंग व मास्क ना पहनने की गलती हमी लोगों ने की थी या प्रशासन ने की!
बाज़ारों में भिड़ ना लगाने का नियम था पर तोड़ किसने हमी लोगों ने, इन सब को तब अगर प्रशासन ने सख़्ती से रोका होता तो इसका विरोध हमी सब करते ओर किया भी है ।
कई उदाहरण मिल जाएँगे एसे विरोध के अगर प्रशासन ने नेताओ को नहीं रोका तो हमें भी नहीं रोका, गलती अकेले किसी एक की नहीं है, हम सब भी इस लापरवाही के पूर्ण जिम्मेदार है ।
आज भी प्रशासन ने कई छुठ के साथ कर्फ़्यू लगाया है, सब्ज़ीवालों को चालित ठेले की छुठ दी है। पर हो क्या रहा है वो अपनी दुकान लगा के बेठ गया, ना मास्क पहनता है, ना कोई नियम का पालन करता है, ओर हम लोग भी पूरे परिवार के साथ सब्ज़ी ख़रीदने निकल जाते है।
ग़रीबी के नाम पे अपराध करने की छुठ हमी लोग उन्हें दिलाते है, ओर ये लोग दस की सब्जी पचास रु में बेच के रोब जमाते है- लेना हो तो लो।
टेक्सी वाले 50₹ की जगह दो सो माँग रहे है, दवाई वाले खुली लूट कर रहे है, किराना व्यापारी घर भरने में लगे है, कई लोगों को कर्फ़्यू में माहौल कैसा है, पूरे परिवार के साथ देखने जा रहे है ।
क्या प्रशासन उन्हें रोक रहा है ???
अगर प्रशासन सख़्ती करेगा तो फिर क्या होता है, मुझे बोलने की ज़रूरत नहीं Facebook - what’sapp पर विडियो चला के प्रशासन को गाली दी जाती है ।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए 15 दिन के सख़्त लॉकडाउन की आवश्यकता है और प्रशासन ये नहीं कर सकता है, तो हम लोग भी अपनी नेतीक जिम्मेदारी समझ कर 15 दिन की व्यवस्था कर घर में बंद हो जाए ये हमारे आने वाले भविष्य के लिए हो सही होगा ।
अगर बात सही नहीं लगे या किसी शब्द से मन दुखे तो माफ़ करे 🙏🏻
धन्यवाद
*सौ बात की एक बात....🙏*
🙏🏻भाजपा सक्षम होती तो मध्यप्रदेश में ना होता..
🙏🏻 कांग्रेस सक्षम होती तों छत्तीसगढ़ में न होता..
🙏 शिवसेना सक्षम होती तो महाराष्ट्र में न होता...
🙏🏻केजरीवाल सक्षम होते तो दिल्ली में ना होता..
🙏🏻मोदी जी सक्षम होते तो भारत मे ना होता..
🙏🏻पैसे से रुकता तो अमेरिका में न होता..
🙏🏻नेता सक्षम होते तो उन्हें खुद क़ो ना होता..
🙏🏻डॉक्टर सक्षम होते तो वे खुद ना मारे जाते..
🙏🏻सिलेब्रिटी सक्षम होते तो सचिन, अमिताभ आदि को ना होता..
यानी कोरोना से बचने का एक उपाय- ख़ुद क़ो सक्षम बनाए वो भी सावधानी और कड़ाई से। घर पर रहिए सुरक्षित रहिए और रखिए भी.....!!
और हाँ व्यर्थ मे अपना ज्ञान साझा न करें।🙏🏻🙏
14/12/2020
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